शरद पूर्णिमा पर पालसोडा के मंदिरों में विशेष श्रृंगार, मध्यरात्रि महाभोग के बाद बंटा खीर प्रसाद

शरद पूर्णिमा पर पालसोडा के मंदिरों में विशेष श्रृंगार, मध्यरात्रि महाभोग के बाद बंटा खीर प्रसाद
पालसोडा। शरद पूर्णिमा के पावन पर्व पर पालसोड़ा स्थित श्री राम बड़ा मंदिर, श्री चारभुजा मंदिर (बड़ा मोहल्ला), बालाजी मंदिर (बस स्टैंड), श्री चारभुजा मंदिर (छोटा मोहल्ला) एवं श्री चारभुजा मंदिर (पटेल मोहल्ला) में श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। इस अवसर पर भगवान श्री सांवलिया सेठ का मनमोहक एवं विशेष श्रृंगार किया गया। आकर्षक श्रृंगार के दर्शन हेतु देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
शरद पूर्णिमा की धार्मिक परंपरा के अनुसार मध्यरात्रि ठीक 12 बजे विधि-विधान के साथ भगवान को खीर का भोग अर्पित किया गया। महाभोग के पश्चात खीर का प्रसाद उपस्थित श्रद्धालुओं में वितरित किया गया, जिसे ग्रहण कर भक्तों ने पुण्य लाभ एवं भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।
शरद पूर्णिमा का धार्मिक महत्व:-
हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा को अत्यंत पवित्र और फलदायी पर्व माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इस रात्रि चंद्रमा अपनी संपूर्ण 16 कलाओं के साथ उदित होता है। प्राचीन परंपरा के अनुसार इस दिन रात्रि में खीर बनाकर भगवान को अर्पित करने और चांद की रोशनी में रखने से आरोग्य, सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के साथ पालसोडा क्षेत्र के सभी प्रमुख मंदिरों में मध्यरात्रि खीर भोग एवं प्रसाद वितरण का आयोजन संपन्न हुआ।


