समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 28 जून 2026 रविवार

========
शासकीय आईटीआई में प्रवेश हेतु पंजीयन की अंतिम तिथि 30 जून
रतलाम : शनिवार, जून 27, 2026
शासकीय आईटीआई में प्रवेश करवाने हेतु पंजीयन करने हेतु अंतिम तीन दिन शेष है l इच्छुक अभ्यर्थी 28, 29 एवं 30 जून 2026 को किसी भी नजदीकी शासकीय आईटीआई में या कियोस्क में जाकर या घर पर ही स्वयं मोबाइल या लैपटॉप के माध्यम से पंजीयन एवं मनपसंद ट्रेड में चॉइस फिलिंग कर सकते हैं l आईटीआई में प्रवेश हेतु महिला अभ्यर्थी हेतु 35% सीट आरक्षित है तथा एससी एसटी ओबीसी अभ्यार्थियों के लिए नियमानुसार छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी साथ ही सामान्य वर्ग के अभ्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री जन कल्याण शिक्षा प्रस्थान योजना अंतर्गत लगने वाला शिक्षण शुल्क पुनः अभ्यर्थियों को वापस प्रदान किया जाएगा l
=============
हाथ भट्टी तथा देशी मदिरा विक्रेताओं के विरुद्ध आबकारी विभाग की कार्यवाही
रतलाम : शनिवार, जून 27, 2026

जिला रतलाम कलेक्टर सुश्री मिशा सिंह के निर्देशन में तथा प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त श्री विकास मण्डलोई के मार्गदर्शन में, सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री मनोहर खरे के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा आज 27 जून को आबकारी उपनिरीक्षक सचिन भास्करे द्वारा ग्राम रानीसिंग, लबानीपड़ा , कबूतरिया फांटा तथा रावटी में अवैध हाथ भट्टी मदिरा तथा देशी मदिरा बेचने वालो के विरुद्ध कार्रवाई कर 30 लीटर हाथ भट्टी मदिरा, 300 किलोग्राम लहान तथा 20 पाव देशी मदिरा मसाला जप्त कर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत कुल 04 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए। जप्त मदिरा तथा लहान की कुल कीमत लगभग 38140/- रुपये है ।
कार्रवाई के दौरान आबकारी आरक्षक रामचरण पवार ,वरुण चौहान तथा नगर सैनिक नरेंद्र सिंग भाटी सम्मिलित रहे।
============
अतिवृष्टि एवं बाढ़ आपदा की पूर्व तैयारी के संबंध में बैठक संपन्न। सभी विभाग प्रमुख समय पूर्व तैयारी रखे – कलेक्टर
रतलाम : शनिवार, जून 27, 2026,

मानसून वर्ष 2026 अतिवृष्टि एवं बाढ़ आपदा की पूर्व तैयारी के संबंध में कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में पूर्व बैठक में दिए दिशा निर्देशों का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। कलेक्टर ने सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को संपर्क विहीन ग्रामों की सूची एवं आवश्यक होने की दशा में रेस्क्यू के लिए वैकल्पिक स्थान की सूची तैयार करके होमगार्ड को उपलब्ध कराने हेतु कहा।
कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने निर्देशित किया कि नदियों के आसपास के ग्रामीण क्षेत्र एवं पुल , पुलिया क्षेत्र के लिए सभी विभाग प्रमुख अपने अधिकारी कर्मचारी की ड्यूटी लगाकर उनकी जिम्मेदारी तय करें तथा स्वयंसेवी लोगों की भी सूची तैयार रखें , मुख्य स्थानो पर साईंनेज लगाए। दिनांक 30 जून को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभा के दौरान लोगों को बारिश के दौरान रखने वाली सावधानियां की जानकारी दी जाए , सूचना दे कि क्षेत्रों में अतिवृष्टि होने की दशा में आवाजाही बंद की जा सकती है । सभी अधिकारी अपने क्षेत्र में जाकर अतिवृष्टि की पूर्व तैयारी का परीक्षण करें।