नीमचमध्यप्रदेश

लाइसेंस तो है, लेकिन सड़क पर चलने के नियमों की जानकारी कितनों को है?

सड़क हादसों पर बड़ा सवाल—आखिर जिम्मेदार कौन?

नीमच


सड़क पर रोजाना हजारों वाहन दौड़ रहे हैं और आए दिन सड़क हादसों में लोगों की जान जा रही है। हादसे के बाद कभी वाहन चालक को जिम्मेदार बताया जाता है, कभी सड़क की खराब स्थिति को, कभी आवारा मवेशियों को तो कभी तेज रफ्तार को।

लेकिन एक बड़ा सवाल आज भी अनदेखा है—क्या हमारे वाहन चालक वास्तव में सड़क पर चलने के सभी नियमों के जानकार हैं?

ड्राइविंग लाइसेंस होना और सड़क सुरक्षा के नियमों की पूरी जानकारी होना, दोनों अलग-अलग बातें हैं। जिस वाहन में आम नागरिक, अधिकारी या जनप्रतिनिधि सफर करते हैं, क्या उन्हें पता होता है कि वाहन चला रहा चालक सड़क सुरक्षा के नियमों में कितना प्रशिक्षित है?

❓ बच्चों को स्कूलों में यातायात शिक्षा क्यों नहीं?

सड़क सुरक्षा की शिक्षा बच्चों को छोटी उम्र से ही दी जानी चाहिए। कक्षा 5वीं से 8वीं तक के पाठ्यक्रम में यातायात नियमों का व्यवस्थित और व्यावहारिक पाठ अनिवार्य किया जाना चाहिए।


बच्चों को केवल लाल, पीली और हरी बत्ती की जानकारी नहीं, बल्कि लेन अनुशासन, ओवरटेकिंग, सुरक्षित दूरी, सड़क पार करने के नियम, पैदल यात्रियों की प्राथमिकता, दोपहिया वाहन सुरक्षा, रात्रि में वाहन चलाने के नियम और आपातकालीन परिस्थितियों में वाहन नियंत्रण जैसे विषय पढ़ाए जाने चाहिए।

🚦 हादसे के बाद संवेदना नहीं, हादसे से पहले सुरक्षा जरूरी

सड़क हादसे में किसी की मौत होने के बाद केवल शोक व्यक्त कर देना पर्याप्त नहीं है। सरकार को यह सोचना होगा कि हादसा होने से पहले उसे रोकने के लिए क्या व्यवस्था की गई थी।

इसमें सरकार, शिक्षा विभाग, यातायात पुलिस, परिवहन विभाग, सड़क निर्माण एजेंसियां, वाहन चालक और आम नागरिक—सभी की भूमिका है।

🛑 अब सरकार को लेना होगा बड़ा फैसला

यदि बच्चों को स्कूल से ही यातायात नियमों की शिक्षा दी जाए और भविष्य के वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिले, तो आने वाले वर्षों में सड़क हादसों में काफी कमी लाई जा सकती है।


सड़क पर वाहन चलाना केवल वाहन को आगे बढ़ाना नहीं है, बल्कि स्वयं और दूसरों की जिंदगी की जिम्मेदारी भी लेना हैं

क्या सरकार कक्षा 5वीं से 8वीं तक यातायात एवं सड़क सुरक्षा की अनिवार्य शिक्षा शुरू करेगी?

क्या सरकारी वाहनों के चालकों सहित सभी वाहन चालकों के लिए समय-समय पर सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा?

आखिर सड़क हादसों में होने वाली मौतों को रोकने के लिए हादसे के बाद कार्रवाई के बजाय हादसे से पहले सुरक्षा व्यवस्था कब मजबूत होगी?

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