मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 22 मई 2026 शुक्रवार

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री श्री यादव आईबीसीए के प्री-समिट इवेंट का करेंगे शुभारंभ

20 बाइक एवं एक रेस्क्यू ट्रक को झण्डी दिखाकर करेंगे रवाना

शुक्रवार 22 मई को भोपाल में होगा जैव विविधता संरक्षण और बिग कैट संवर्धन पर होगा मंथन

मंदसौर 21 मई 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव की अध्यक्षता में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026 के अवसर पर इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) प्री-समिट इवेंट का 22 मई 2026 को शुभारंभ होगा। भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (आईआईएफएम) ऑडिटोरियम, भोपाल में होने वाले इस प्री-समिट इवेन्ट में केंद्रीय पर्यावरण और वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह और वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, मध्यप्रदेश शासन, इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस तथा भारतीय वन प्रबंधन संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केन्द्रीय मंत्री श्री यादव प्रात: 9:50 पर वन विभाग द्वारा आयोजित 20 बाइक एवं एक रेस्क्यू ट्रक को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। कार्यक्रम में जैव विविधता संरक्षण, वन्यजीव संवर्धन तथा विशेष रूप से बिग कैट संरक्षण के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस के महानिदेशक डॉ. एस.पी. यादव आईबीसीए की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रस्तुति देंगे। साथ ही मध्यप्रदेश वन विभाग द्वारा भारत में चीता पुनर्स्थापन अभियान पर विशेष प्रस्तुति भी दी जाएगी।

आईईसी सामग्री का होगा विमोचन

कार्यक्रम में जैव विविधता एवं संरक्षण से संबंधित अनेक प्रकाशनों और डिजिटल पहलों का विमोचन एवं लोकार्पण किया जाएगा। इनमें डाक टिकट, ‘इंडियाज बायोडायवर्सिटी रिपोर्ट 2026’, नागोया प्रोटोकॉल पर भारत की पहली राष्ट्रीय रिपोर्ट तथा एबीएस एंड-टू-एंड वेब पोर्टल शामिल हैं। इसके साथ ही एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग, अमरकंटक बायोडायवर्सिटी हेरिटेज साइट तथा मध्यप्रदेश के पवित्र वनों के संरक्षण पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा।

इस आयोजन से जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संतुलन तथा वन्य जीव संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ेगी, साथ ही भारत की प्रतिबद्धता अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित होगी।

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ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण से बदली श्री शिवपुरी गोस्वामी की जिंदगी

10 हजार रूपये की पूंजी से शुरू किया काम, आज बन गए आत्मनिर्भर

अब एसी और रेफ्रिजरेटर रिपेयरिंग से हर माह 30 हजार रूपये तक की आय

मंदसौर 21 मई 26 / ग्राम तीतरोद निवासी श्री शिवपुरी गोस्वामी ने आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद मेहनत और प्रशिक्षण के दम पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने केवल कक्षा 6 वीं तक पढ़ाई की और उसके बाद प्लंबिंग का कार्य करने लगे, लेकिन कम आमदनी के कारण परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था।

इसी दौरान उन्हें ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) मंदसौर के बारे में जानकारी मिली, जहां रेफ्रिजरेटर एवं एसी रिपेयरिंग का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा था। उन्होंने फैकल्टी श्रीमती रवीना प्रजापति से संपर्क कर आवेदन किया और 11 जुलाई 2025 से 9 अगस्त 2025 तक 30 दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें एसी और रेफ्रिजरेटर रिपेयरिंग का व्यावहारिक एवं तकनीकी ज्ञान दिया गया, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा।

प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद श्री शिवपुरी गोस्वामी ने स्वयं की 10 हजार रुपये की पूंजी लगाकर आवश्यक टूल्स खरीदे और घर से ही छोटी सी दुकान शुरू की। धीरे-धीरे उन्होंने गांव-गांव जाकर एसी एवं रेफ्रिजरेटर रिपेयरिंग का कार्य करना शुरू किया। आज लोग उनके पास रिपेयरिंग कार्य के लिए स्वयं आने लगे हैं।

वर्तमान में वे प्रतिमाह 25 हजार से 30 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं। श्री गोस्वामी ने अपनी सफलता का श्रेय भारत सरकार एवं आरसेटी मंदसौर को देते हुए कहा कि संस्थान द्वारा दिए गए प्रशिक्षण और मार्गदर्शन ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।

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दवाई दुकानें बंद के दौरान, जिला चिकित्सालय में दवाई वितरण केंद्र दिनभर खुला रहा : सिविल सर्जन डॉ रावत

