मध्यप्रदेशरतलाम

समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 22 मई 2026 शुक्रवार

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जावरा एसडीएम द्वारा बंटवारा , नामांतरण एवं सीमांकन प्रकरण अन्तर्गत हितग्राहियों को संशोधित नकलें वितरित की गई

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देशानुसार रतलाम जिले में राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण का अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत 30 मार्च 2026 तक दर्ज बंटवारा, नामांतरण एवं सीमांकन के लंबित मामलों का निराकरण 31 मई 2026 तक करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व अधिकारियों को समयसीमा में प्रकरणों का निराकरण कर हितग्राहियों को संशोधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। रतलाम जिले में राजस्व न्यायालयों में विशेष अभियान के तहत सुनवाई एवं आदेश की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

मुख्यमंत्री जी के अभियान अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह द्वारा राजस्व अधिकारियों की बैठक में 31 मई 2026 तक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। निर्देशानुसार जिले मे राजस्व अधिकारियों द्वारा ई- गवर्नेस अंतर्गत राजस्व प्रकरणों का आनलाईन त्वरित निराकरण कर हितग्राहियों को समय पर संशोधित दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आज जावरा एसडीएम श्री सुनील जयसवाल द्वारा बंटवारा, नामांतरण एवं सीमांकन प्रकरणों के आदेशों के अमल उपरांत हितग्राहियों को संशोधित नकलें प्रदान की गईं।

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बंजली में जल चौपाल आयोजित, जल बचाने का दिया सन्देश

रतलाम 21 मई/कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देशन में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रीष्म काल में पेयजल व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने एवं जल से सम्बन्धित समस्याओं के निराकरण हेतु विशेष जल चौपाल आयोजित की जा रही हैं।

इसी क्रम में रतलाम विकासखंड के ग्राम बंजली में रतलाम शहर एसडीएम आर्ची हरित, जनपद पंचायत सीईओ श्री सीएस वास्कले ,पीएचई विभाग के सहायक यंत्री श्री डी सी कथिरिया की उपस्थिति में जल चौपाल आयोजित की गई । चौपाल में वर्तमान में पंचायत में चल रही पेयजल व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में जनप्रतिनिधि, ग्रामीण महिलाओं से चर्चा की गई। चर्चा के दौरान महिलाओं ने बताया कि नलजल योजना से अब घरो तक पानी मिलने से सुविधा हुई है। जल चौपाल में ग्रामीणो ने नवीन नलकूप की मांग रखी।

चौपाल में एसडीएम आर्ची हरित ने बताया कि ग्रीष्म काल में अधिकतर पेयजल स्त्रोतों का जल स्तर नीचे चला जाता है अतः हमें पानी को महत्वपूर्ण मानते हुए मितव्ययिता से इसका उपयोग करना चाहिए, पानी व्यर्थ न बहे इसलिए नलों पर टोटियां लगानी चाहिए तथा पंचायत स्तर पर जल बचाने के कार्य करने चाहिए।

चौपाल में जनपद सीईओ श्री वास्कले ने ग्राम में चल रही अन्य शासकीय योजनाओं व जल गंगा संवर्धन अभियान के सम्बन्ध में जानकारी दी । सहायक यंत्री श्री कथिरिया ने जल गुणवत्ता पर जानकारी देते हुए बताया कि जल उपलब्धता के साथ उसकी गुणवत्ता की जानकारी हमें होना चाहिए तथा पेयजल स्त्रोतों के आस पास स्वच्छता बनाए रखना चाहिए। उन्होने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल व्यवस्थाओं को लेकर पीएचई विभाग हमेशा तत्पर है। चर्चा के दौरान लोगों ने सवाल किए ओर अपने सुझाव भी दिए।

कार्यक्रम के दौरान जिला सलाहकार आनंद व्यास द्वारा जल की गुणवत्ता जांचने हेतु फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से परीक्षण कर विधियां बताई। इस अवसर पर ग्राम पंचायत बंजली सरपंच श्रीमती निर्मला भुरालाल डाबी, सचिव श्री भुपेन्द्र सिह राठोड, पीएचई उपयंत्री अर्पित चतर, विकासखंड समन्वयक बबन बेनल, नल चालक श्री निलेश भाटी पंच अमरत जाट, श्रीमती रुकमा बाई, श्रीमती बसन्तिबाई श्रीमती लीला बाई तथा ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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आरसेटी में एक माह का निःशुल्क महिला सिलाई प्रशिक्षण सम्पन्न

