समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 10 जुलाई 2026 शुक्रवार

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सर्पदंश से बचाव एवं प्राथमिक उपचार संबंधी जानकारी : चिकित्सकों की अपील
मंदसौर 9 जुलाई 26 / मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. चौहान ने सर्पदंश के बचाव व उपचार संबंधी एडवाइजरी जारी की है उन्होंने बताया की वर्षा ऋतु के दौरान जिले में सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि होने की संभावना रहती है। सर्पदंश की रोकथाम, समय पर उपचार एवं जनसामान्य को सही जानकारी होना आवश्यक है।
क्या करें : सर्पदंश होने पर रोगी को शांत रखें, घबराने न दें तथा उसे कम से कम हिलाएं-डुलाएं, घाव को स्वच्छ पानी से धोकर साफ कपड़े से ढक दें, रोगी को शीघ्र निकटतम शासकीय स्वास्थ्य संस्था/अस्पताल पहुंचाएं, प्रभावित अंग को स्थिर रखें तथा अंगूठी, कड़ा, घड़ी, बेल्ट आदि निकाल दें क्योंकि सूजन बढ़ सकती है, यदि संभव हो तो साँप की पहचान सुरक्षित दूरी से करें, परंतु उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें, सर्पदंश का प्रभावी उपचार केवल एंटी स्नेक वेनम (ASV) है, जो शासकीय चिकित्सालयों में उपलब्ध है, अधिकांश मृत्यु उपचार में विलंब के कारण होती है, अतः बिना देर किए चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करें।
क्या नहीं करें: घबराएं नहीं एवं झाड़-फूंक पर विश्वास न करें, दंश वाले स्थान को न काटें और न ही चूसें, दंश वाले स्थान पर कसकर पट्टी (Tourniquet) न बांधें, बर्फ, मिट्टी, तेल, रसायन या कोई घरेलू उपचार न लगाएं, स्वयं दवा न लें तथा किसी अप्रमाणित उपचार का उपयोग न करें।
सर्पदंश से बचाव: खेतों या बाहर जाते समय पूरे पैर ढकने वाले जूते पहनें, रात में हमेशा टॉर्च का उपयोग करें, घर एवं आसपास की झाड़ियाँ, घास तथा कचरा साफ रखें, चूहों की संख्या नियंत्रित रखें तथा खाद्यान्न सुरक्षित रखें, हाथ या पैर किसी बिल, पत्थर या झाड़ी में डालने से पहले सावधानी रखें।
सर्पदंश के सामान्य लक्षण: दंश स्थल पर तेज दर्द, सूजन, बेहोशी या चक्कर आना, अत्यधिक पसीना आना, उल्टी या मतली, सांस लेने में कठिनाई, पलकों का भारी होना, धुंधला दिखाई देना।
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‘विश्व जनसंख्या दिवस अभियान’ के तहत 11 जुलाई को जिला चिकित्सालय से निकलेगी जनजागरूकता रैली
मंदसौर 9 जुलाई 26 / मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गोविंद सिंह चौहान द्वारा बताया गया कि जिले में जनसंख्या नियंत्रण और परिवार नियोजन के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से 11 जुलाई 2026 से 18 जुलाई 2026 तक विशेष पखवाड़ा/अभियान आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत 11 जुलाई 2026 को प्रातः 9:30 बजे जिला चिकित्सालय परिसर मंदसौर से एक विशाल जनजागरूकता रैली निकाली जाएगी।
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ग्राम कित्तुखेडी में भूमि आवंटन के संबंध में आपत्ती/ अभिमत 20 जुलाई तक प्रस्तुत करें
मंदसौर 9 जुलाई 26 / मल्हारगढ़ नायब तहसीलदार द्वारा बताया गया कि ग्राम पंचायत कित्तुखेडी द्वारा ग्राम कित्तुखेडी में स्थित शासकीय भूमि सर्वे नम्बर 415 रकबा 1.00 हेक्टेयर मे से 0.50 हेक्टेयर भूमि पर मांगलिक भवन निर्माण हेतु भूमि आबंटित करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है। मांगलिक भवन निर्माण के लिए अभिमत / आपत्ती 20 जुलाई 2026 तक प्रस्तुत कर सकते है।
