या हुसैन की सदाओं से गूंजेगा नगर : मोहर्रम पर्व की तैयारियां पूरी, एकता, भाईचारे और सौहार्द का बनेगा अनूठा संगम

या हुसैन की सदाओं से गूंजेगा नगर : मोहर्रम पर्व की तैयारियां पूरी, एकता, भाईचारे और सौहार्द का बनेगा अनूठा संगम
साबीर पटेल
सीतामऊ। 16 जून 2026 इस्लामी नववर्ष के आगमन के साथ ही नगर में मोहर्रम पर्व की शुरुआत होने जा रही है। मंगलवार को मुहर्रम चांद दिखाई देने के साथ ही इस्लामिक कैलेंडर के प्रथम माह मुहर्रम की आधिकारिक शुरुआत हो गई है। इसी के साथ हजरत इमाम हुसैन की याद में आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों, जलसों और जुलूसों का प्रतिदिन सिलसिला शुरू हो जाएगा।
नगर के विभिन्न मोहल्लों में प्रतिदिन चौकियों के जुलूस निकाले जाएंगे, जहां अकीदतमंद बड़ी संख्या में शामिल होकर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद करेंगे। पूरे नगर में धार्मिक उत्साह का माहौल दिखाई देने लगा है। विभिन्न स्थानों पर आकर्षक सबीलों की स्थापना की गई है, जहां राहगीरों के लिए शीतल पेयजल एवं अन्य सेवाओं की व्यवस्था रहेगी।
मोहर्रम पर्व को लेकर नगर के धार्मिक स्थलों को रंग-बिरंगी विद्युत सज्जा से सजाया गया है, जिससे रात्रि के समय नगर का वातावरण और भी आकर्षक नजर आएगा। पर्व के दौरान विभिन्न समितियों द्वारा मुस्लिम समाज आमजन के लिए प्रतिदिन शुद्ध शाकाहारी लंगर का आयोजन किया जाएगा।
दस दिवसीय इस पर्व के समापन पर नगर के विभिन्न मोहल्लों से ताजियों के भव्य जुलूस निकाले जाएंगे। मुख्य बाजार सहित प्रमुख मार्गों से गुजरने वाला यह जुलूस अनुशासन और भाईचारे का संदेश देगा। ताजियों की आकर्षक सजावट और मातमी कार्यक्रम लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में नगर पंचायत द्वारा विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में डीडीटी का छिड़काव कराया जा रहा है। विद्युत विभाग द्वारा भी विद्युत लाइनों का रखरखाव, झूलते तारों को व्यवस्थित करने तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए नगर के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिससे पूरे आयोजन पर सतत निगरानी रखी जा सके।
मोहर्रम केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि त्याग, बलिदान, सत्य और इंसाफ के लिए संघर्ष की प्रेरणा देने वाला अवसर है। सीतामऊ नगर में यह पर्व हर वर्ष की तरह इस बार भी आपसी भाईचारे और सौहार्द के वातावरण में मनाया जाएगा।



