पुजारी का भी अपना एक घर होता है और उनके हित का ध्यान में रखना एक जन प्रतिनिधि का फर्ज है- विधायक श्री डंग

मप्र में पहली बार संत पुजारियों ने विधायक का गदा भेंट कर सम्मानित कर दिया साधुवाद
संत पुजारी सम्मेलन सम्मान समारोह संपन्न, महंत जी बोले हमारे आस्था के केंद्र को गुलामी से मुक्त कराकर ही दम लेंगे
सीतामऊ। पुजारी का भी अपना एक घर होता है और उनके हित का ध्यान में रखना एक जन प्रतिनिधि का फर्ज है। ऐसा सौभाग्य मुझे मिला मैंने आपके साथ रखकर मुख्यमंत्री मे मिलने का मौका मिला है। मुझसे जो होगा वो सेवा में समर्पित रहुंगा। उक्त विचार क्षेत्रीय विधायक श्री हरदीप सिंह डंग ने खेड़ा सीतामऊ में केसरिया हिंदू वाहिनी सनातन कल्याण समिति द्वारा आयोजित संत पुजारी सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में व्यक्त किए।
इस अवसर पर इंदौर जिले में पुजारीयो खाद बीज मिल रहा वहीं मंदसौर जिले में दोहरा कानून लागू कर खाद बीज नहीं दिया जा रहा है जिस पर विधायक श्री डंग ने पुजारीयो को खाद बीज दिए जाने को लेकर कलेक्टर आदीति गर्ग से बात की।
आर्यावर्त षटदर्शन साधु मंडल भारत के प्रदेश अध्यक्ष एवं केसरिया हिंदू वाहिनी सनातन कल्याण समिति के संस्थापक अध्यक्ष महंत जितेंद्र दास महाराज ने संबोधित करते हुए कहा कि आज संत पुजारियों के हक कि लड़ाई नहीं है यह सनातन धर्म के रक्षा कि लड़ाई है।जब हमारे आस्था के केन्द्र ही गुलाम है तो हम कैसे आगे बढ़ सकतें हैं। हमें अपनी ताकत दिखानी होगी।आज लोकतंत्र में वोट कि ताकत है हमें एक मिलकर संगठित होकर वोट कि ताकत बताना है। हमारे यहां 500 पूजारी है और उनका परिवार है। हमारे विधायक हरदीप सिंह डंग ने साथ दिया तो हमको भी इनका साथ देना। बीजेपी संगठन को मजबूत बनाने के लिए वोट को जोड़ा और राम नाम के साथ सरकार बना ली।हम तो रात दिन राम नाम पिढी दर पिढी ले ले रहे तो हम क्यों सरकार को हिला सकते हैं। हम जिंदा रहें तो मठ मंदिरों को सरकारीकरण से मुक्त कराकर ही दम लेंगे। 2007 में मंदिरों कि जमीनों को सरकार लीज पर देने के लिए निलाम करती थी तब हमने मुख्यमंत्री आवास पर आत्मदाह कि चेतावनी दी तो तत्कालीन धर्मस्य मंत्री कमल पटेल प्रदेशाध्यक्ष सत्यनारायण जटिया के नेतृत्व में मिलें थे। और निलामी प्रथा को बंद किया गया। तभी से हमारे सनातन धर्म के आधार केन्द्रों को गुलामी से मुक्ति कि लड़ाईं लड़ रहे हैं।आर्यावर्त षटदर्शन साधु मंडल कोषाध्यक्ष महंत अवधेशदास जी महाराज भोपाल ने संबोधित करते हुए कहा कि जब आ जाए जब दुनिया साथ छोड़ दे और रास्ते बंद नज़र आएं, तब सबके दरवाजे बंद हो जाते हैं पर मेरे महादेव का द्वार ही एक मात्र ऐसा सहारा है जो 24 घंटे खुला रहता है।”
राजा का साथ करेंगे ना जाने कब मुसीबत मिल जाए,पर संग करो संतों को ना जाने कब प्रभु मिल जाएं।..