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पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय लदूना में कक्षा 11वीं कला संकाय में प्रवेश हेतु 13 जुलाई तक आवेदन करें
मंदसौर 9 जुलाई 26 / पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय लदूना जिला मंदसौर में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 कक्षा 11वी कला संकाय (Humanities Stream) में प्रवेश हेतु पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र आमंत्रित किंये जाते है। आवेदन पत्र पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, लदूना जिला मंदसौर के कार्यालय से प्राप्त कर सकते है। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई 2026 है।
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जिले में अब तक 256.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
मंदसौर 9 जुलाई 26 / जिले में इस वर्ष अबतक औसतन 256.6 मि.मी. वर्षा दर्ज की गयी है। जबकि पिछले 24 घन्टों में मंदसौर जिले में 20.7 मिमी वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है। पिछले 24 घन्टों में भानपुरा में 51.2 मि.मी., भावगढ़ में 26.0 मि.मी., गरोठ में 12.2 मि.मी., मल्हारगढ़ मे 24.0 मि.मी., संजीत में 60.0 मि.मी., धुंधड़का में 12.0 मि.मी., मंदसौर में 10.0 मि.मी., शामगढ़ में 7.2 मि.मी., कयामपुर में 13.0 मि.मी., सीतामऊ में 10.0 मि.मी. एवं सुवासरा में 3.0 मि.मी. वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।
विगत 1 जून से अब तक वर्षामापक केन्द्र भानपुरा में 245.4 मि.मी., भावगढ़ में 266.0 मि.मी., गरोठ में 207.4 मि.मी., मल्हारगढ़ मे 288.0 मि.मी., संजीत में 196.0 मि.मी., धुधंड़का में 329.0 मि.मी., मंदसौर में 240.0 मि.मी., शामगढ़ में 280.8 मि.मी., कयामपुर में 225.5 मि.मी., सीतामऊ में 275.2 मि.मी. एवं सुवासरा में 270.2 मि.मी., वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है। गांधीसागर बांध का जल स्तर अब तक 1298.50 फीट है।
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सुवासरा। उड़ान संस्था और पुलिस विभाग के समन्वय से महाराणा प्रताप शासकीय महाविद्यालय सुवासरा में ‘सेफ क्लिक 2.0’ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ की गई।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पुलिस विभाग से सहायक उप निरीक्षक सोहन सिंह सोलंकी ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आजकल साइबर अपराधी फर्जी कॉल, मैसेज, संदिग्ध लिंक, ओटीपी, केवाईसी अपडेट, लॉटरी, निवेश के झांसे तथा डिजिटल अरेस्ट जैसी नई-नई धोखाधड़ी की तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को डराकर या बहका कर उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लेते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करने तथा 112 पर सूचना देने के लिए प्रेरित किया।
उड़ान संस्था से उपस्थित श्री सत्यनारायण प्रजापति ने लोगों के साथ होने वाली ‘हिंसा’ विषय पर सत्र लिया। उन्होंने हिंसा क्या है, उसके प्रकार कौन-कौन से हैं तथा किन माध्यमों से हिंसा की जाती है, इस पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं से साइबर सुरक्षा पर प्रश्न भी पूछे गए, जिनका सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में पुलिस विभाग से अनिल यादव कांस्टेबल,सुनील चौहान एवं महाविद्यालय से प्रभारी प्राचार्य सुरेश देवड़ा, डॉ प्रकाश एस्के, डॉ शंभू सिंह सिसोदिया, डॉ विवेक अग्रवाल, डॉ देवेंद्र धामनिया,सुश्री अंजलि व्यास सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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सार्थक सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा दलौदा हायर सेकेंडरी स्कूल में पोषण वन प्रोजेक्ट के तहत वृहद वृक्षारोपण संपन्न

