विकासमध्यप्रदेश

स्लीमनाबाद टनल निर्माण अंतिम चरण में: 14 जुलाई तक काम होगा पूरा, 15 को कर्मयोगियों का सम्मान

स्लीमनाबाद टनल निर्माण अंतिम चरण में: 14 जुलाई तक काम होगा पूरा, 15 को कर्मयोगियों का सम्मान

कटनी जिले में स्थित भारत की सबसे लंबी भूमिगत सिंचाई/जल सुरंग सुरंग ⁠बरगी व्यपवर्तन परियोजना का मुख्य हिस्सा जो नर्मदा नदी के पानी को विंध्य क्षेत्र के सूखाग्रस्त इलाकों तक पहुँचाने के लिए बनाई गई है। वर्षों से लंबित टनल निर्माण अब पूर्णता की ओर है। सतना सांसद गणेश सिंह ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार, सुरंग का मात्र 38 मीटर कार्य शेष है, जो 14 जुलाई 2026 तक पूरा हो जाएगा। इस चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को सफल बनाने वाले सभी कर्मयोगियों का 15 जुलाई को स्लीमनाबाद में भव्य सम्मान किया जाएगा।इस टनल के पूरी तरह चालू होने से मध्य प्रदेश के 5 से 6 जिलों (कटनी, मैहर, सतना, पन्ना और रीवा) के लगभग 1.85 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई का पानी मिलेगा और कटनी को पेयजल की आपूर्ति होगी।

कटनी के स्लीमनाबाद क्षेत्र में जमीन से 80 से 100 फुट नीचे देश की सबसे लंबी वाटर टनल की ऐतिहासिक परियोजना आकार ले रही है. बरगी व्यपवर्तन योजना की शुरुआत वर्ष 2008 में हुई थी. लक्ष्य था कि बरगी बांध का नर्मदा जल सूखा प्रभावित इलाकों तक पहुंचाया जाए. देश की सबसे लंबी 11.95 किलोमीटर की भूमिगत टनल है

अमेरिकी मशीन भी नहीं कर पाईं खुदाई

स्लीमनाबाद की कठिन भूगर्भीय संरचना ने इंजीनियरों की राह बेहद मुश्किल बना दी. संगमरमर, चूना पत्थर, डोलोमाइट और स्लेट की परतों के बीच खुदाई के लिए वर्ष 2011 में लाई गई अमेरिकी रोबिन्स टनल बोरिंग मशीन भी टूट गई. वहीं, इसकी शुरुआती 1.6 किलोमीटर खुदाई में ही साढ़े छह साल लग गए. बाद में जर्मन तकनीक और नई मशीनों की मदद से काम आगे बढ़ाया गया.

197 किलोमीटर की बन रही है पूरी नहर

टनल निर्माण के दौरान 300 से अधिक बार सिंकहोल बनने की घटनाएं सामने आई. कहीं जहरीली गैस निकली, तो कहीं अचानक पानी का रिसाव हुआ. कई बार मिट्टी धंसने से निर्माण कार्य रोकना पड़ा. लगभग 80 परिवारों का विस्थापन भी करना पड़ा. इन चुनौतियों के बीच कई मजदूरों ने अपनी जान गंवाई. यही कारण रहा कि 799 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत बढ़कर करीब 1600 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. पूरी परियोजना में करीब 197 किलोमीटर लंबी नहर, पाइपलाइन और टनल प्रणाली विकसित की जा रही है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
WhatsApp Icon
Whatsapp
ज्वॉइन करें
site-below-footer-wrap[data-section="section-below-footer-builder"] { margin-bottom: 40px;}