मोबाइल यूजर्स के लिए केन्द्र और TRAI की नई पहल कॉल करने वाले का नाम, फोटो दिखेगी मोबाइल स्क्रीन पर, कॉलिंग के दौरान अपनी पहचान नहीं छिपा पाएगा कॉलर, मोबाइल के माध्यम से होने वाले बैंक फ्रॉड जैसी घटनाओं पर लगेगा अंकुश, गौरतलब है कि इन दिनों फ्रॉड का नया जरिया बन रही मोबाइल कॉलिंग, केन्द्र सरकार की मोबाइल नम्बर केवाईसी शुरू करने की तैयारी, सिम कार्ड और आधार कार्ड के आधार पर दो प्रकार से होगी केवाईसी
नवनिर्माण के नव वर्ष में बस्ती की तस्वीर बदली, योगी सरकार के 9 वर्षों में जिले को मिली नई पहचान बस्ती उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के 9 वर्ष पूरे होने के साथ ही जनपद बस्ती में विकास की गति ने नया आयाम लिया है। पहले पिछड़ेपन की छवि से जुड़े इस जिले की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। “नवनिर्माण के 9 वर्ष” के थीम पर केंद्रित राज्य स्तर के कार्यक्रमों का असर स्थानीय स्तर पर भी दिख रहा है, जहां बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, रोजगार और सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।योगी सरकार के नेतृत्व में पिछले 9 वर्षों में बस्ती जिले को नई पहचान मिली है। सड़कों का जाल बिछाया गया, गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ा गया और शहर में यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाया गया। स्वास्थ्य सेवाओं में अस्पतालों का विस्तार, नई सुविधाओं की उपलब्धता और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था ने आमजन का जीवन आसान बनाया है। शिक्षा के क्षेत्र में नए विद्यालयों का निर्माण, पुराने स्कूलों का कायाकल्प और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने से छात्रों को आधुनिक माहौल मिल रहा है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के जरिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं। कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक तकनीकों का उपयोग और किसान कल्याण योजनाओं से किसानों की आय में इजाफा हुआ है।सुरक्षा व्यवस्था में सुधार से जनता में विश्वास बढ़ा है, जिससे निवेश के नए अवसर पैदा हुए हैं। साथ ही धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास पर फोकस से जिले की सांस्कृतिक पहचान मजबूत हुई है।बस्ती कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रमों में इन उपलब्धियों को सराहा गया, जहां जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और लाभार्थियों ने सरकार की नीतियों की प्रशंसा की। योगी सरकार का यह दौर बस्ती के लिए “नवनिर्माण का नव वर्ष” साबित हो रहा है, जहां प्रगति की नई इबारत लिखी जा रही है। कॉल करने वाले व्यक्ति का नाम फोटो के साथ आपके मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई देगा, जिससे मोबाइल के माध्यम से होने वाले बैंक फ्रॉड जैसी घटनाओं पर अंकुश लग सके। टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (टीआरएआई) और सरकार एक नई पहल करने जा रही है। इन दिनों मोबाइल कॉलिंग फ्रॉड का नया जरिया बनता जा रहा है।मोबाइल से कॉल करके बैंक फ्रॉड (Bank Fraud) जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा. फर्जी मोबाइल नंबर (Fake Mobile Number) होने की वजह से ऐसे लोगों को पहचान मुश्किल हो जाती है. इसलिए सरकार की तरफ से मोबाइल कॉलिंग में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे फर्जी कॉलिंग करने वालों की पकड़ा जा सके.
TRAI की नई व्यवस्था में सभी मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक रहेंगे, जिससे जब भी कोई व्यक्ति किसी को कॉल करेगा, तो सामने वाले व्यक्ति के पास सिर्फ कॉल करने वाले का मोबाइल नंबर ही नहीं बल्कि नंबर के साथ कॉल करने वाले शख्स का नाम भी दिखाई देगा. यह वही नाम होगा जो Adhaar Card में लिखा होगा.नए नियम के मुताबिक केवाईसी प्रक्रिया सभी के लिए अनिवार्य होगी. इस नई प्रक्रिया में गैरजरूरी कॉमर्शियल कम्यूनिकेशन (यूसीसी) या स्पैम कॉल और मैसेज की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा. साथ ही फ्रॉड कॉलिंग को रोकने के लिए ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी को भी लागू किया गया है. जिससे इस तरह के फ्रॉड पर लगाम लगाई जा सके.