मध्यप्रदेशरतलाम

समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 02 अगस्त 2026 रविवार

जावरा के ग्राम मायाखेड़ा एवं बागाखेड़ा में आबकारी विभाग ने की कार्यवाही

38 लीटर कच्ची मदिरा एवं 2,200 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त

कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देशन में गठित संयुक्त टीम जिसमें आबकारी उपनिरीक्षक श्रीमती वंदना अग्रवाल तथा श्री पुष्पराज सिंह चौहान द्वारा ग्राम मायाखेड़ा एवं बागाखेड़ा क्षेत्र में दबिश एवं तलाशी अभियान चलाया गया।

जिसमें 38 लीटर हाथ भट्टी कच्ची मदिरा एवं 2,200 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया। विभिन्न आरोपियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क) के तहत कुल 8 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए। जप्त मदिरा की कुल कीमत लगभग 2,27,600 रुपये है ।

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विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर प्रसुता माताओं को परामर्श दिया गया

विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन 1 से 8 अगस्त के दौरान विभिन्न शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों पर किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ किरण वाडिवा ने बताया कि अभियान के शुभारंभ अवसर पर रतलाम जिले के प्रसव केंद्रों पर प्रसूता माताओं को स्तनपान संबंधी परामर्श प्रदान किया गया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाजना में आयोजित कार्यक्रम में प्रसव कराने वाली महिलाओं को चिकित्सा अधिकारी डॉ शाहिद शेख, बीपीएम श्री मोइनुद्दीन अंसारी तथा ए एन एम सीता निनामा ने बताया कि मां का पहला गाढ़ा दूध अमृत के समान है, इसमें मिलने वाला कोलोस्ट्रम शिशु के लिए अत्यंत उपयोगी है, इसमें शिशु के लिए सभी प्रकार के पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होते हैं, इसलिए प्रसव के पहले घंटे में शिशु को मां का पहला गाढ़ा दूध अवश्य पिलाना चाहिए, छ माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराना चाहिए। मां के दूध में आवश्यक पानी उपलब्ध रहता है इसलिए बाहर से शिशु को घुट्टी, शहद, पानी, बोतल का दूध इत्यादि कुछ भी नहीं देना चाहिए।

6 माह बाद शिशु को पूरक पोषण आहार प्रारंभ करना चाहिए इसमें दलिया, दाल का पानी, चावल का पानी, मसला हुआ आलू, केला आदि से धीरे-धीरे शुरुआत करना चाहिए। शिशु को स्तनपान 2 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक कराना चाहिए।

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मुस्‍कान अभियान के निकले सफल परिणाम

कक्षा 1 में 27,192 बच्चों का प्रवेश, नामांकन के आधार पर प्रदेश में जिले का चौथे स्थान
कक्षा 1 से 8 में 2,05,028 विद्यार्थियों का प्रवेश, प्रदेश में जिले का आठवें स्थान

कलेक्‍टर श्रीम‍ती मिशा सिंह के नेतृत्‍व एवं सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन के मार्गदर्शन में स्‍कूली छात्रों के नामांकन में वृद्धि के लिए चलाया गया मुस्‍कान अभियान के सफल परिणाम सामने आये है।

जिला परियोजना समन्‍वयक रतलाम श्री अखिलेश कुमार राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र भोपाल द्वारा 31 जुलाई 2026 की स्थिति में जारी की गई रिपोर्ट अनुसार कक्षा 1 में रतलाम जिले में गत् सत्र 2025-26 की तुलना में वर्तमान सत्र में कुल 27,192 छात्रों को स्‍कूलों में प्रवेश दिया जा चुका है, जो कि 103% है। कक्षा 1 में छात्रों के नामांकन के आधार पर रतलाम जिला मध्‍यप्रदेश में शीर्ष चौथे स्‍थान पर है । इसी प्रकार समग्र रूप से कक्षा 1 से 8 में रतलाम जिले में 2,05,028 छात्रों को स्‍कूलों में प्रवेश दिया जा चुका है। कक्षा 1 से 8 समग्र नामांकन में रतलाम जिला मध्‍यप्रदेश में शीर्ष आठवें स्‍थान पर है।