मैदानी कर्मचारियों की बैठक लेकर उन्हें जिम्मेदारी सौंपी जाए । क्षेत्रों में जल भराव होने पर यदि मोटर के माध्यम से पानी निकालना संभव हो तो निकाले अन्यथा लोगो की आवाजाही बंद करें। जिन स्थानों को रेस्क्यू के लिए चिन्हित किया गया है उन स्थानों पर पानी , बिजली शौचालय सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। उन्होंने जर्जर आंगनवाड़ी केंद्र स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र के भवनों की सूची प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। रतलाम जिले के शहरी अथवा ग्रामीण क्षेत्रों में यदि किसी को भी कोई ऐसा भवन दिखाई देता है जिसके बारिश के दौरान गिरने की संभावना है तो इसकी सूचना कंट्रोल रूम के नंबर 07412-270416 पर दी जा सकती है । उन्होंने बाजना क्षेत्र में बिना मुंडेर के कुएं वाले स्थानों को चिन्हित कर आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए। सभी अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में जल भराव की संभावना वाले क्षेत्र की जानकारी विस्तार से प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जर्जर भवनों को चिन्हित करने के लिए कर्मचारियों के माध्यम से सर्वे कराया जाए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को एंटी स्नेक वेनम, आवश्यक दवाइयां की उपलब्धता, डिपो होल्डर आशा के पास ओआरएस के पैकेट , उल्टी दस्त की दवाइयां रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पानी के खुला स्रोतो का चिन्हांकन करे, लोगों को बारिश के दौरान हेडपंप का पानी पीने की सलाह दे और पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन कराया जाए।
बैठक मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आवश्यक विद्युत व्यवस्था की सभी तैयारी पहले से रखें , विद्युत संबंधी सभी प्रकार की वायरिंग एवं व्यवस्थाएं गुणवत्तापूर्ण सुनिश्चित की जाए। डीन को मेडिकल कॉलेज में मरीजो के लिए उचित प्रकार से प्रबंधन एवं आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया। बैठक के दौरान एडीएम श्री ब्रजेन्द्र कुमार रावत, निगमायुक्त श्री अनिल भाना, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती राधा महंत , जिला कमांडेंट होमगार्ड श्रीमती रोशनी बिलवाल , परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण श्री अरुण कुमार पाठक तथा विभिन्न विभागीय अधिकारी कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।
=========
ग्राम बिलडी , मलवासी में आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किया गया
रतलाम : शनिवार, जून 27, 2026,

डॉ किरण वाडिया मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रतलाम के निर्देशन पर राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत 100 दिवसीय आयुष्मान आरोग्य शिविर “गांव गांव शहर शहर अभियान” के तहत उच्च जोखिम ग्राम बिलडी एवं मलवासी में शिविर का आयोजन किया।
टीबी सुपरवाइजर बाजना प्रतीक रावल द्वारा शिविर का आयोजन कर शिविर में जनसमुदाय में स्क्रीनिंग कर संभावितो में छाती के एक्स रे कर क्षय रोग निदान के संबंध में ग्राम जनों को बताया।
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अनिता चौहान द्वारा बताया के 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले, शुगर के मरीज, जिनका बी एम आई 18.5 से कम हो , तम्बाकू सेवन करने वाले हाई रिस्क वाले हितग्राहियों के आज ग्राम स्तर पर चेस्ट एक्स रे कर उनमें टीबी स्क्रीनिंग की जिनमें 55 चेस्ट एक्स रे का लाभ ग्रामीण जनों को मिला है , साथ ही 11 टीबी संभावित को फाल्कन ट्यूब देकर रावटी अस्पताल में स्पूटम की जांच का सुझाव दिया। ग्राम सरपंच श्री किशन भूरिया, सचिव श्रीमति रजनी माल , उपसरपंच श्री नारायण भूरिया द्वारा शिविर में सहयोग कर ग्राम जनों को एक्स रे के लाभ के बारे में बताया कि यह सुविधा टीबी रोग को जल्दी पता लगाने में सहायक है।
रतलाम जिले से एक्स रे टीम में श्री जय सिसोदिया, कार्यक्रम समन्वयक टीबी द्वारा निःक्षय पर इनरोलमेंट चेस्ट एक्स रे अपडेट की जानकारी दी गई । पोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्स रे मशीन पर एक्स रे टेक्नीशियन राहुल जोहरी ने चेस्ट एक्स रे किए, श्री शैलेन्द्र भूरिया एवं श्री सुरेंद्र खराड़ी द्वारा चेस्ट एक्स रे में सहायता कर जनमानस को चेस्ट एक्स रे के लिए प्रोत्साहित किया। महिला स्वस्थ्य कार्यकर्ता श्रीमती रितिका शर्मा द्वारा आज के शिविर स्थल पर ही हितग्राहियों की अन्य जांचों में हीमोग्लोबिन , बी एम आई , शुगर तथा ब्लड प्रेशर की जांच भी की गई। आशा कार्यकर्ता प्रियंका लबाना, अवन्ति माल, सविता भूरिया, मुन्नी कटरा का सहयोग रहा।
