समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 24 नवंबर 2025 सोमवार

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कलेक्टर श्रीमती गर्ग के निर्देशन में जिले में हुआ अद्वितीय कार्य
विशेष गहन पुनरीक्षण में जिले ने हासिल किया 66.80 प्रतिशत लक्ष्य
कलेक्टर ने शत प्रतिशत कार्य करने वाले बीएलओ को दी बधाई और शुभकामनाएं
मंदसौर 23 नवम्बर 25/ कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग के निर्देशन में जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत इलेक्ट्रोल फॉर्म (ईएफ) वितरण एवं डिजिटाइजेशन कार्य में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ द्वारा किए जा रहे कार्यों की सतत समीक्षा में संतोषजनक उपलब्धियां सामने आई हैं। मंदसौर विधानसभा में कुल 2,65,709 मतदाताओं में से 2,65,642 ईएफ वितरित किए गए तथा 1,58,253 ईएफ का डिजिटाइजेशन कर 59.56 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गई। मल्हारगढ़ विधानसभा में 2,50,333 मतदाताओं में से 2,48,810 ईएफ वितरित किए गए और 1,85,619 ईएफ डिजिटाइज हुए, जो जिले में सर्वाधिक 74.15 प्रतिशत है। सुवासरा विधानसभा में 2,83,396 मतदाताओं में से 2,83,391 ईएफ वितरित किए गए तथा 1,84,902 ईएफ के डिजिटाइजेशन के साथ 65.25 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज हुई। वहीं गरोठ विधानसभा में कुल 2,54,203 मतदाताओं में से 2,54,161 ईएफ वितरित किए गए तथा 1,75,061 ईएफ डिजिटाइज कर 68.87 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया गया।
समग्र रूप से जिले में कुल 10,53,641 मतदाताओं में से 10,52,004 ईएफ वितरित कर दिए गए हैं तथा 7,03,835 ईएफ का डिजिटाइजेशन कर जिले ने 66.80 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की है। कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने सभी बीएलओ के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा शेष डिजिटाइजेशन कार्य को प्राथमिकता के साथ शीघ्रपूर्ण किया जाए।
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कैबिनेट मंत्री श्री पटेल ने भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन कर की पूजा-अर्चना
मंदसौर 23 नवम्बर 25/ पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम विभाग, मध्यप्रदेश शासन के मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल आज मंदसौर स्थित भगवान पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचे, जहाँ उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर जिलेवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के बाद मंत्री श्री पटेल ने तापेश्वर महादेव एवं सहस्त्र शिवलिंग मंदिर के भी दर्शन किए।
इस दौरान लोकसभा सांसद श्री सुधीर गुप्ता, जनपद अध्यक्ष श्री बसंत शर्मा, अन्य जनप्रतिनिधि तथा प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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डाक विभाग ने इनलैंड स्पीड पोस्ट (दस्तावेज़) शुल्क में परिवर्तन और नई सुविधाओं की शुरुआत की
मंदसौर 23 नवंबर 25/ डाकघर अधीक्षक द्वारा बताया गया कि डाक विभाग ने 1 अगस्त 1986 को स्पीड पोस्ट की शुरुआत की थी ताकि देशभर में पत्रों और पार्सलों के तेज़ और विश्वसनीय वितरण को सुनिश्चित किया जा सके। भारतीय डाक के आधुनिकीकरण प्रयासों के तहत शुरू की गई यह सेवा समयबद्ध, कुशल और सुरक्षित डाक वितरण के उद्देश्य से शुरू की गई थी। वर्षों में स्पीड पोस्ट भारत की सबसे लोकप्रिय और विश्वसनीय मेल सेवाओं में से एक बन चुकी है और निजी कुरियर कंपनियों से बेहतर सुविधा देने के लिए तत्पर है।
आरंभ से ही स्पीड पोस्ट ने ग्राहकों की बदलती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निरंतर विकास किया है। देश में पसंदीदा वितरण सेवा के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करने के लिए इसमें अब, ग्राहकों की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से नई सुविधाएँ जोड़ी गई हैं!