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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 17 अगस्त तक बढ़ी

 उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास श्री भगवान सिंह अर्गल ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026 की अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि फसल बीमा पोर्टल के अनुसार 31 जुलाई 2026 से बढ़ाकर 17 अगस्त 2026 कर दी गई है। अब कृषक अपनी फसलों का बीमा 17 अगस्त 2026 तक करा सकते है ।

रतलाम जिला अल नीनो से प्रभावित जिलों की सूची में सूचीबद्ध किया गया है। अलनीनों के कारण रतलाम जिले में मौसम की अनिश्चितता एवं कम वर्षा की स्थिति हो सकती है। जिसके कारण फसलों पर मौसम का प्रतिकूल प्रभाव होने की संभावना है तथा मौसम की अनिश्चितता के कारण फसलें क्षतिग्रस्त हो सकती है। किसान भाईयों से अनुरोध किया जाता है कि मौसम की अनिश्चितता तथा अल नीनों के कारण फसलों की संभावित क्षति को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक संख्या में बैंक जाकर अपनी फसलों का बीमा कराएं, जिससे फसलों की नुकसानी की स्थिति में कृषकों को फसल बीमा दावा राशि प्राप्त हो सके।

शासन द्वारा मौसम की अनिश्चितता को ध्यान में रखते हुए कृषकों द्वारा फसल बीमा कराऐ जाने की तिथि 31 जुलाई 2026 से बढ़ाकर 17 अगस्त 2026 की गई है। किसान भाईयों से अपील की जाती है कि इस अवसर का लाभ लेते हुए फसल बीमा कराएं।

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जिले में अब तक 346.75 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

जिले में इस वर्ष अब तक औसतन 346.75 मि.मी. वर्षा दर्ज की गयी है। जबकि पिछले 24 घन्टों में रतलाम जिले में 11.75 मिमी वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।

पिछले 24 घन्टों में आलोट में 6.00 मि.मी., जावरा में 10.00 मि.मी., ताल में 7.0 मि.मी., पिपलोदा मे 5.0 मि.मी., बाजना में 13.0 मि.मी., रतलाम में 31.0 मि.मी., रावटी में 8.0 मि.मी. एवं सैलाना में 14.0 मि.मी., वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।

विगत 1 जून से अब तक वर्षामापक केन्द्र आलोट में 380.0 मि.मी., जावरा में 378.0 मि.मी., ताल में 273.0 मि.मी., पिपलोदा में 388.0 मि.मी., बाजना में 226.0 मि.मी., रतलाम में 493.0 मि.मी., रावटी में 301.0 मि.मी. एवं सैलाना में 335.0 मि.मी., वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।

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सावन में बड़ी सुविधा, घर बैठे पवित्र गंगाजल पहुँचा रहा डाक विभाग

अपनी आस्था को दें पवित्रता की धार, निकटतम डाकघर से भी ले सकते हैं गंगोत्री का पवित्र गंगाजल

अधीक्षक डाकघर श्री राजेश कुमावत द्वारा बताया गया कि भारतीय डाक विभाग वर्षभर आमजन को गंगोत्री से प्राप्त शुद्ध एवं पवित्र गंगाजल उपलब्ध कराता है, लेकिन पवित्र श्रावण मास में श्रद्धालुओं की सुविधा एवं बढ़ती मांग को देखते हुए रतलाम डाक संभाग द्वारा विशेष व्यवस्थाएँ की गई हैं। रतलाम डाक संभाग के अंतर्गत रतलाम, जावरा, झाबुआ, अलीराजपुर एवं पेटलावद क्षेत्र के सभी विभागीय डाकघरों में गंगोत्री से प्राप्त पवित्र गंगाजल उपलब्ध है। बता दें कि डाक विभाग के काउंटरों पर गंगाजल की सतत मांग रहती है किन्तु श्रावण मास और शिवरात्रि के दौरान इसकी विशेष मांग रहती है।