==============
लघु उद्योगों को बढ़ावा देने में मध्यप्रदेश सबसे आगे
- प्रधानमंत्री श्री मोदी एमएसएमई सेक्टर में भारत को बना रहे हैं ग्लोबल चैम्पियन
- भोपाल में 2027 में होगा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- मध्यप्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त कर रहा औद्योगिक विकास- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगों को दी 1500 करोड़ रुपए की सहायता
- विश्व एमएसएमई दिवस पर रवीन्द्र भवन में “सशक्त उद्यमी : समृद्ध मध्यप्रदेश” समिट और विशाल प्रदर्शनी का आयोजन
रतलाम : शनिवार, जून 27, 2026,
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि लघु उद्योगों को बढ़ावा देने में मध्यप्रदेश सबसे आगे है। प्रधानमंत्री श्री मोदी एमएसएमई सेक्टर में भारत को ग्लोबल चैम्पियन बना रहे हैं। उद्योग और व्यवसाय क्षेत्र दूसरों के जीवन को सुखद बनाते हैं। उद्यमी कर्म को पूजा और श्रम को साधना मानते हैं। इस नाते यह तय है कि आने वाले समय में इस क्षेत्र की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण होगी और सुख का सूरज निकलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को रविंद्र भवन परिसर में विश्व एमएसएमई दिवस पर हुई “सशक्त उद्यमी : समृद्ध मध्यप्रदेश” समिट को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर उद्यमियों द्वारा प्रदर्शित विभिन्न उत्पादों,कला शिल्पों की विशाल प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी रविवार 28 जून को भी सभी के लिए खुली रहेगी। मध्य प्रदेश शासन द्वारा कपास पर मंडी शुल्क आधा करने सहित उद्यमियों और किसानों के हित में अनेक निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री डॉ यादव का बुरहानपुर सहित विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों द्वारा अभिनंदन किया गया। समिट में लगभग 2000 उद्यमियों, निवेशकों, स्व-सहायता समूहों के सदस्यों, नीति निर्माताओं ने भागीदारी की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में लगभग सात करोड़ एमएसएमई इकाइयां हैं, जिसमें 25 लाख मध्यप्रदेश में हैं। प्रदेश की इकाइयां लगभग डेढ़ करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान कर रही है। जीडीपी में 31 प्रतिशत की हिस्सेदारी एमएसएमई सेक्टर की है। निर्यात में 49 प्रतिशत और विनिर्माण उत्पादन में इस क्षेत्र का योगदान 35 प्रतिशत है। इस तरह एमएसएमई सेक्टर अर्थव्यवस्था के इंजन के रूप में कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश का एमएमसएमई सेक्टर जनकल्याण का माध्यम है। भोपाल में 2027 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा। समिट में प्रधानमंत्री श्री नरेन्र्। मोदी को आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसएमई इकाइयों के साथ ही वृहद उद्योगों के लिए भी राशि जारी की। एमएसएमई इकाइयों को 225 करोड़ 19 लाख की राशि और विभिन्न स्टार्ट-अप के लिए लगभग 39 लाख की राशि प्रदान की गई, वहीं बड़े उद्योगों को निवेश प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 1274 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई। इस तरह कुल 1500 करोड़ रुपए उद्योग क्षेत्र को प्रदान किए गए। मध्यप्रदेश ऐसा एकमात्र राज्य है जहां मई 2026 तक की समस्त देनदारी का भुगतान उद्यमियों को निवेश सहायता के रूप में किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों के विकास में मध्य प्रदेश आगे है। एक समय था जब अनेक काटन मिलें प्रदेश की पहचान थीं। हाल ही में मध्य प्रदेश शासन ने कॉटन के मंडी शुल्क को आधा करने के निर्णय का लाभ किसानों और उद्यमियों को प्राप्त होगा। एमएसएमई दिवस पर एमओयू और उद्योगों के लिए