जो संत सेवा नहीं करते हैं वो संत नहीं हो सकतें हैं जो समाज के लिए कार्य करते हैं वो ही संत होते हैं।
प्रदेश उपाध्यक्ष महंत संत श्री सेवकदास जी कलारिया ने कहा कि
कलेक्टर मंदिरों का स्थाई व्यवस्थापक नहीं है 2019 में यह निर्णय दिया गया था। परंतु भ्रष्ट तंत्र होने से आज तक नहीं हटाया गया। इसी समस्या के कारण आज पूजारीयों को मुवावजा खाद के लिए भटकना पड़ रहा है।प्रदेश में 52 हजार मंदिर है और उनके 52 हजार से अधिक पुजारी हैं हम चाहे तो विधायक बदल सकते हैं। जब तक हम एकजुट नहीं होंगे तब तक हम आगे नहीं बढ़ सकते। यदि हम एकजुट हो गए तो विधायक क्या सरकार झूक जायेगी।
संत सेवक दास ने कहा कि पुराने समय में राजा रजवाड़ों दरबार से प्राप्त जमीनों को हमको दी गई थी और शासन उस पर कब्जा कर रखा है शासन ने भगवान के सेवक को नौकर बना दिया। नौकरी करने वाले 5-8 घंटे करते हैं पर पुजारी 24 घंटे सेवा करता है। क्या हमें इतना वेतन मिलता है। नहीं हम वेतन नहीं चाहते हैं हमें हमारा सम्मान चाहिए। हमें सेवा के बदले जो दिया गया वहीं हमको मिलें।
आर्यावर्त षटदर्शन साधु मंडल यावत जिलाध्यक्ष संत अरविंदानंद सरस्वती ने संबोधित करते हुए कहा कि हमारे यहां सीतामऊ के विधायक हरदीप सिंह डंग का सम्मान कार्यक्रम है। जिन्होंने ने हमारी समस्याओं के समाधान को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलाने में भूमिका निभाई हमारे प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र दास जी के नेतृत्व में संत गणों कि मुख्यमंत्री से भेंट कराई। इस कार्य पर आज यहां पर उनको सम्मान किया जायेगा।जो हमारी समस्याओं को आगे बढ़ाने और हल करवायेगा। उसे हम धन्यवाद और सम्मान प्रदान करते रहेंगे।
हम जुना अखाड़ा का नागा साधु है हमारी मांगों को मनवाने के लिए हम संत मरना जानते हैं।रण में उतरते हैं तो जीत के लिए मरने कि परवाह नहीं करते हैं।
पुजारी अनिल रावल आलोट ने संबोधित करते हुए कहा कि बहुत सारे संगठन बने पर कुछ समय तक ही चलें। महंत जितेंद्र दास जी महाराज ने पुजारी परिवार के लिए बहुत कार्य किया है। हमें महंत जी के साथ एकजुटता से जुड़ कर संगठन को मजबूत बनाना है।
पुजारी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष शिवनारायण शर्मा ने कहा कि2008 से पहले से महाराज जी हम पुजारीयों आलोट में 70 रजला में 30 पुजारी एक मंदिर पर ऐसे कई मंदिर हैं जहां 2 से अधिक संख्या में पुजारी हैं हम अपनी समस्या को लेकर एकजुट हो जाएं तो हमारी समस्या हल हो सकती है। महाराज जी के साथ हमारी मेहनत रंग लाई और मुआवजा मिलने लगा है। श्री शर्मा ने उपस्थित जनों से आगामी माह में आलोट से भोपाल तक यात्रा आयोजित कि जाएगी इस एक बड़े जन आंदोलन में भाग लेने कि अपील की।
समारोह को पुजारी संघ प्रदेश अध्यक्ष अजय बैरागी मंदसौर ने भी संबोधित किया। संगठन का विस्तार कर खंड मंडल बना कर गठन किया जाने कि मांग रखी।वही वैष्णव बैरागी समाज नीमच जिलाध्यक्ष भेरुदास बैरागी ने नीमच में धर्म सभा सम्मेलन आयोजित करने कि मांग रखी।
इस अवसर पर कई संत पुजारियों ने संत पुजारियों सम्मेलन संत पुजारी सम्मेलन को सम्बोधित किया।
मध्यप्रदेश में पहली बार संतों द्वारा मठ मंदिरों को सरकारीकरण से मुक्त कराने के लिए क्षेत्रीय विधायक श्री हरदीप सिंह डंग का महंत जितेंद्र दास महाराज के नेतृत्व में संत पुजारियों ने फुल माला पहनाकर स्वागत अभिनंदन किया इसके पश्चात संतों ने विधायक श्री डंग का साधुवाद ज्ञापित करते हुए दुपट्टा पहनाकर गदा भेंटकर सम्मानित किया। समारोह में नपं अध्यक्ष मनोज शुक्ला सभापति विवेक सोनगरा प्रतिनिधि विजय गिरोठिया विधायक प्रतिनिधि पुरणदास बैरागी को भी दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष महंत जितेंद्र दास महाराज प्रदेश उपाध्यक्ष महंत सेवकदास महाराज जावरा कोषाध्यक्ष महंत अवधेशदास महाराज उज्जैन, जिला अध्यक्ष महंत कृष्णकरण दास महाराज, उज्जैन महंत अरविंदानंद सरस्वती मंदसौर,महंत महावीरदास बैरागी बंजारी बालाजी, साध्वी प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष सुश्री जयमाला वैष्णवी, पुजारी संघ प्रदेश अध्यक्ष शिवनारायण शर्मा पेटलावद आदि मंचासिन उपस्थिति रहें।
समारोह में सत्यनारायण बैरागी नटवर दास बैरागी, लक्ष्मीनारायण मांदलिया, प्रवीण द्विवेदी, पुरणदास बैरागी, कैलाश बैरागी, अनिल रावल धरोला, भेरुदास बैरागी सरपंच धामनिया नीमच, रामचंद्र शर्मा उन्हैल, दिनेश दास बैरागी मनासा नागेश शर्मा अजय शर्मा मंदसौर, कुकडेश्वर जगदीश बैरागी, आदि ने अतिथि गणों का फुल माला से स्वागत किया।
सम्मान समारोह का संचालन साध्वी सुश्री जयमाला वैष्णवी ने एवं आभार नटवर दास बैरागी ने व्यक्त किया। आयोजन में 300 से अधिक संत पुजारियों ने सहभागिता कि जिसमें सीतामऊ नगर क्षेत्र सहित सुवासरा शामगढ़ गरोठ मंदसौर, तथा उज्जैन इंदौर रतलाम नीमच भोपाल जिलों के संत पुजारी उपस्थित रहें।
संत पुजारी सम्मेलन सम्मान समारोह संपन्न, महंत जी बोले हमारे आस्था के केंद्र को गुलामी से मुक्त कराकर ही दम लेंगे



