हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा सुवासरा, भव्य शाही सवारी में उमड़ा आस्था का सैलाब

वृंदावन के कलाकारों और आदिवासी लोकनृत्य ने बांधा समां
सुवासरा।सावन और शिव आराधना के पावन माहौल के बीच नगर में भगवान सिद्धेश्वर महादेव की शाही सवारी अत्यंत भव्यता, अनुशासन और उत्साह के साथ निकाली गई। ढोल-ताशों की गूंज, शंखनाद और डमरुओं की थाप से पूरा नगर क्षेत्र शिवमय नजर आया। जगह-जगह हुए पुष्पवर्षा से सजे मार्गों ने इस धार्मिक आयोजन को एक ऐतिहासिक स्वरूप दे दिया।मंदिर से आरंभ होकर नगर भ्रमण तक का सफर दोपहर 03 बजे तहसील परिसर स्थित प्राचीन सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजन-अर्चन के साथ शाही सवारी का श्रीगणेश हुआ।सवारी ने तय मार्ग के अनुसार उत्साह और अनुशासन के साथ नगर का भ्रमण किया। यह शोभायात्रा तहसील परिसर से चलकर जैन मंदिर मार्ग, सदर बाजार, हॉस्पिटल रोड़ तहसील रोड से होते हुए पुनः रात्रि 8 बजे तहसील परिसर स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। यहां विधि-विधान से भगवान महादेव की महाआरती उतारी गई, जिसके पश्चात महाप्रसादी का वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
शाही सवारी में शामिल विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक झांकियों ने हर आयु वर्ग के दर्शकों का मनमोह लिया।वृंदावन की रासलीला और नृत्य: उत्तर प्रदेश के वृंदावन से विशेष तौर पर पधारे कलाकारों ने अपनी मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि दर्शक भाव-विभोर हो उठे।
आदिवासी लोकनृत्य और संगीत: झाबुआ से आए पारंपरिक आदिवासी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत शानदार लोकनृत्य और अनोखी आदिवासी नाद ने सांस्कृतिक विविधता का अनूठा रंग बिखेरा।
स्थानीय रमणीक हनुमान व्यायामशाला के ओजस्वी कलाकारों ने लाठी-भाला और विभिन्न पारंपरिक शस्त्रों व कलाओं के ऐसे हैरतअंगेज और खतरनाक करतब दिखाए कि देखने वालों की सांसे थम गईं।वाद्य यंत्रों की गूंज: आधुनिक डीजे की धुनों के साथ पारंपरिक ढोल-ताशा पार्टियों ने पूरे माहौल में जोश और ऊर्जा का संचार कर दिया।
भगवान सिद्धेश्वर महादेव के दर्शन पाने और शाही सवारी का स्वागत करने के लिए सुवासरा सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। यात्रा मार्ग पर प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।श्री हरदीप सिंह डंग (विधायक, सुवासरा) श्रीमती दुर्गा पाटीदार (जिला पंचायत अध्यक्ष)श्रीमती प्रियंका गोस्वामी (पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष)इनके अलावा विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, नगर के प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में मातृशक्ति भी इस सवारी का हिस्सा बनी।जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत
शाही सवारी के मार्ग में जगह-जगह सामाजिक, धार्मिक, युवा और राजनीतिक संगठनों द्वारा भव्य स्वागत द्वार बनाए गए थे। पुष्प वर्षा के साथ-साथ जगह-जगह अल्पाहार और ठंडे पानी की व्यवस्था भी श्रद्धालुओं के लिए की गई थी। इस आयोजन ने एक बार फिर सुवासरा नगर की आपसी आत्मीयता, धार्मिक सौहार्द और सांस्कृतिक समृद्धि की अनूठी मिसाल पेश की है।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय प्रशासन, मंदिर समिति और नगर के समस्त धर्मप्रेमियों का विशेष योगदान रहा।