भूखंडों के आवंटन का कार्य हुआ है। राज्य में प्रत्येक जगह उद्योग लगाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आने वाले समय में मध्य प्रदेश देश के सबसे उन्नत उद्योग प्रोत्साहक राज्य के रूप में पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कनाडा, यूके, अमेरिका ,जापान, चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से प्रदेश में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, मेडिकल डिवाइस आदि क्षेत्रों में निवेश आ रहा है। वर्ष 2025 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पश्चात 9 हजार 300 करोड़ रुपए का निवेश धरातल पर पहुंचा है।
नई नीतियां और नियम बने लाभकारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत दो वर्ष में 18 नई नीतियों और नए नियमों का लाभ उद्योगों को मिल रहा है। प्रदेश में ओडीओपी क्षेत्र में भी प्रगति है। वर्ष 2025- 26 में मध्य प्रदेश को 20 जी आई टैग प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि वर्ष 2027 युवा वर्ष होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 4 लाख 41 हजार से अधिक एमएसएमई यूनिट्स का जिम्मा माताओं-बहनों के हाथों में है। गत वर्षों के मुकाबले वर्ष 2024 से 2026 के बीच एमएसएमई में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व 67 प्रतिशत बढ़ा है। राज्य सरकार ने प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए 16 क्लस्टर्स का निर्माण किया है और 14 नए क्लस्टर्स पर काम चल रहा है। राज्य को ओडीओपी में उल्लेखनीय सफलता मिली है। राज्य सरकार सभी की कठिनाइयों को समझते हुए विकास की धारा में सरलता, शुचिता और पारदर्शी निर्णयों के बलबूते आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत के लिए विकसित मध्यप्रदेश का निर्माण करना भी आवश्यक है। यह कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस पूरे वर्ष में एग्रीकल्चर सेक्टर को आधुनिक तरीके से नई ऊंचाई पर लेकर जाएंगे। कृषक कल्याण वर्ष में किसानों को शून्य ब्याज दर पर लोन दिया जा रहा है। किसानों को लोन चुकाने के लिए नई सौगात दी गई है। किसान जिस तारीख को लोन लेंगे, उसके 12 माह की अवधि में लोन भर सकेंगे। इसके लिए 31 मार्च की बाध्यता खत्म कर दी गई है। राज्य सरकार गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण के लिए कार्य कर रही है। इसके दृष्टिगत वर्ष 2024 को गरीब कल्याण और वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया।
मध्यप्रदेश औद्योगिक सुधारों को लागू करने में आगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश भारत सरकार द्वारा तय 23 औद्योगिक सुधारों को शत प्रतिशत लागू करने में मध्यप्रदेश टॉप अचीवर है। औद्योगिक विकास के लिए राज्य सरकार ने दृढ़ संकल्प लिया है। आज प्रदेश के 13 जिलों में 14 औद्योगिक केंद्र और भवनों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया गया है। इसी तरह 7 नए औद्योगिक क्षेत्र इंडस्ट्री सेक्टर को नया आकार प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत एमएसएमई सेक्टर के अलावा अनेक योजनाओं में आगे बढ़ रहा है। इनमें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टार्टअप योजना, क्लस्टर्स स्कीम जैसी अनेक योजनाएं शामिल हैं। पूंजी, प्रशिक्षण और बाजार से उद्यमी निरंतर जुड़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक जिले से प्राप्त होने वाले राजस्व के मॉडल तैयार करने का कार्य करेगी ताकि जिले की अनुकूलता के आधार पर व्यापार-व्यवसाय को प्रोत्साहन देते हुए समृद्धि का पूरा लाभ मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नेविभिनन जिलों के उद्यमियों से चर्चा में यह बात कही। विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने नेतृत्व में मध्यांचल कॉटन एंड जिंजर ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कपास पर मंडी शुल्क आधा करने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विशाल पुष्पहार पहनाकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष श्री सत्येंद्र भूषण सिंह, उद्योग आयुक्त श्री दिलीप कुमार, सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