ओटीपी-आधारित सुरक्षित वितरण, ऑनलाइन भुगतान सुविधा, एसएमएस-आधारित वितरण सूचनाएँ सुविधाजनक, ऑनलाइन बुकिंग सेवाएँ, वास्तविक समय (रीयल-टाइम) वितरण अपडेट, उपयोगकर्ताओं के लिए पंजीकरण सुविधा आदी।
इनलैंड स्पीड पोस्ट का शुल्क अंतिम बार अक्टूबर 2012 में संशोधित किया गया था। निरंतर सुधारों को बनाए रखने, बढ़ती परिचालन लागतों को पूरा करने और नए नवाचारों में निवेश करने के लिए, अब स्पीड पोस्ट (दस्तावेज़) का शुल्क तार्किक रूप से संशोधित किया गया है।
स्पीड पोस्ट के अंतर्गत दस्तावेज़ों और पार्सलों दोनों के लिए पंजीकरण (Registration) को एक मूल्य-वर्धित सेवा के रूप में उपलब्ध कराया गया है। इससे ग्राहक किसी विशेष पते पर सुरक्षित डिलीवरी का लाभ उठा सकते हैं, जिसे विश्वास और गति को साथ लाने के उद्देश्य से विशिष्ट रूप से डिज़ाइन किया गया है। इस मूल्य-वर्धित सेवा ‘पंजीकरण’ के लिए प्रति स्पीड पोस्ट आइटम (दस्तावेज़/पार्सल) ₹5/- तथा लागू जीएसटी का शुल्क लिया जाएगा। इस सुविधा के अंतर्गत डाक सामग्री केवल वास्तविक प्राप्तकर्ता अथवा प्राप्तकर्ता द्वारा विधिवत् अधिकृत व्यक्ति को ही सौंपी जाएगी।
इसी प्रकार, वन-टाइम पासवर्ड (OTP) डिलीवरी की मूल्य-वर्धित सेवा के लिए भी प्रति स्पीड पोस्ट आइटम (दस्तावेज़/पार्सल) ₹5/- तथा लागू जीएसटी का शुल्क लिया जाएगा। इस सुविधा के अंतर्गत डाक सामग्री केवल तभी सौंपी जाएगी जब वितरण कर्मचारी को साझा किया गया ओटीपी सफलतापूर्वक सत्यापित हो जाएगा।
स्पीड पोस्ट सेवाओं की पहुंच छात्रों के लिए और आसान बनाने हेतु स्पीड पोस्ट शुल्क पर 10% की छूट दी गई है। इसके अलावा, नए बल्क ग्राहकों के लिए विशेष रूप से 5% की छूट भी शुरू की गई है।
ये सभी प्रयास भारतीय डाक की उस सतत यात्रा का हिस्सा हैं जिसके अंतर्गत वह अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-सक्षम सेवा प्रदाता के रूप में विकसित हो रहा है। स्थायी नवाचारों और विश्वास बढ़ाने वाली सुविधाओं को अपनाकर स्पीड पोस्ट ग्राहकों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को ढालता रहा है और राष्ट्र के सबसे विश्वसनीय व किफायती वितरण साझेदार के रूप में अपनी स्थिति को लगातार मज़बूत कर रहा है।
अधिक जानकारी के लिए सोशल मीडिया लिंक
https://x.com/jm_scindia/status/1971583564711174614?s=46&t=dzUP3Qfr-K9KcXd4a05OpQ या कार्यालय अधीक्षक डाकघर मंदसौर पर संपर्क कर सकते है।
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जिला स्तरीय पूर्व सैनिक सम्मेलन 28 नवंबर को आयोजित होगा
मंदसौर 23 नवंबर 25/ जिला सैनिक कल्याण अधिकारी श्री संजय दीक्षित ने बताया कि जिला सैनिक कल्याण बोर्ड का जिला स्तरीय पूर्व सैनिक सम्मेलन समारोह 28 नवंबर 2025 को कुशाभाऊ ठाकरे प्रेक्षागृह, मंदसौर में आयोजित किया जाएगा।
इस जिला स्तरीय पूर्व सैनिक सम्मेलन समारोह का उद्देश्य, जिला सैनिक कल्याण कार्यालय एवं विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से पूर्व सैनिकों, विधवाओं और वीर नारियों के उत्थान एवं सहायता के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना है।
साथ ही कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं शहीद सैनिकों की विधवाओं को एक मंच पर लाकर उनकी व्यक्तिगत समस्याओं के निवारण हेतु संबंधित विभागों एवं हितधारकों के साथ संवाद स्थापित करने का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर जिले के सभी पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और शहीद सैनिकों की विधवाओं से सम्मेलन में उपस्थित होने का आग्रह किया गया है।
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सड़क दुर्घटना में गम्भीर घायल व्यक्ति के गोल्डन ऑवर मे त्वरित उपचार हेतु राहवीर योजना
