भोपालमध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश में चुनावी नियमों की अनदेखी भारी पड़ गई

मध्यप्रदेश में चुनावी नियमों की अनदेखी भारी पड़ गई है
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने 2022 के नगरीय निकाय चुनाव लड़ चुके 3500 अभ्यर्थियों को आगामी 2027 चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया है।
आयोग की जांच में सामने आया कि इन प्रत्याशियों ने चुनाव खर्च का पूरा ब्यौरा समय पर जमा नहीं किया या अधूरी जानकारी दी। नियम के मुताबिक, हर उम्मीदवार को परिणाम के 30 दिनों के भीतर खर्च का हिसाब देना अनिवार्य होता है।
यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। जिन अभ्यर्थियों को 2 साल के लिए अयोग्य किया गया है, वे 2027 के चुनाव तक पात्र नहीं हो पाएंगे, जबकि 5 साल की अयोग्यता झेलने वाले 2031 तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
आयोग ने सभी को व्यक्तिगत सुनवाई का मौका भी दिया, लेकिन संतोषजनक जवाब और साक्ष्य न मिलने पर आखिरकार अयोग्यता की मुहर लगा दी गई।