जिले के आरसेटी संस्थान में 20 अप्रैल से 20 मई तक आयोजित एक माह के निःशुल्क “महिला सिलाई” प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया। प्रशिक्षण में बेरोजगार एवं बीपीएल कार्डधारी युवतियों को सिलाई का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों का संस्थान द्वारा स्वागत किया गया। इस अवसर पर श्री जयप्रकाश चौहान ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हुनर और आत्मविश्वास के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर जीवन में सफलता प्राप्त कर सकती हैं। अन्य अधिकारियों ने भी प्रशिक्षणार्थियों को मार्गदर्शन एवं शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के अंत में आरसेटी संस्थान की ओर से श्री सुरेन्द्रसिंह डामोर ने सभी अतिथियों एवं प्रशिक्षणार्थियों का आभार व्यक्त किया।

समापन अवसर पर एनआरएलएम विभाग से डीपीएम श्री जयप्रकाश चौहान, श्री अमरसिंह तोमर एवं श्री विश्वजीत कुशवाह, संस्थान निर्देशक श्री राजीव सक्सेना, श्री ओ.पी. काबरा, संकाय सदस्य श्री सुरेन्द्रसिंह डामोर, श्री संदीप वारगीय, ऑफिस असिस्टेंट श्रीमती सोनु राठौर, श्री मोहित सिसोदिया सहित स्टाफ सदस्य श्री भावेश सांकला एवं श्री सत्यनारायण मैडा उपस्थित थे।

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आरसेटी में एक माह का निःशुल्क महिला सिलाई प्रशिक्षण सम्पन्न

जिले के आरसेटी संस्थान में 20 अप्रैल से 20 मई तक आयोजित एक माह के निःशुल्क “महिला सिलाई” प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया। प्रशिक्षण में बेरोजगार एवं बीपीएल कार्डधारी युवतियों को सिलाई का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों का संस्थान द्वारा स्वागत किया गया। इस अवसर पर श्री जयप्रकाश चौहान ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हुनर और आत्मविश्वास के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर जीवन में सफलता प्राप्त कर सकती हैं। अन्य अधिकारियों ने भी प्रशिक्षणार्थियों को मार्गदर्शन एवं शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के अंत में आरसेटी संस्थान की ओर से श्री सुरेन्द्रसिंह डामोर ने सभी अतिथियों एवं प्रशिक्षणार्थियों का आभार व्यक्त किया।

समापन अवसर पर एनआरएलएम विभाग से डीपीएम श्री जयप्रकाश चौहान, श्री अमरसिंह तोमर एवं श्री विश्वजीत कुशवाह, संस्थान निर्देशक श्री राजीव सक्सेना, श्री ओ.पी. काबरा, संकाय सदस्य श्री सुरेन्द्रसिंह डामोर, श्री संदीप वारगीय, ऑफिस असिस्टेंट श्रीमती सोनु राठौर, श्री मोहित सिसोदिया सहित स्टाफ सदस्य श्री भावेश सांकला एवं श्री सत्यनारायण मैडा उपस्थित थे।

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प्रत्येक शनिवार राजस्व एवं लोकसेवा गारंटी शिविर होगे आयोजित

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देशानुसार रतलाम जिले में राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण का अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत 30 मार्च 2026 तक दर्ज बंटवारा, नामांतरण एवं सीमांकन के लंबित मामलों का निराकरण 31 मई 2026 तक करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व अधिकारियों को समयसीमा में प्रकरणों का निराकरण कर हितग्राहियों को संशोधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के मार्गदर्शन में एवं अपर कलेक्टर डॉ शालिनी श्रीवास्तव के निर्देशन में जिले के समस्त अनुभाग एवं तहसीलों में गुड गवर्नेंस प्रैक्टिसेज के अंतर्गत लंबित राजस्व प्रकरणों और लोकसेवा गारंटी के तहत प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण के लिए “राजस्व निराकरण शिविर” एवं “लोकसेवा शिविर” आयोजित किए जाएंगे।

जारी निर्देशानुसार प्रत्येक सप्ताह शनिवार को शिविर आयोजित कर राजस्व प्रकरणों एवं आवश्यक सेवाओं से जुड़े मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार लोकसेवा गारंटी अधिनियम तथा 30 मार्च 2026 तक पंजीबद्ध लंबित प्रकरणों की सतत मॉनिटरिंग कर प्राथमिकता से निराकरण करेंगे।

