सुवासरा में चोरों का ‘तांडव’, एक ही रात में 10 जगहों पर वारदात; पुलिस की गश्त सिर्फ ‘सेल्फी’ तक सीमित

सुवासरा में चोरों का ‘तांडव’, एक ही रात में 10 जगहों पर वारदात; पुलिस की गश्त सिर्फ ‘सेल्फी’ तक सीमित

सुवासरा। विधायक के गृह नगर सुवासरा में कानून व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर आ चुकी है। बीती रात अज्ञात चोरों ने नगर को बंधक बनाते हुए एक-दो नहीं, बल्कि करीब 10 अलग-अलग स्थानों पर ताबड़तोड़ चोरियों को अंजाम देकर सनसनी फैला दी। इस महा-सेंधमारी ने सुवासरा की जनता के मन में गहरे खौफ का माहौल पैदा कर दिया है, वहीं पुलिसिया गश्त के दावों की सरेआम धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं।कहां-कहां और कैसे फूटा चोरों का आतंक?
प्राप्त जानकारी अनुसार चोरों ने इस बार बेहद शातिराना अंदाज में योजनाबद्ध तरीके से पूरे नगर को निशाना बनाया।
पढ़िए सिलसिलेवार ब्यौरा:- व्यापारी के वाहन पर हाथ साफ: बस स्टैंड क्षेत्र में प्रसिद्ध अनाज व्यापारी जुगल वेद के घर के बाहर खड़े 709 लोडिंग वाहन को चोरों ने निशाना बनाया। वाहन से बैटरी और डीजल उड़ाकर करीब 18,000 रुपये का चूना लगा दिया।
आस्था पर प्रहार (शनि मंदिर): रुनीजा मार्ग पर स्थित शनि मंदिर का मुख्य द्वार और दानपात्र तोड़कर चोर करीब 12,000 रुपये की नकदी समेट ले गए।
पेट्रोल पंपों पर कतार से चोरियां: रुनीजा रोड और शामगढ़ रोड स्थित ‘नायरा पेट्रोल पंप’ पर खड़े 5 अलग-अलग ट्रैक्टरों से बैटरियां पार कर दी गईं।
राम मंदिर में असफल प्रयास: पावर हाउस के सामने स्थित राम मंदिर का भी ताला तोड़ा गया और दानपात्र चुराने का प्रयास किया गया, जो असफल रहा।
पुलिसकर्मी के घर के बाहर भी दुस्साहस (CCTV में कैद): चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने रुनीजा रोड निवासी और मंदसौर नारकोटिक्स विभाग में पदस्थ आरक्षक पिरूलाल सोनी के घर के बाहर खड़ी कार को भी नहीं बख्शा। चोर कार के व्हील कैप चुराते हुए CCTV कैमरे में कैद हो गए हैं। इसके अलावा भी कई वाहनों से बैटरियां और अन्य कीमती सामान चोरी हुआ है।
बड़ा खुलासा: सिर्फ ‘फोटो-सेल्फी’ तक सीमित है पुलिस की रात्रि गश्त
नगर में इस बात को लेकर जनता का आक्रोश चरम पर है कि पुलिस की रात्रि गश्त जमीनी हकीकत से कोसों दूर, सिर्फ “फोटो और सेल्फी” खिंचवाने तक सीमित रह गई है। वरिष्ठ अधिकारियों को दिखाने के लिए पॉइंट पर खड़े होकर तस्वीरें तो खिंचवाई जाती हैं, लेकिन जैसे ही कैमरा बंद होता है, अपराधी बेखौफ होकर अपनी ड्यूटी पर लग जाते हैं।
जनता का दर्द: “पहले हुई चोरियों का सुवासरा पुलिस आज तक सुराग नहीं लगा पाई है। अब इस नई वारदात ने व्यापारियों और आम नागरिकों की नींद उड़ा दी है। जब भी चोरी होती है, बड़े अधिकारी सिर्फ मौका-मुआयना करने (खानापूर्ति करने) आते हैं और चले जाते हैं। नतीजा सिफर रहता है।”
वीआईपी (VIP) क्षेत्र का यह हाल, तो बाकी जगह क्या होगा?
यह पूरा मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि सुवासरा स्थानीय विधायक का गृह नगर है। विधायक के अपने क्षेत्र में जब शासन-प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था का यह हाल है, तो क्षेत्र के दूर-दराज के गांवों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही मानी जाएगी।
जांच के नाम पर ‘वही पुराना’ रटा-रटाया राग
घटना की भनक लगते ही सीतामऊ एसडीओपी (SDOP) दिनेश प्रजापति और सुवासरा थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह बघेल ने अपनी टीम के साथ अलग-अलग घटनास्थलों का मुआयना किया। हमेशा की तरह इस बार भी आश्वासन का झुनझुना थमा दिया गया है।
मामले में इनका कहना
“वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर इस मामले में नगर के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं। बारीकी से जांच चल रही है, जल्द ही चोरों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”
— दिनेश प्रजापति, एसडीओपी, सीतामऊ
जब चोर रात भर में 10 जगहों पर वारदात कर रहे थे, तब सुवासरा पुलिस की ‘मुस्तैद’ गश्त टीम कहां सो रही थी?
क्या सीसीटीवी में चेहरा कैद होने के बाद भी पुलिस चोरों को पकड़ पाएगी, या यह केस भी पुरानी फाइलों की तरह दबा दिया जाएगा?



