पिपलिया मंडी की बहू सलोनी गुप्ता की पुस्तक “अनुभव के स्वर” बटोर रही है सुर्खियां, शब्दों में पिरोए जीवन के अनगिनत पहलू

पिपलिया मंडी की बहू सलोनी गुप्ता की पुस्तक “अनुभव के स्वर” बटोर रही है सुर्खियां, शब्दों में पिरोए जीवन के अनगिनत पहलू
पिपलिया मंडी। नगर के प्रतिष्ठित व्यावसायिक प्रतिष्ठान (गायत्री स्टोन) वाले, श्री बलराम जी गुप्ता की कर्मठ पुत्रवधू एवं श्री अर्पित जी गुप्ता की धर्मपत्नी श्रीमती सलोनी गुप्ता ने साहित्य के क्षेत्र में एक अनूठी छाप छोड़ी है। पेशे से एक फार्मासिस्ट होने और मेडिकल क्षेत्र में सक्रिय रुचि रखने के बावजूद, सलोनी जी ने अपने भीतर छुपी लेखन कला को जीवंत करते हुए अपनी पहली पुस्तक “अनुभव के स्वर (जीवन के अनगिनत पहलू)” का प्रकाशन किया है, जो इन दिनों पाठकों के बीच बेहद लोकप्रिय हो रही है।
बचपन का शौक बना शब्दों की माला
इविंसपब पब्लिशिंग (Evincepub Publishing) द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक के माध्यम से लेखिका सलोनी गुप्ता ने यह साबित कर दिया है कि यदि मन में जज्बा हो, तो अपनी व्यस्त दिनचर्या और प्रोफेशन के बीच भी कला को निखारा जा सकता है। लेखिका का कहना है कि उन्हें लिखने की कला बचपन से ही विरासत में मिली है। वे शब्दों को जोड़कर अपने अहसासों और जीवन के विविध पहलुओं को कागज पर उतारना पसंद करती हैं।
“शब्द मोती की तरह होते हैं, जो एक माला की तरह पंक्तियों में जुड़ जाते हैं।”
— श्रीमती सलोनी गुप्ता (लेखिका)
क्या है “अनुभव के स्वर” पुस्तक में?
यह किताब मनुष्य के जीवन के अनगिनत पहलुओं, जीवन में बीती हुई वास्तविक घटनाओं और भावनात्मक रिश्तों के ताने-बाने से जुड़ी हुई रचनाओं का एक बेहद खूबसूरत संग्रह है। पुस्तक की भाषा इतनी सरल और मर्मस्पर्शी है कि इसे जो भी गहराई से पढ़ता है, उसे ऐसा महसूस होता है मानो यह उसके अपने ही जीवन की कहानी हो। यही कारण है कि यह पुस्तक साहित्य प्रेमियों और आम पाठकों के बीच तेजी से अपनी पहचान बना रही है।
नगर जनों ने दी बधाई व उज्जवल भविष्य की कामना
पिपलिया मंडी जैसी छोटी जगह से निकलकर राष्ट्रीय स्तर के पब्लिकेशन के माध्यम से अपनी किताब लाने पर गुप्ता परिवार सहित पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। इस गौरवमयी उपलब्धि पर नगर के गणमान्य नागरिकों, प्रबुद्धजनों और शुभचिंतकों ने सलोनी गुप्ता को बधाई देते हुए उनके उज्जवल साहित्यिक भविष्य की मंगलकामना की है।
-नरेश जजवानी ‘गोई’