मंदसौर 21 मई 26 / सिविल सर्जन डॉ. रावत द्वारा बताया गया कि केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट संगठन द्वारा आयोजित हड़ताल के मद्देनजर जिला चिकित्सालय मन्दसौर में मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर (दवाई वितरण केंद्र) को विशेष व्यवस्था के तहत प्रातः 9:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक लगातार संचालित किया गया।

साथ ही जिला चिकित्सालय में आपातकालीन सेवाएं 24 घंटे सुचारु रूप से जारी रहीं।

हड़ताल के कारण जिले में कई निजी मेडिकल स्टोर बंद रहे, लेकिन जिला चिकित्सालय के दवाई वितरण केंद्र पर मरीजों को आवश्यक दवाइयाँ लगातार उपलब्ध कराई गईं। अस्पताल प्रशासन द्वारा विशेष मॉनिटरिंग करते हुए यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी मरीज को दवाई के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े। इस दौरान दवाई वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सभी कर्मचारियों ने समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए मरीजों को समय पर दवाइयाँ उपलब्ध कराईं। जिला चिकित्सालय प्रशासन द्वारा आमजन को यह संदेश भी दिया गया कि अस्पताल में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं एवं दवाई वितरण व्यवस्था निरंतर जारी है तथा मरीजों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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ग्राम बेहपुर, खजूरीपंथ एवं हरचंडी में आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित

शिविर में 443 मरीजों ने स्वास्थ्य लाभ

मंदसौर 21 मई 26 / टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत ग्राम बेहपुर, खजूरीपंथ एवं हरचंडी में आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के साथ ही टीबी रोग के प्रति जागरूक किया गया।

शिविर के दौरान ग्राम सरपंचों को निक्षय मित्र बनाया गया तथा उनके द्वारा टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरित किए गए। शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर लाभ लिया। तीनों स्थानों पर आयोजित शिविरों में कुल 443 मरीजों की ओपीडी दर्ज की गई, जिसमें 243 पुरुष एवं 200 महिलाएं शामिल रहीं। शिविर में कुल 198 एक्सरे किए गए, जिनमें 6 एक्सरे एब्नार्मल पाए गए। इसके अलावा 27 स्पूटम सैंपल कलेक्शन एवं 22 सीवाई टेस्ट किए गए। स्वास्थ्य जांच के अंतर्गत 185 लोगों की हीमोग्लोबिन जांच, 143 लोगों की ब्लड शुगर जांच तथा 354 लोगों की बीपी जांच की गई। साथ ही टीबी मरीजों को 10 फूड बास्केट वितरित किए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीणों से नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने एवं टीबी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने की अपील की गई।

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अज्ञात वाहन से दुर्घटना घायल होने पर 50 हजार रू. की आर्थिक सहायता स्वीकृत

मंदसौर 21 मई 26 / अज्ञात वाहन से दुर्घटना में घायल होने पर 50 हजार रू. की आर्थिक सहायता राशि की स्‍वीकृत कलेक्‍टर श्रीमती अदिती गर्ग ने प्रदान की है। मोटरयान दुर्घटना पीडित प्रतिकर स्‍कीम 2022 के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल होने पर आर्थिक सहायता का प्रावधान है। इस प्रावधान के तहत अज्ञात वाहन से घायल होने पर दिलीप पिता रतनलाल फगवार निवासी ऋषियानंद नगर मंदसौर को 50 हजार रू. की आर्थिक सहायता मंजूर कि गई।

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अगले पांच साल तक जारी रहेगी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना,लाखों किसानों को मिलेगा लाभ

प्रभावी क्र‍ियान्वयन के लिये कैबिनेट ने स्वीकृत किये 11608.47 करोड़

मंदसौर 21 मई 26 / किसान कल्याण वर्ष में मध्यप्रदेश के किसानों को बडा तोहफा देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को अगले पांच साल तक जारी रखने का फैसला लिया है। योजना के प्रभावी क्र‍ियान्वयन के लिये मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में 11608.47 करोड़ रूपये स्वीकृत किये हैं।

प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति होने पर किसानों को सहायता देने योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के क्रियान्वयन, फसल स्थिति और उपज निर्धारण में तकनीकी के उपयोग में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है।

वर्ष 2023-24 में 35.18 लाख कृषक आवेदनों पर राशि रूपये 961.68 करोड़ का दावा भुगतान किया गया। वर्ष 2024-25 में 35.56 लाख कृषक आवेदनों पर राशि रूपये 275.86 करोड़ का दावा भुगतान किया गया।

