स्वच्छता में नंबर वन, बिजली व्यवस्था में फिसड्डी! तीन दिन से टकरावद अस्पताल में प्रसूता महिलाएं और मरीज परेशान

जिम्मेदार दिनभर ड्यूटी कर घर लौटे—अस्पताल में अंधेरे और बिजली की समस्या से बेहाल मरीज
मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ विकासखंड स्थित टकरावद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों बिजली की अव्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में है। अस्पताल में पिछले तीन दिनों से बिजली की समस्या लगातार बनी हुई है, जिससे भर्ती मरीजों और प्रसूता महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हालात यह हैं कि दिनभर जिम्मेदार अधिकारी अपनी ड्यूटी पूरी कर निवास लौट जाते हैं, लेकिन अस्पताल में भर्ती मरीजों और प्रसूताओं की परेशानी जस की तस बनी रहती है। सवाल यह है कि मरीजों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी संभालने वाला अस्पताल खुद मूलभूत सुविधा बिजली के संकट से कब तक जूझता रहेगा?
स्वच्छता में नंबर वन का तमगा, बिजली व्यवस्था में पिछड़ापन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्वच्छता के मामले में भले ही अव्वल होने का दावा करता हो, लेकिन बिजली व्यवस्था ने यहां की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। तीन दिनों से जारी बिजली की परेशानी के बावजूद जिम्मेदारों द्वारा समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाना मरीजों की परेशानी और बढ़ा रहा है।
आरोप है कि बिजली की समस्या को लेकर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर जितेंद्र पाटीदार को लगातार फोन किए जा रहे हैं, लेकिन कॉल रिसीव नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रसूता महिलाओं और मरीजों की परेशानी का जिम्मेदार कौन है?
अब बड़ा सवाल—कब सुधरेगी व्यवस्था?
तीन दिनों से बिजली की समस्या के चलते मरीज और प्रसूता महिलाएं परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से ठोस व्यवस्था नजर नहीं आ रही। अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर समस्या को कब तक दूर करता है या फिर “स्वच्छता में नंबर वन” अस्पताल बिजली की बदहाल व्यवस्था के कारण मरीजों की परेशानी का केंद्र बना रहेगा।


