मध्यप्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर अजीब मामला सामने आया जिसकी हो रही चर्चा

मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर अजीब मामला सामने आया जिसकी हो रही चर्चा
मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर अजीब मामला सामने आया है। जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है
भाजपा नेता वीरेंद्र गोयल फर्जी आदेश के आधार पर खुद को नियुक्त मान बैठे और जश्न मनाने निकल पड़े। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित नियुक्ति आदेश को सही मानकर उन्होंने न सिर्फ बधाइयां लीं, बल्कि प्रदेश भर में 8 दिन तक मिठाइयां भी बांटीं। इस दौरान वे डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, वी.डी. शर्मा समेत कई कैबिनेट मंत्रियों से मिले और उनसे भी बधाइयां लीं।
मामला तब खुला जब नगरीय विकास विभाग के एसीएस संजय दुबे ने जांच कराई। पता चला कि विभाग ने ऐसा कोई आदेश जारी ही नहीं किया था। दरअसल, वायरल आदेश AI जनरेटेड और पूरी तरह फर्जी निकला। बिना पुष्टि के जश्न मनाने वाले इस मामले ने राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर चल रहे क्रेज और सोशल मीडिया की हकीकत दोनों को उजागर कर दिया है। हालांकि वीरेंद्र गोयल पहले से ही सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष है और अब तक उनकी पुरानी नियुक्ति निरस्त नहीं हुई है।


