आध्यात्ममंदसौर जिलासीतामऊ

माता पिता की सेवा एवं वचन निभाने का प्रण यदि सीखो तो भगवान श्री गणेश जी की तरह – पं. हर्षवर्धन शर्मा

माता पिता की सेवा एवं वचन निभाने का प्रण यदि सीखो तो भगवान श्री गणेश जी की तरह – पं. हर्षवर्धन शर्मा

 सीतामऊ – श्री चिंताहरण बालाजी खेजड़िया धाम के पावन सानिध्य में आयोजित शिवमहापुराण कथा के सातवें दिवस में व्यास पीठ से विराजित पं श्री हर्षवर्धन शर्मा उज्जैन के द्वारा कहा गया की माता पिता की सेवा एवं मां के वचन को निभाने का संकल्प किसी से सीखना हो तो भगवान श्री गणेश जी की तरह माता पार्वती के द्वारा अपनी सुरक्षा एवं अपने घर आंगन में संतान के सुख के लिए मिट्टी से एक छोटा सा बालक बनाया गया जिसके अंदर अपनी घोर तपस्या की शक्ति से प्राण प्रदान किये एवं माता पार्वती के द्वारा भगवान श्री गणेश जी को अपने कक्ष के बाहर पहरा देने का आदेश दिया माता को वचन दिया
भगवान श्री गणेश जी ने की आपकी अनुमति के बिना कोई भी प्रवेश न कर पाएगा माता के वचन को निभाने के लिए भगवान श्री गणेश साक्षात भगवान शिव शंकर महादेव से भी युद्ध कर बैठते है भगवान शिव शंकर महादेव क्रोध में आकर भगवान गणेश जी से ही युद्ध कर बैठते है इस युद्ध में भगवान श्री गणेश जी का शीश अलग हो जाता है इसके कारण मां पार्वती एवं समस्त नवदुर्गा माता क्रोध में आकर भगवान शिव शंकर महादेव के सामने बड़ी गर्जना से अपने पुत्र को जीवित करने के लिए ज़िद कर बैठते है तब ही भगवान महादेव के द्वारा भगवान श्री गणेश जी को अपने आशीर्वाद से हाथी का शीश प्रदान किया एवं भगवान गणेश जी को आशीर्वाद दिया कि इस संसार में कोई भी शुभ कार्य भगवान श्री गणेश जी के आगमन के बिना पूर्ण नहीं होगा इस संसार में हर शुभ कार्य से पहले भगवान श्री गणेश जी को एवं ऋद्धि सिद्धि के साथ आमंत्रित करना होगा इसी कारण संसार का कोई भी शुभ कार्य बिना गणेश जी के संभव नहीं है
अपने बड़े भैया कार्तिकेय एवं भगवान श्री गणेश जी के बीच प्रतिस्पर्धा होती है कि जो सबसे पहले पूरी पृथ्वी की परिक्रमा कर मां पार्वती एवं भगवान शिव शंकर महादेव जी का आशीर्वाद प्राप्त करेगा वही विजेता होगा भगवान कार्तिकेय अपने वाहन मोर पर विराजमान होकर पृथ्वी के भ्रमण को आगमन करते है लेकिन भगवान श्री गणेश जी मूषक पर सवार होकर कैलाश पर्वत पर ही माता पार्वती एवं भगवान शिव शंकर महादेव जी की परिक्रमा को पूर्ण करते है तब जाकर भगवान ने भक्तों को यह बताया माता पिता से बड़ा कोई संसार नहीं माता पिता से बड़ी कोई पृथ्वी नहीं  है
उनसे बड़ी कोई सेवा नहीं आज बड़ा शुभ दिन है कि हर घर विराजेंगे गणपति बप्पा हर घर के अंदर भगवान श्री गणेश जी की स्थापना कर बड़े उत्साह पूर्वक भगवान की पूजा को करना चाहिए भगवान गणेश जी की पूजा अर्पण से ही माता पार्वती एवं भगवान शिव शंकर महादेव का आशीर्वाद समस्त भक्तों को प्राप्त होगा। भगवान श्री गणेश जी के आगमन का उत्साह बड़ो से ज्यादा बच्चों के दिल में रहता है बच्चों के सबसे प्रिय भगवान श्री गणेश जी है
शिव महापुराण कथा के सातवें दिवस में शिवमहापुराण कथा के विश्राम पर एवं पूर्णाहुति होने पर भव्य पूर्णाहुति एवं महाप्रसादी का आयोजन किया गया समस्त ग्राम वासियों के द्वारा एवं भक्तों के द्वारा कथा व्यास पं. श्री हर्षवर्धन शर्मा का भव्य सम्मान किया इस अवसर पर पं. श्री शर्मा के द्वारा आयोजन समिति के समस्त सदस्यों का सम्मान किया गया
सातवें दिवस की आरती यजमान पदम सिंह,  बंशीलाल पटेल, बाबूदास बैरागी, पूर्व सरपंच खेजड़िया महेश जोशी शनिदेव मंदिर पुजारी भगवान सिंह राठौर, मोहनलाल चौधरी डपकरा, लक्ष्मीनारायण जी,दशरथ जी ब्रजराज सिंह जादौन चंद्रवीर सिंह जादौन समस्त जानकारी मनीष शर्मा द्वारा दी गई

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