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कृषि रथ द्वारा भ्रमण कर, ग्राम पंचायतों में किसानों को कृषि की उन्नत तकनीकों की जानकारी दी गई

उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री आर के सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार 16 मई से 26 मई तक जिले मे कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत कृषि रथ का संचालन किया जा रहा है। जिसमें कृषि एवं संबद्ध विषयों जैसे उद्यानिकी, पशुपालन, आत्मा, मत्स्य पालन आदि पर किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों के मध्य सीधा संपर्क कायम कर नवीन एवं वैज्ञानिकी तकनीकी सुधार की जानकारी कृषकों को दी जा रही। आज 21 मई को विकासखंड रतलाम के ग्राम कनेरी, मोरवानी, तितरी विकासखंड सैलाना के सांसर, अडवानिया, कोटडा विकासखंड बाजना के ठिकरिया, देवली, जाम्बुखादन विकासखंड जावरा के बडावदी, डुमाहेडा, खजुरिया विकासखंड आलोट के बरडिया राठौर, कानुडिया, थूरिया विकासखंड पिपलोदा के सूखेडा, माऊखेडी़, पंचेवा में कृषि रथ द्वारा भ्रमण कर जैविक खेती एवं प्राकृतिक कृषि क्षेत्रों का विस्तार, पराली न जलाने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, एकीकृत पोषक तत्व, कीट एवं रोग प्रबंधन, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उपाय, फसल विविधीकरण को बढावा देना, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, ई विकास प्रणाली अंतर्गत ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था, के संबंध में कृषकों को जानकारी दी गई।

22 मई को विकासखंड रतलाम के ग्राम सेमलिया, नेगडदा, सिखेडी विकासखंड सैलाना के सकरावदा, नारायणगड, बोरखेडा विकासखंड बाजना के नाहरपुरा, अमरपुराकला, बरखेडा विकासखंड जावरा के सिंदुरकिया, बर्डिया गोयल, गुर्जर बर्डिया विकासखंड आलोट के शेरपुरखुर्द, निपानिया लिला, गुलबालोद विकासखंड पिपलोदा के चीपीया, रियावन, भाकरखेडी में रथ भ्रमण करेगा। किसान भाई इन पंचायतों में सम्मिलित होकर उक्त योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है।

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जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर प्रस्फुटन समितियों की बैठक आयोजित

बावड़ी पूजन, कलश यात्रा और वृक्ष पूजन से दिया जाएगा जल संरक्षण का संदेश

मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखण्ड रतलाम जिला रतलाम द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत गंगा दशहरा के अवसर पर जिलेभर में “जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत स्त्रोत सेवा समागम कार्यक्रम” के तहत जल संरक्षण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में जन अभियान परिषद द्वारा गठित प्रस्फुटन समितियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला समन्वयक श्री रत्नेश विजयवर्गीय ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से जल गंगा संवर्धन अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप मिल रहा है, गंगा दशहरा पर प्रत्येक ग्राम एवं नगर में जल संरक्षण को लेकर जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं। इसके अंतर्गत बावड़ी पूजन, वृक्ष पूजन एवं कलश यात्राओं के माध्यम से जल संरक्षण के महत्व की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाए। विकासखंड समन्वयक श्री शैलेंद्र सिंह सोलंकी ने समितियों के कार्यों की समीक्षा करते हुए आगामी बावड़ी उत्सव, विश्व पर्यावरण दिवस एवं सामाजिक परिवर्तन से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों पर प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने समितियों से आह्वान किया कि प्रत्येक सामाजिक एवं पर्यावरणीय कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। बैठक में प्रथम चरण में जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत स्त्रोत सेवा समागम कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं का सम्मान भी किया गया। नरेंद्र मोदी विचार मंच के जिला संयोजक रामलाल सोलंकी तथा जनपद पंचायत के समन्वयक अधिकारी सुशील आर्य एवं बब्बू सिंह सिसोदिया ने प्रशासन की ओर से अभियान की भूमिका एवं महत्व पर प्रकाश डाला। बैठक में उपस्थित जनों में नवांकुर संस्था प्रतिनिधि ओमप्रकाश पाटीदार, नरेंद्र श्रेष्ठ, परामर्शदाता मेघा क्षोत्रिय, प्रदीप बीडवाल, परामर्शदाता जितेंद्र पाटीदार, नवांकुर संस्था सचिव पूनम डलवानी सहित नवांकुर व प्रस्फुटन समितियों के पदाधिकारी, विभिन्न ग्राम एवं नगरों के सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। बैठक का संचालन परामर्शदाता जितेंद्र पाटीदार ने किया तथा आभार पूनम डलवानी ने माना।

