मंदसौर जिलासीतामऊ

मुक्तिधाम समिति के सदस्यों कि मेहनत और सद्विचारों से हर किसी का मनमोहक स्थल हो गया 

सीतामऊ के महाकाल मुक्तिधाम ने स्वच्छता सुंदरता और पर्यावरण में बनाया मध्यप्रदेश में स्थान 

सीतामऊ। नगर जिले ही नहीं मध्यप्रदेश में स्वच्छता और सुंदरता में अपना स्थान बनाने वाला सीतामऊ छोटी काशी का महाकाल मुक्तिधाम है जहां समाजसेवकों द्वारा सेवाएं दी जा रही है वहीं दानदाताओं द्वारा भी सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

मुक्ति धाम जाने से तो क्या मुक्तिधाम का नाम आते ही व्यक्तियों में एक अजीब सा होने लगता है।परन्तु सीतामऊ नगर का महाकाल मुक्तिधाम ऐसा मुक्ति धाम है जहां लोग आकर आत्म शांति का अनुभव प्राप्त करते हैं। यहां चारों ओर कतार बद्ध पेड़ पौधों के साथ महकती फुल पौधों कि हरियाली है तो वहीं पक्षियों कि मधुर चहचहाहट से मन गदगद हो जाता है। वहीं हरियाणा पानीपत क्षेत्र से आएं संत ने यहां पर कुटिया बनाकर धुनी को प्रज्ज्वलित कर महाकाल कि भक्ति में लीन हैं जिनके दर्शन भी होगे।

समाजसेवकों कि एक टीम है। महाकाल मुक्तिधाम समिति जो वर्षों से निरंतर निस्वार्थ भाव से कार्य कर रही है। सेवा के इसी क्रम में रविवार को दानदाताओं के सहयोग से पेड़ पौधों का संरक्षण अभियान चलाया गया जिसमें खरपतवार नाशक छिड़काव किया गया वहीं दो जेसीबी मशीनों द्वारा साफ सफाई और वही शेष भाग में नये पेड़ों को लगाने का कार्य भी किया जा रहा जिसमें प्रकाश द्वार से लेकर भगवान‌ शंकर जी के स्टेच्यू क्षेत्र में पौधारोपण के गड्ढे खुदाई का अभियान चलाया गया।इस दौरान समिति अध्यक्ष मुकेश चौरड़िया सचिव संजय चौहान कोषाध्यक्ष मनोज माली,महामंत्री लक्ष्मीनारायण मांदलिया संरक्षक हेमंत जैन अशुल कोठारी, प्रदीप चौरड़िया, अशुल अरोड़ा, पत्रकार सुरेश गुप्ता, पर्व मराठा, सागर राठौर, व्यवस्था प्रमुख मुन्ना लाल टेलर किरणमल चैनाल आदि ने सहयोग प्रदान किया।

इस धाम को स्वच्छ सुंदर बनाने के लिए आप लोगों ने बहुत मेहनत कि- श्री सिसोदिया 

इस अवसर पर समिति के कार्यो का समाजसेवी खुमानसिंह सिसोदिया ने अवलोकन कर कहा कि बाबा महाकाल के इस धाम को स्वच्छ सुंदर बनाने के लिए आप लोगों ने बहुत मेहनत कि और अपने सोच विचार से इसे सुंदरता प्रदान कि जिससे मैं अभिभूत हूं और अपनी और से 1100 रु कि सहयोग राशि प्रदान करता हूं। समिति के पदाधिकारियों ने श्री सिसौदिया का धन्यवाद ज्ञापित किया और बाबा महाकाल से आनंदमय जीवन कि कामना की।

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