प्रदेश में वर्ष 2016 से किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ मिल रहा है। योजना में भागीदार किसानों को फसल नुकसान या क्षति होने पर वित्तीय सहायता मिलती है। खरीफ मौसम में बीमित राशि का 2 प्रतिशत, रबी मौसम में 1.5 प्रतिशत अधिकतम प्रीमियम किसानों द्वारा देय होता है। किसानों द्वारा देय प्रीमियम और बीमांकित प्रीमियम की दर के अंतर को सामान्य प्रीमियम सब्स‍िडी की दर माना जाता है। इसकी भागीदारी केन्द्र और राज्य द्वारा बराबर वहन की जाती है।

केन्द्र सरकार द्वारा सिंचित और असिंचित जिलों की फसलों में केन्द्र सरकार की प्रीमियम सब्स‍िडी की सीलिंग क्रमश: 25 प्रतिशत और 30 प्रतिशत की सीमा तक रखी गई है। यदि इस सीलिंग के अधिक दरें प्राप्त होती हैं तो अतिरिक्त भार राज्य शासन को वहन करना होता है। मध्यप्रदेश में क्षतिपूर्त‍ि स्तर का 80 प्रतिशत निर्धारित है। आगामी वर्षो में भी सभी फसलों के लिये क्षतिपूर्त‍ि का स्तर 80 प्रतिशत रखा गया है।

वैकल्पिक क्रियान्वयन मॉडल

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन के लिये राज्य अपनी आवश्यकता अनुसार उपयुक्त मॉडल चुन सकता है।

पहला कप एण्ड सरप्लस शेयरिंग 80-110 मॉडल और दूसरा कप एण्ड केप सरप्लस शेयरिंग 60-130 मॉडल। कप एण्ड केप सरप्लस शेयरिंग 80-110 मॉडल के अंतर्गत कुल प्रीमियम के 110 प्रतिशत तक का क्लेम बीमा कम्पनी द्वारा वहन किया जाता है। 110 प्रतिशत से अधिक अतिरिक्त क्लेम राशि का वहन राज्य शासन द्वारा किया जाता है। 80 प्रतिशत से कम क्लेम बनने पर क्लेम एवं 80 प्रतिशत के अंतर की सरप्लस राशि बीमा कम्पनी द्वारा राज्य शासन को वापस की जाती है।

कप एण्ड केप सरप्लस शेयरिंग 60-130 मॉडल के अंतर्गत कुल प्रीमियम के 130 प्रतिशत तक का क्लेम बीमा कम्पनी द्वारा वहन किया जाता है। 130 प्रतिशत से अधिक अतिरिक्त क्लेम राशि का वहन राज्य शासन एवं केन्द्र सरकार द्वारा बराबर अनुपात में किया जाता है। 60 प्रतिशत से कम क्लेम बनने पर क्लेम एवं 60 प्रतिशत के अंतर की सरप्लस राशि बीमा कम्पनी द्वारा राज्य शासन एवं केन्द्र सरकार को वापस की जाती है। मॉडल पर निर्णय गुण-दोष के आधार पर लिया जायेगा।

किसानों को फायदें

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं के कारण आर्थिक हानि होने पर किसानों को मदद करती है। इस योजना के तहत किसानों के द्वारा भुगतान की जाने वाली बीमा की प्रीमियम राशि को बहुत ही कम रखा गया है। छोटे किसान भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। यह योजना 2 प्रतिशत (खरीफ फसलें), 1.5 प्रतिशत (रबी फसलें) और 5 प्रतिशत (वार्षिक वाणिज्यिक और बागवानी फसलें) की प्रीमियम दर पर किसानों के व्यय को कम करने और किसानों की आय को स्थिर करने के उद्देश्य से फसल विफलता होने पर एक व्यापक बीमा कवर देती है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन प्रदेश के जिलों में 11 क्लस्टर्स में किया जा रहा है। प्रत्येक क्लस्टर के लिये बीमा कंपनियों का चयन निविदा के माध्यम से किया गया है।

फसल उपज का आंकलन सेटेलाईट आधारित रिमोट सेसिंग तकनीक से किया जा रहा है। इसके लिये कृषि विभाग द्वारा नेशनल रिमोट सेसिंग केन्द्र (इसरो), मध्यप्रदेश काउसिंल ऑफ साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी, मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रानिक्स कार्पोरेशन से समझौता किया गया है। मौसम सूचना तंत्र एवं डाटा प्रणाली का उपयोग कर योजना का क्र‍ियान्वयन किया जायेगा।

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