शामगढ़ में गूंजे “पंडित दीनदयाल उपाध्याय अमर रहें” के नारे, अर्पित की पुष्पांजलि

शामगढ़ में गूंजे “पंडित दीनदयाल उपाध्याय अमर रहें” के नारे, अर्पित की पुष्पांजलि
शामगढ़। प्रखर राष्ट्रवादी, उत्कृष्ट संगठनकर्ता और एकात्म मानववाद व अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के पावन अवसर पर शामगढ़ नगर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गयाइस दौरान उपस्थित जनसमुदाय और कार्यकर्ताओं ने पंडित जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामगढ़ नगर के वरिष्ट कार्यकर्ता राधेश्याम वेद “महान” मुकेश दानगढ़ दीपक जांगड़े गोपाल जोशी विनोद काला डॉ महेश सेठिया किशोर पाटीदार सतीश मादलियासत्यनारायण जी बलराम वेद दीपक पोरवाल सहित कई गणमान्य नागरिक और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राष्ट्रसेवा और समाजसेवा के विचारों का स्मरण* कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के राष्ट्रसेवा एवं समाजसेवा से जुड़े महान विचारों को याद किया ।
उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उनके दिखाए मार्ग पर चलने और उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया
अंत्योदय और एकात्म मानववाद पर दिया जोर
अंत्योदय का संकल्प: पंडित उपाध्याय जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने अंत्योदय की भावना के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण पहुंचाने का मार्ग दिखाया।
एकात्म मानववाद का दर्शन: उनका ‘एकात्म मानववाद’ का सिद्धांत भारतीय चिंतन परंपरा का एक बेहद महत्वपूर्ण दर्शन है। इसमें मानव कल्याण, स्वावलंबन, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि महत्व दिया गया है।