मंदसौर 23 नवंबर 25/ स्वास्थ्य विभाग मीडिया प्रभारी द्वारा बताया गया कि, सड़क दुर्घटना में पीड़ित घायल व्यक्ति के सही समय पर अस्पताल न पहुंचने के कारण घायल व्यक्ति की मृत्यु तक हो जाती है। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने मे आम नागरिकों को यह भय रहता है कि वे भी पुलिस कार्यवाही के भागी बन जायेंगे अर्थात घायल को अस्पताल पहुंचाने की मदद करने वाले व्यक्ति से पुलिस द्वारा पुछताछ की जायेंगी, जिस कारण आम नागरिक चाहते हुवे भी पुलिस कार्यवाही के भय से सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल में ले जाने से कतराते है किन्तु ऐसा नही है। सड़क दुर्घटना में गम्भीर घायलों को उपचार हेतु अस्पताल लाने वाले राहवीर को राशि 25,000/- रू. एवं प्रशस्ती पत्र प्रदान करने का प्रावधान है।
शासन द्वारा सड़क दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में त्वरित उपचार कराने के उद्देश्य से गुड सेमेरिटन योजना लागू की गई है ताकि सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से पीड़ित को अस्पताल ले जाने वाले व्यक्ति को प्रोत्साहन स्वरूप राशि प्रदान की जा सकें। इस योजनांतर्गत सड़क दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाने वाले व्यक्ति को राहवीर की परिभाषा मे शामिल किया गया है। सड़क दुर्घटना में गम्भीर घायलों को उपचार हेतु अस्पताल लाने वाले राहवीर को राशि 25,000/-रू. एवं प्रशस्ती पत्र प्रदान करने का प्रावधान है। इस योजना से सड़क दुर्घटना मे गम्भीर घायल व्यक्ति का त्वरित उपचार संभव हो सकेगा वही प्रोत्साहन राशि 25,000/-रू. के कारण नवयुवा एवं आम आदमी पीड़ित की मदद के लिये तत्पर रहेंगे, जिससे सड़क दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति की जान भी बचेगी, सड़क दुर्घटना मे होने वाली मृत्युदर में कमी परिलक्षित हो सकेंगी।
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गणना पत्रक भरने के लिए आवश्यक नहीं किसी भी प्रकार का ओटीपी
सीईओ श्री संजीव कुमार झा ने किया मतदाताओं को सतर्क
मंदसौर 23 नवम्बर 25 / एसआईआर-2026 के दौरान गणना पत्रक भरने के लिए बीएलओ या किसी भी अन्य अधिकारी द्वारा किसी भी माध्यम से ओटीपी मांगे जाने की आवश्यकता नहीं है। मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने मतदाताओं को सतर्क करते हुए बताया है कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में स्वयं, माता-पिता या दादा-दादी संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए मतदाता अपने क्षेत्र के बीएलओ अथवा नजदीकी हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जानकारी ऑनलाइन voters.eci.gov.in या ceoelection.mp.gov.in पर भी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया है कि एसआईआर पत्रक भरते समय सुरक्षा उपायों का पालन करें। आधिकारिक सरकारी वेबसाइट पर ही एसआईआर भरें।
ये हैं सुरक्षा उपाय
ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें। एसआईआर की प्रक्रिया में निर्वाचन विभाग या किसी अधिकारी द्वारा फोन/मैसेज पर ओटीपी, आधार नंबर, मोबाइल नंबर आदि मांगना प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है। यदि कोई इस तरह की जानकारी माँगता है तो वह ‘साइबर फ्रॉड कॉल’ हो सकता है।
एसआईआर भरते समय इन बातों का रखें ध्यान
एसआईआर प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। किसी भी प्रकार की फीस, प्रोसेसिंग चार्ज या भुगतान करने के लिए कहे जाने पर ध्यान दें-ऐसे संदेश/कॉल धोखाधड़ी हो सकते हैं। व्हॉट्सऐप या सोशल मीडिया पर मिले लिंक न खोलें। ‘आपका वोटर कार्ड रद्द हो जाएगा’, ‘तुरंत एसआईआर भरें’ जैसे संदेश फर्जी हो सकते हैं। एसआईआर के लिये साइबर कैफे का उपयोग करते समय सतर्क रहें। ऑटो-सेव बंद रखें, कार्य समाप्त होने पर ब्राउजर इतिहास/कैश साफ़ करें और अनिवार्य रूप से लॉगआउट करें। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल: www.cybercrime.gov.in अथवा हेल्पलाइन: 1930 पर करें।