आने वाली पीढ़ी को प्रकृति के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार बनाने की भावना से सार्थक संस्था द्वारा मंदसौर जिला अंतर्गत चलाए जा रहे पोषण वन प्रोजेक्ट में
लगाए 55 पौधे, इसमें 21 प्रजातियों के पौधों को शामिल किया गया, 15 फलदार प्रजाति में इमली, खिरनी, करौंदा,आम, अमरूद, सीताफल, रामफल, जामुन, शहतूत, कबीट, सहजन, फालसा , चीकू ,बेर ,बकुल जैसे फलदार पौधों को शामिल किया गया। छायादार पौधों में बड़,करंज, चिरोल के पौधे लगाए गए।
पर्यावरण एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत अग्रणी संस्था ‘सार्थक सोशल वेलफेयर सोसाइटी’ द्वारा आज मंदसौर के समीपवर्ती कस्बे दलौदा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (हायर सेकेंडरी स्कूल) में एक भव्य एवं प्रेरणादायक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान में स्कूल के छात्र-छात्राओं, संस्था के प्राचार्य श्री शीतल जैन, एवं पदाधिकारियों और क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के आरंभ में छात्र-छात्राओं को विद्यालय में लगाए जाने वाले विभिन्न प्रजाति के पौधों से परिचय कराया गया उनकी विशेषताओं से परिचय कराया गया बायोडायवर्सिटी में यह पौधे किस तरह से महत्वपूर्ण है इसकी जानकारी छात्र-छात्राओं को सार्थक संस्था की संस्थापक डॉ उर्मिला तोमर द्वारा दी गई, संस्था की ओर से श्री संजय नीमा ,आरती जैन, श्री अनंत तारे, श्री कमल नयन गुप्ता, श्रीमती चंचल त्रिपाठी ,श्रीमती उमा झाला ,श्रीमती तरुणा दवे, श्रीमती विजयलक्ष्मी श्री विक्रम सिंह उपस्थित रहे।विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के छायादार और फलदार पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने सार्थक संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए आज के समय में वृक्षारोपण ही एकमात्र विकल्प है। विद्यालय स्तर पर ऐसे आयोजन होने से छात्र-छात्राओं में विद्यार्थी जीवन से ही प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
सार्थक संस्था की अध्यक्ष डॉ. उर्मिला तोमर ने इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि पौधे लगाना केवल एक दिन का काम नहीं है, बल्कि उन्हें एक बच्चे की तरह पालना और बड़ा करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे आज रोपे गए पौधों की सुरक्षा का संकल्प लें।
कार्यक्रम के दौरान स्कूल के छात्र-छात्राओं में भारी उत्साह देखा गया। सभी बच्चों ने न केवल पौधे रोपने में मदद की, बल्कि पर्यावरण को बचाने और सिंगल-यूज प्लास्टिक का त्याग, करने हेतु समाज में जागरूकता लाने के लिए सहयोग देने की बात भी की। स्कूल प्रशासन और शिक्षकों ने इस पुनीत कार्य के लिए सार्थक संस्था का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य जनप्रतिनिधि, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक गण, सार्थक संस्था के सेवाभावी सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। सार्थक संस्था के साथी श्री संजय नेमा जी ने प्राचार्य श्री शीतल जैन को इस अवसर पर बर्ड नेस्ट भेंट किया, जिसे बच्चों की सहायता से इस समय पेड़ पर लगा दिया गया। वृक्षारोपण को प्रभावी बनाने की दृष्टि से श्रीमती आरती जैन द्वारा बच्चों से नारे लगवाए गए। सार्थक ने यह ठाना है मिलकर पेड़ लगाना है। अभी तक जिले के 19 स्कूलों में पोषण वन स्थापित हो चुके हैं। कयामपुर ,हतुनिया, धमनार, में अगले सप्ताह पोषण वन के तहत वृक्षारोपण होगा।