समिट को संबोधित करते हुए एमएसएमई मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि प्रदेश में आज उद्योगों के विकास का नया वातावरण बना है और यह सब संभव हुआ है गतिशील और प्रबल इच्छाशक्ति के धनी नेतृत्वकर्ता मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से। पिछले दो वर्षों में ही मुख्यमंत्री ने विभाग के बजट को 1100 करोड़ से 3100 करोड़ तक पहुंचा दिया है। नई एमएसएमई और स्टार्टअप पॉलिसी से उद्यमियों को बेहतर बुनियादी सुविधाओं के साथ लगभग 1100 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन मिला है। श्री काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के परिश्रम की पराकाष्ठा का ही परिणाम है कि विभाग ने पिछले 2 सालों में 1200 औद्योगिक भूखंड दिए हैं और आगामी वर्षों में 3000 भूखंड उपलब्ध करवाए जाएंगे। प्रदेश में 34 औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है। प्रदेश में किसान,कृषि और उद्योग क्षेत्र के विकास का अभियान इसी तरह जारी रहेगा।
मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यमों की महत्ता पूरे विश्व ने पहचानी है । मध्यप्रदेश भी एमएसएमई के क्षेत्र में पीछे नहीं है। प्रदेश में होने वाले मैन्युफैक्चरिंग में एमएसएमई का योगदान 45 प्रतिशत और निर्यात 49 प्रतिशत होना ऐतिहासिक है। यही वजह है कि मध्यप्रदेश ने रोजगार देने में महत्वपूर्ण काम किया है और हम एक साल में देश में 14 से 11 वे स्थान पर पहुंच गए हैं। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत नई पॉलिसी बनाई गई है, सैकड़ों कानून खत्म किए गये हैं। लगभग 100 कानूनों में जेल भेजने जैसी सजा के स्थान पर अर्थ दंड लगाने का प्रावधान किया गया है। सब मिलाकर उद्यमियों को मध्यप्रदेश में आसान माहौल मिला है। इसके साथ ही आज बैंक से वित्तीय संसाधन भी आसानी से उपलब्ध करवाया जा रहा है। यही वजह है कि कुल 21 प्रतिशत वित्त में से एक लाख 45 हजार करोड़ यानि 11 प्रतिशत एमएसएमई को उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के उद्यमियों से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग लगाने के लिए आगे आकर नेतृत्व करने का आव्हान किया।
उद्यमियों ने कहा मध्यप्रदेश उद्योगों को बढ़ाने वाला राज्य है
समिट में उद्यमी डॉ. पीयूष कुमार सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश सिर्फ उद्योग स्थापित करने नहीं, बल्कि उद्योग को आगे बढ़ाने वाला राज्य है। किसी भी उद्योग की स्थापना के दौरान अनेक प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ती हैं। राज्य सरकार के प्रयासों से उद्योग अनुकूल वातावरण निर्मित हुआ है। मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियां बहुत पारदर्शी हैं। राज्य सरकार की ओर से हमें मिला सहयोग सफलता की पूंजी है। हमारी कंपनी राज्य में 200 करोड़ का निवेश कर चुकी है। आगामी दो वर्षों में मेडिसिन रिसर्च के लिए हमारी कंपनी राज्य में 50 करोड़ का नया निवेश करेगी। मध्यप्रदेश तेजी से फॉर्मा सेक्टर में अनुसंधान का हब बन रहा है। हमारी कंपनी एक ऐसी दुर्लभ बीमारी की दवा बना रही है, जो विश्व में कहीं उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि कैंसर दवा के लिए उनकी कंपनी ने ब्रिटेन की कंपनी के साथ रिसर्च कार्य शुरू किया है। लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष श्री राजेश मिश्रा ने अनुभव साझा करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने प्रत्येक विभाग में निवेश प्रोत्साहन सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की है। मध्यप्रदेश में एमएसएमई सेक्टर में आगे बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सरकार ने 31 मई 2026 तक की सभी देनदारियां क्लियर की हैं। निश्चित ही यह उद्यमियों और निवेशकों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति और निवेश श्री राघवेंद्र सिंह ने कहा कि गत ढाई वर्ष में सभी तरह के उद्योगों को 11 हजार 500 करोड़ की राशि प्रोत्साहन स्वरूप दी गयी है। मध्यप्रदेश में नए उद्योगों में भरपूर निवेश हो रहा है। ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट 2025 में 30 लाख 77 हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों में से 30 प्रतिशत धरातल पर आ गाए हैं। मध्यप्रदेश की एमएसएमई ने अपने उत्पादों की क्वालिटी को बेहतर किया है और 19,000 प्रमाणन इसका उदाहरण है। श्री सिंह ने प्रदेश में बदलते उद्योग परिवेश के बारे में भी जानकारी दी। कैंसर के उपचार की दवा के निर्माण और रिसर्च में संलग्न फार्मा कंपनी भी मध्यप्रदेश सरकार की नीतियों के सहयोग से आज दुनिया के अनेक देशों तक पहुंच गई है।
*समिट की प्रमुख गतिविधियां*
• मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक के माध्यम से साढ़े सात सौ से अधिक इकाइयों को प्रोत्सान राशि वितरित की।
• मध्यप्रदेश के सफल उद्यमियों की विकास गाथा पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया ।
• मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 137 स्टार्टअप्स को 1.5 करोड़ की सहायता राशि भी अंतरित की।
• मध्यप्रदेश निवेश प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत वृहद उद्योगों को 1274 करोड़ की वित्तीय सहायता दी गई।
• मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्यमियों को उद्योग स्थापना के लिए भूमि आवंटन आशय पत्र एवं लोन स्वीकृति पत्र वितरित किए। इनमें विदिशा, मंदसौर की तीन-तीन इकाईयां शामिल हैं।
• प्ले एंड प्लग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और एमएसएमई विभाग के बीच स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए एमओयू किया गया।
• मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में कटनी, खरगोन और रायसेन जिले के चार हितग्राहियों को 1करों 57 लाख रुपए की ऋण राशि प्रदान की गई।
• मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 के अंतर्गत 30 लोगों को रोजगार देने वाली इकाई को सहायता राशि प्रदान की गई।
===========
28 जून रविवार को पल्स पोलियो की दवा पिलाई जाएगी
2 लाख 12 हजार 380 बच्चों को प्रतिरक्षित किया जाएगा- सी एम एच ओ डॉ किरण वाडीवा
रतलाम : शनिवार, जून 27, 2026,
पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत 28 जून रविवार को 0 से 5 वर्ष आयु के सभी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ किरण वाडीवा ने बताया कि जिले में इस वर्ष 2, 12, 380 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम में 1182 बी टाइप बूथ रहेंगे। सी टाइप बूथ की संख्या 344 रहेगी। जिले में 74 ट्रांजिट टीम रहेगी। मोबाइल टीम की कुल संख्या 29 रहेगी। पल्स पोलियो के 1526 बूथ निर्धारित किए गए हैं। कुल सुपरवाइजर की संख्या 200 है। वैक्सीनेटर के रूप में एएनएम , आशा कार्यकर्ता , आंगनवाड़ी कार्यकर्ता , सी एच ओ आदि रहेंगे ,जिनकी संख्या 3052 रहेगी। जिले में सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक पल्स पोलियो की दवा अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र , स्कूल , आंगनबाड़ी केंद्र पर पिलाई जाएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ किरण वाडीवा ने सभी अभिभावकों से अनुरोध किया है कि अपने 0 से 5 वर्ष आयु के बच्चे को पल्स पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ वर्षा कुरील में बताया कि पोलियो एक गंभीर बीमारी है, लेकिन वैक्सीनेशन से इसका बचाव संभव है , पोलियो की खुराक पूरी तरह निशुल्क एवं सुरक्षित है , यदि आपके बच्चे को सभी प्रकार के आवश्यक टीके लग चुके हो तब भी पल्स पोलियो की खुराक पिलाया जाना आवश्यक है।
========