इसलिए श्रावण मास में श्रद्धालुओं को गंगाजल आसानी से उपलब्ध कराने के लिए रतलाम डाक संभाग द्वारा प्रत्येक श्रावण सोमवार को प्रमुख शिव मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे, जहाँ श्रद्धालु गंगोत्री से प्राप्त पवित्र गंगाजल सहजता से प्राप्त कर सकेंगे। प्रमुख रूप से विरुपाक्ष महादेव मंदिर बिलपांक, केदारेश्वर महादेव मंदिर सैलाना, आनंदीकल्पेश्वर महादेव मंदिर आलोट, काशी विश्वनाथ महादेव मंदिर रतलाम सहित अन्य महत्वपूर्ण मंदिरों पर विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त रतलाम डाक संभाग के अंतर्गत रतलाम, झाबुआ एवं अलीराजपुर जिलों के सभी विभागीय डाकघरों में भी श्रावण मास के दौरान गंगाजल की पर्याप्त उपलब्धता रहेगी, जिससे श्रद्धालु शुद्ध एवं पवित्र गंगाजल सरलता से प्राप्त कर सकेंगे।

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प्रदेश में “पीएम स्वनिधि पखवाड़ा” हुआ शुरू, 15 अगस्त तक चलेगा

“स्वनिधि से समृद्धि: आत्मनिर्भर शहरी मध्यप्रदेश की ओर” थीम पर चलाया जाएगा राज्यव्यापी अभियान

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना देश के शहरी पथ विक्रेताओं को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करने वाली एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में स्थापित हुई है। योजना के माध्यम से पात्र पथ विक्रेताओं को चरणबद्ध ऋण, डिजिटल वित्तीय सेवाओं तथा UPI-लिंक्ड क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे लाखों परिवारों की आजीविका सुदृढ़ हुई है।

योजना के प्रभाव को और अधिक व्यापक बनाने तथा शेष पात्र पथ विक्रेताओं तक इसकी पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगरीय विकास एवं आवास विभाग,द्वारा 1 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक “विशेष पीएम स्वनिधि पखवाड़ा” आयोजित किया जा रहा है। यह अभियान प्रदेश के सभी जिलों, नगरीय निकायों एवं संबंधित सेंसेस टाउन में एक मिशन मोड कार्यक्रम के रूप में संचालित किया जाएगा।

अभियान की थीम “स्वनिधि से समृद्धि : आत्मनिर्भर शहरी मध्यप्रदेश की ओर” निर्धारित की गई है। अभियान के माध्यम से वित्तीय समावेशन, डिजिटल सशक्तिकरण, स्वरोजगार संवर्धन तथा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को गति प्रदान करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। प्रदेशभर में जनजागरूकता गतिविधियों, विशेष शिविरों, बैंक समन्वय बैठकों, हितग्राही संपर्क अभियानों तथा मीडिया एवं डिजिटल संचार गतिविधियों के माध्यम से अधिकतम पात्र पथ विक्रेताओं तक पहुंच बनाई जाएगी।

विशेष पखवाड़े के दौरान राज्य सरकार द्वारा 20 लाख नवीन आवेदन प्राप्त करने, लगभग 2 लाख पूर्व अस्वीकृत प्रकरणों के पुनरीक्षण, विशेष BLBC (Bankers’ Level Bankers Committee) एवं DLBC (District Level Bankers Committee) बैठकों के आयोजन, प्रधानमंत्री आवास योजना (BLC) हितग्राहियों के साथ एकीकरण तथा ऋण एवं क्रेडिट कार्ड वितरण को अभियान मोड में संचालित करने पर विशेष फोकस किया जाएगा। पात्र पथ विक्रेताओं के ऋण एवं क्रेडिट कार्ड आवेदनों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के लिए नगरीय निकायों एवं बैंकों के मध्य समन्वय को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।

अभियान के अंतर्गत लंबित ऋण प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, क्रेडिट कार्ड आवेदनों को बैंकों को प्रेषित करने, स्वीकृत प्रकरणों का वितरण सुनिश्चित करने, क्रेडिट कार्ड सक्रियकरण बढ़ाने, डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करने तथा पथ विक्रेताओं और बैंकर्स के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया जाएगा। साथ ही अधिकतम हितग्राहियों तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए संसाधन व्यक्तियों का चयन एवं स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।