बावड़ी पूजन, कलश यात्रा और वृक्ष पूजन से दिया जाएगा जल संरक्षण का संदेश

मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखण्ड रतलाम जिला रतलाम द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत गंगा दशहरा के अवसर पर जिलेभर में “जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत स्त्रोत सेवा समागम कार्यक्रम” के तहत जल संरक्षण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में जन अभियान परिषद द्वारा गठित प्रस्फुटन समितियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला समन्वयक श्री रत्नेश विजयवर्गीय ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से जल गंगा संवर्धन अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप मिल रहा है, गंगा दशहरा पर प्रत्येक ग्राम एवं नगर में जल संरक्षण को लेकर जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं। इसके अंतर्गत बावड़ी पूजन, वृक्ष पूजन एवं कलश यात्राओं के माध्यम से जल संरक्षण के महत्व की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाए।

विकासखंड समन्वयक श्री शैलेंद्र सिंह सोलंकी ने समितियों के कार्यों की समीक्षा करते हुए आगामी बावड़ी उत्सव, विश्व पर्यावरण दिवस एवं सामाजिक परिवर्तन से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों पर प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने समितियों से आह्वान किया कि प्रत्येक सामाजिक एवं पर्यावरणीय कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें।

बैठक में प्रथम चरण में जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत स्त्रोत सेवा समागम कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं का सम्मान भी किया गया। नरेंद्र मोदी विचार मंच के जिला संयोजक रामलाल सोलंकी तथा जनपद पंचायत के समन्वयक अधिकारी सुशील आर्य एवं बब्बू सिंह सिसोदिया ने प्रशासन की ओर से अभियान की भूमिका एवं महत्व पर प्रकाश डाला।

बैठक में उपस्थित जनों में नवांकुर संस्था प्रतिनिधि ओमप्रकाश पाटीदार, नरेंद्र श्रेष्ठ, परामर्शदाता मेघा क्षोत्रिय, प्रदीप बीडवाल, परामर्शदाता जितेंद्र पाटीदार, नवांकुर संस्था सचिव पूनम डलवानी सहित नवांकुर व प्रस्फुटन समितियों के पदाधिकारी, विभिन्न ग्राम एवं नगरों के सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। बैठक का संचालन परामर्शदाता जितेंद्र पाटीदार ने किया तथा आभार पूनम डलवानी ने माना।

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सफलता की कहानी समूह से जुड़कर आरती सेन बनीं ‘लखपति दीदी’,

आजीविका मिशन की सहायता से बनी आत्मनिर्भर

जिले के पिपलोदा विकासखंड के ग्राम सुखेड़ा निवासी आरती सेन ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपनी जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया है। ‘यशस्वी’ समूह की अध्यक्ष आरती सेन ने बताया कि समूह से जुड़ने से पहले वे केवल घर का कार्य करती थीं और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। बच्चों का पालन-पोषण भी सही ढंग से नहीं हो पा रहा था। आरती ने बताया कि उन्होंने 12 महिलाओं के साथ मिलकर ‘यशस्वी’ समूह का गठन किया। समूह में बचत शुरू होने के छह माह बाद उन्हें ऋण मिला। प्राप्त राशि से उन्होंने अपना पार्लर शुरू किया, जिससे उनकी मासिक आय बढ़कर करीब 12 हजार रुपये तक हो गई और आर्थिक स्थिति में सुधार आया। इसके बाद उन्होंने एनआरएलएम पिपलोदा कार्यालय में सीआरपी के रूप में कार्य किया, जहां उन्हें नई पहचान और विभिन्न योजनाओं की जानकारी मिली। वर्तमान में वे एकता सीएलएफ में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। आजीविका मिशन के माध्यम से उन्होंने कृषि सखी, बैंक बीसी और जेंडर सखी जैसी कई प्रशिक्षण भी प्राप्त किए। आरती सेन ने बताया कि पार्लर और अन्य कार्यों से उनकी कुल मासिक आय अब करीब 16 हजार रुपये तक हो गई है। आरती सेन ने अपनी सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव तथा आजीविका मिशन को देते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।

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