कीड़े मारने की दवा बनी काल, बुझ गया अटोलिया परिवार का इकलौता चिराग

मंदसौर जिले के नगरी में कोहराम: चने के कट्टों में छुपी थी ‘अदृश्य मौत’
सावधान किसान भाइयों! कीड़े मारने की दवा कहीं इंसान को न मार दे! अनाज के ज़हर ने ली युवक की जान!
नगरी- देश के अन्नदाताओं और किसानों के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी और खौफनाक खबर सामने आ रही है! जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। जिस ज़हर का इस्तेमाल आप अपनी फसलों और अनाज को कीड़ों से बचाने के लिए करते हैं, वही ज़हर पलक झपकते ही आपके अपनों को मौत की नींद सुला सकता है। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के नगरी गाँव में एक ऐसा ही रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा हुआ है, जहाँ अनाज में मिलाई गई ज़हरीली दवा ने एक हँसते-खेलते नौजवान की जिंदगी हमेशा-हमेशा के लिए छीन ली! मृतक युवक हर्षित अटोलिया मंदसौर जिले के पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष नानालाल अटोलिया के परिवार का सदस्य था! नगरी गांव में मातम पसरा हुआ है!
चने के कट्टों में छुपा था ‘मौत का सौदागर’:-
मिली जानकारी के अनुसार, नगरी निवासी श्री रामेश्वर जी अटोलिया के सुपुत्र, चिरंजीवी हर्षित अटोलिया (पौत्र स्वर्गीय मोडीराम जी अटोलिया) अपने घर में मजदूरों के साथ मिलकर चने के कट्टों में अनाज भंडारण का काम करवा रहे थे। चने को कीड़ों से सुरक्षित रखने के लिए कट्टों में सल्फास की गोलियां डाली जा रही थीं।
लेकिन, सुरक्षा को ताक पर रखकर बरती गई ज़रा सी लापरवाही काल बन गई! कट्टों में जरूरत से ज्यादा मात्रा में सल्फास की गोलियां डाल दी गईं और बिना किसी मास्क या सुरक्षा के काम चलता रहा।
साइलेंट किलर ‘फॉस्फीन’ गैस का जानलेवा:-
जैसे ही सल्फास की गोलियां हवा और नमी के संपर्क में आईं, उनमें से ‘फॉस्फीन’ (Phosphine) नामक अत्यधिक विषैली और घातक गैस निकलने लगी। काम के दौरान हर्षित इस अदृश्य मौत (गैस) के सीधे प्रभाव में आ गए। गैस के शरीर में जाते ही उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और देखते ही देखते इस साइलेंट किलर ने एक भरे-पूरे परिवार के चिराग को बुझा दिया!
अटोलिया परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़:-
हर्षित के इस आकस्मिक और असामयिक निधन से पूरे मंदसौर जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। हर आंख नम है और हर कोई स्तब्ध है। कीड़े मारने की दवा जो अनाज की सुरक्षा के लिए थी, उसने घर के सबसे लाडले को ही मार डाला!
भावपूर्ण श्रद्धांजलि: ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल अटोलिया परिवार को इस असहनीय और असीम दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः 🙏💐
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हर किसान भाई के लिए ‘रेड अलर्ट‘:
यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि हर उस किसान के लिए चेतावनी है जो घरों में अनाज का भंडारण करते हैं। ज़रा सी चूक जिंदगी पर भारी पड़ सकती है:
ओवरडोज़ है जानलेवा: अनाज में कभी भी तय मात्रा से ज़्यादा सल्फास की गोलियां न डालें।
दवा डालते समय मुँह पर मास्क या गीला कपड़ा और हाथों में ग्लव्स ज़रूर पहनें।
हवादार जगह: जहाँ दवा डाली जा रही हो, वहाँ हवा आने-जाने का पूरा रास्ता होना चाहिए, बंद कमरे में यह काम मौत को दावत देने जैसा है।