मध्यप्रदेश ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन में राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। प्रदेश में अब तक 10.30 लाख से अधिक पथ विक्रेता योजना से लाभान्वित हुए हैं। योजना अंतर्गत 16.35 लाख ऋण प्रकरणों के माध्यम से 2,802.84 करोड़ रूपये से अधिक की ऋण राशि का वितरण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त योजना के अंतर्गत 40 प्रतिशत महिला हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है, जो महिला आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

डिजिटल वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। प्रदेश में 7.17 लाख से अधिक पथ विक्रेता डिजिटल रूप से सक्रिय लेनदेन कर रहे हैं, जिन्हें योजना अंतर्गत 53.85 करोड़ रूपये से अधिक का कैशबैक प्राप्त हुआ है। डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए हितग्राहियों को 30,000 रूपये तक की सीमा वाले UPI-लिंक्ड क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं, योजना के अंतर्गत पात्र पथ विक्रेताओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण में क्रमशः 15 हजार रूपये, 25 हजार रूपये एवं 50 हजार रूपये तक के ऋण की सुविधा प्रदान की जा रही है।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश लगातार देश के अग्रणी राज्यों में बना हुआ है। राज्य के नगरीय निकायों ने भी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अनेक श्रेणियों में शीर्ष स्थान प्राप्त किए हैं। इंदौर नगर निगम द्वारा 41,122 ऋण प्रकरणों का वितरण देश में सर्वाधिक रहा है। इसी प्रकार भोपाल नगर निगम, जबलपुर नगर निगम, उज्जैन नगर निगम तथा सारणी नगर पालिका ने भी अपनी-अपनी श्रेणियों में राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय स्थान प्राप्त कर प्रदेश को गौरवान्वित किया है।

नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने सभी नगरीय निकायों, बैंकिंग संस्थाओं एवं संबंधित विभागों से इस विशेष अभियान को जनभागीदारी आधारित मिशन के रूप में संचालित करने तथा प्रत्येक पात्र पथ विक्रेता तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। यह अभियान न केवल पथ विक्रेताओं की आर्थिक उन्नति को गति देगा, बल्कि आत्मनिर्भर शहरी मध्यप्रदेश के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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बलराम कृषि महोत्सव किसानों को नई तकनीक और समृद्ध भविष्य से जोड़ने का अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हरदा जिला कृषि क्षेत्र में नंबर वन
कृषि के हर क्षेत्र में विकास के लिये सरकार संकल्पित
मुख्यमंत्री ने हरदा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित किया

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बलराम कृषि महोत्सव केवल एक आयोजन न होकर किसानों को नई तकनीक, वैज्ञानिक खेती और समृद्ध भविष्य से जोड़ने का व्यापक अभियान है। यह किसानों का अपना कार्यक्रम है, किसान इसका अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपनी खेती को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती-किसानी को लाभदायी बनाने और कृषि को आधुनिक स्वरूप देने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कृषि उपज मण्डी प्रांगण हरदा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम को जबलपुर से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भुआणा क्षेत्र की धरती शुरू से ही उपजाऊ रही है। हरदा कृषि क्षेत्र में नम्बर वन है। यहां नर्मदा जी का जल कृषि को और अधिक समृद्ध बनाता है। जिला मूंग, सोयाबीन, गेहूँ के उत्पादन के साथ हरी मिर्च के उत्पादन में भी अग्रणी बन रहा है। जिले के कोने-कोने तक सिंचाई का जल पहुँचाने के लिये कार्य किया जा रहा है। सरकार द्वारा किसानों के हित में 16 विभागों की समन्वित कार्य योजना तैयार कर नियमित फसलों के अलावा दूध, मछली, पशु पालन, फल, सब्जी, मसाले, फूल एवं अन्य कृषि क्षेत्र में बेहतर उत्पादन के लिये कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती के अलावा कृषि क्षेत्र में नई-नई तकनीकी भी लाई जा रही है। किसानों को सहकारी समितियों में लेने वाले ऋणों पर ब्याज अब वर्ष में एक बार देना पड़ेगा। सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहित किये जाने पर अच्छे आर्थिक मुआवजे की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परम्परागत खेती अब गुज़रे ज़माने की बात हो गई है। अब आधुनिक और उन्नत खेती का दौर है। किसान बंधु अपने खेत की मिट्टी की जांच करायें। मिट्टी की उत्पादकता के अनुसार ही फसल लें। बहुत अधिक रायायनिक उर्वरकों का उपयोग करने से बचें, जितनी जल्दी हो सके, प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर बढ़ें। फसल विविधीकरण अपनाएं। एक ही किस्म की फसल के स्थान पर एक ही समय में खेत में एकाधिक फसल लें। इससे किसानों के खेतों में नई फसल किस्मों की हरियाली आयेगी, साथ ही आमदनी भी बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी त्यौहार हँसी खुशी से मनाये जाएं। साथ ही कावड़ यात्रियों की सुविधा के लिये प्रशासन द्वारा उचित कदम उठाए जाएं।

