नगरीय निकाय व पंचायत चुनाव SIR के बाद बनी मतदाता सूची से ही होंगे इलेक्शन, राज्य निर्वाचन आयोग की बड़ी तैयारी

नगरीय निकाय व पंचायत चुनाव SIR के बाद बनी मतदाता सूची से ही होंगे इलेक्शन, राज्य निर्वाचन आयोग की बड़ी तैयारी
भोपाल। वर्ष 2027 में संभावित नगरीय निकाय चुनावों की दृष्टि से राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम भले ही शुरू कर दिया है, पर चुनाव विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के आधार पर तैयार मतदाता सूची से ही कराए जाएंगे। अगले वर्ष जनवरी में भारत निर्वाचन आयोग से जारी होने वाली सूची को पुनरीक्षित कर चुनाव कराने की तैयारी है।
भारत निर्वाचन आयोग की सूची में 5.39 करोड़ वोटर
बता दें कि एसआइआर के बाद बनी भारत निर्वाचन आयोग की सूची की तुलना में राज्य निर्वाचन आयोग की सूची में 57 लाख मतदाताओं के नाम अधिक हैं। प्रदेश में एसआइआर के बाद जारी मतदाता सूची में पांच करोड़ 39 लाख वोटर हैं। यह सूची विधानसभावार है। वहीं राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तैयार जिलेवार सूची में पांच करोड़ 96 लाख मतदाता हैं। कारण यह कि एसआइआर के बाद तैयार सूची में डुप्लीकेट व मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए थे, पर राज्य निर्वाचन आयोग की सूची में ये नाम आज भी दर्ज हैं।
जनवरी 2027 में मिलेगी अंतिम विधानसभावार सूची
प्रतिवर्ष 24 जनवरी की स्थिति में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राज्यों को सूची दी जाती है, पर इस बार एसआइआर के चलते नहीं दी गई। जनवरी 2027 में सूची मिलने पर उसका पुनरीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद जारी अंतिम सूची के आधार पर नगरीय निकायों के चुनाव कराए जाएंगे। बता दें कि वर्ष 2027 में 413 नगरीय निकाय और 23 हजार ग्राम पंचायतों में चुनाव संभावित हैं। इसकी तैयारी राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रारंभ कर दी है।
ऑनलाइन दावे-आपत्तियां लेने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य
मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम 23 अप्रैल से प्रारंभ किया गया है। इसमें 15 से 25 मई के बीच दावे-आपत्तियां मांगे गए हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन मिलाकर लगभग छह हजार आपत्तियां मिल चुकी हैं। मप्र पहला राज्य है जहां स्थानीय चुनाव में दावे-आपत्तियां ऑनलाइन देने की सुविधा भी दी गई है।