किसानों के प्रति सरकार के मन में अगाध श्रद्धा और सम्मान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार लगातार किसान कल्याण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। किसान अपनी मेहनत और पसीने से धरती से अन्न उगाते हैं और भूखों को अनाज उपलब्ध कराते हैं। किसानों के प्रति हमारी सरकार के मन में अगाध श्रद्धा और सम्मान है। किसान भाइयों को आज एक साथ 4000 रुपए सम्मान निधि के रूप में उनके बैंक खातों में अंतरित किये गए हैं।

कृषक कल्याण वर्ष में किसानों की आय दोगुना करने का संकल्प

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की क्षमताओं को पहचानती है। भारत वह देश है, जो अपनी परम्पराओं में वसुधैव कुटुम्बकम का भाव रखते हुए संपूर्ण विश्व को एक परिवार मानता है। हमारी संस्कृति ‘जियो और जीने दो’ पर विश्वास करती है। भगवान बलराम कृषि क्षेत्र के पहले देवता हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुना करने के लिए हम वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रहे हैं। इसमें प्रदेश के विभिन्न अंचलों में बलराम कृषि महोत्सव मनाये जा रहे हैं।

दुग्ध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह किसानों के प्रति हमारी संकल्प शक्ति का ही परिणाम है कि आज प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर 65 लाख हैक्टेयर हो गया है, जो कि वर्ष 2002-03 से पहले मात्र साढ़े 7 लाख हैक्टेयर था। पिछले ढाई साल में सिंचाई का रकबा 10 लाख हैक्टेयर से अधिक बढ़ चुका है। राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र में सर्वांगीण विकास के लिए किसानों को बिजली, पानी, बेहतर सड़कें, प्राकृतिक खेती और आधुनिक खेती से जोड़ा है। किसान भाई अब ड्रोन से खेतों में खाद-बीज का छिड़काव कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी वर्षाकाल के बाद किसानों को रात के साथ दिन में भी सिंचाई के लिए बिजली दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित कर रही है। दुग्ध उत्पादन को वर्तमान 9 प्रतिशत से बढ़ाकर हमने 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गजेन्द्र शाह ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से जिले के कृषकों को महत्वपूर्ण कृषि उपयोगी जानकारी मिल रही है। साथ ही वे कृषि की नई तकनीकों से भी अवगत हो रहे हैं।

किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री जयपाल सिंह चावड़ा ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव से किसानों को कृषि की वैज्ञानिक पद्धतियों, उपज बढ़ाने के तरीकों की जानकारी मिल रही है। सरकार चाहती है कि किसान समर्थ, खुशहाल और सम्पन्न बने, जिसके लिये निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं एवं किसानों के हित में अन्य योजनाएं लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि 60 प्रतिशत मूंग खरीदी की घोषणा से किसानों को बड़ी सहुलियत मिली है। किसानों के हित के लिये सरकार संकल्पबद्ध है। इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिक डॉ. डॉ. मुकेश कुमार बंकोलिया और डॉ. ओ.पी. भारती ने किसानों को समसामयिक सलाह दी। साथ ही उर्वरकों के संतुलित उपयोग करने के लाभ भी बताये। उन्होंने फसलों के कीट व्याधि से बचाव के लिये भी आवश्यक जानकारी दी।

कार्यक्रम में बलराम कृषि महोत्सव में श्री कपील यात्रे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गजेन्द्र शाह, उपाध्यक्ष श्री दर्शन सिंह गेहलोत, श्री राजेश वर्मा, श्री जयपाल सिंह चावड़ा, श्री कप्तान सिंह यादव, श्री महेश शर्मा, श्री राजेश पंवार, श्री नितेश बादर, श्री दिलीप गौर, कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन, पुलिस अधीक्षक श्री शशांक, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन, अपर कलेक्टर श्री पुरूषोत्तम कुमार उपस्थित थे।

अतिथियों ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन

बलराम कृषि महोत्सव में विभिन्न विभागों द्वारा शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिये प्रदर्शनी लगाई गई। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर अधिकारियों से विभागीय योजनाओं की जानकारी ली।

सांस्कृतिक कार्यक्रम का हुआ आयोजन

कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को कृषि की उन्नत तकनीकों व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दी।

कृषक हुए सम्मानित

कृषि विभाग अंतर्गत समन्वित कृषि प्रणाली के क्षेत्र में विशेष कार्य के लिये ग्राम कानपुरा के कृषक श्री रामनारायण पिता रामरतन, जैविक कीटनाशक बनाकर उत्कृष्ट जैविक खेती के लिये ग्राम बारंगा के कृषक श्री परमानंद पिता जयनारायण, बायो रिसोर्स सेंटर एवं जैविक खेती के लिये ग्राम आलमपुर के किसान श्री शिवनारायण चाचरे, जैविक खेती के लिये ग्राम बघवाड़ के किसान श्री राजकुमार बाफना तथा नवीन किस्मों को मल्टीप्लाई कर कृषकों को उपलब्ध कराने के लिये ग्राम कछबेड़ी के किसान श्री मेहुल पिता रामजीवन को सम्मानित किया गया।

कृषि विज्ञान केन्द्र अंतर्गत मोटा अनाज की खेती के लिये जूनापानी के कृषक श्रीमती रमा बाई पति जगदीश तथा प्राकृतिक खेती मास्टर ट्रेनर के लिये ग्राम नयापुरा के श्री जयनारायण राय को सम्मानित किया गया।

पशुपालन एवं डेयरी विभाग अंतर्गत ग्राम बैरागढ़ के कृषक डॉ. यास्मिन अली, ग्राम भादूगांव के श्री नवनीत जैन तथा ग्राम करताना के श्री राजेन्द्र कनेरे को सम्मानित किया गया।

कृषि अभियांत्रिकी अंतर्गत कस्टम हायरिंग के लिये ग्राम अबगांवकला के किसान श्री संदीप कुमार व ग्राम कुसीया के श्री राजकुमार विश्नोई को सम्मानित किया गया। इसी प्रकार उद्यानिकी विभाग अंतर्गत सब्जी उत्पादन के लिये सिरकम्बा के किसान श्री मधु धाकड़ को सम्मानित किया गया।

मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम में गौरव विद्या निकेतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा कु. थलवंदना मल्हारे, लक्ष्मीबाई विद्या मंदिर टिमरनी के छात्र प्रवीण मालाकार, सनराइज स्कूल टिमरनी की छात्रा हर्षिता चौरसिया, तक्षशिला एकेडमी हरदा की छात्रा तन्वी शर्मा, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टिमरनी की छात्रा शीतल राजपूत, शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टिमरनी के छात्र जय राठौड़, माँ शारदा विद्या पीठ हरदा की छात्रा आयुषी शर्मा, डॉ. बी.आर. अम्बेडकर शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय हरदा की छात्रा ईशा केवट, माँ शारदा विद्या पीठ हरदा की छात्रा ज्योति धाकड़ व हरदा स्कूल ऑफ एजुकेशन हरदा की छात्रा भूमि नागले को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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