हिंसा पीड़ित महिलाओं-बच्चों को न्याय दिलाने सामाजिक वकील और पीएलवी को दिया प्रशिक्षण

हिंसा पीड़ित महिलाओं-बच्चों को न्याय दिलाने सामाजिक वकील और पीएलवी को दिया प्रशिक्षण
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और जन साहस संस्था की संयुक्त कार्यशाला में विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर, मानसिक स्वास्थ्य व साइबर अपराध पर हुई चर्चा
नीमच। महिलाओं और बच्चों के साथ बढ़ती हिंसा की रोकथाम और पीड़ितों को समय पर कानूनी व अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नीमच एवं जन साहस संस्था के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय जिला स्तरीय सामाजिक वकील एवं पीएलवी क्षमता वर्धन कार्यशाला आयोजित की गई। ए.आर.टी. सेंटर नीमच में आयोजित कार्यशाला में जिले के विभिन्न गांवों से सामाजिक वकील और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरा लीगल वालंटियर (पीएलवी) सहित करीब 50 प्रतिभागी शामिल हुए। कार्यशाला का संचालन विकास अहीर ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर की। जन साहस संस्था जिला समन्वयक संगीता परमार जी ने संस्था की कार्यप्रणाली और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था वर्ष 2000 से दलित एवं वंचित वर्ग के अधिकारों, हिंसा पीड़ित महिलाओं और बच्चों को न्याय दिलाने, आजीविका से जोड़ने, पीड़ित प्रतिकर दिलाने तथा मानसिक स्वास्थ्य के लिए परामर्श उपलब्ध कराने सहित बंधुआ मजदूरी, मानव तस्करी और बाल शोषण जैसी समस्याओं पर कार्य कर रही है।
संस्था की कोमल जी ने नीमच जिले में संचालित सर्वाइवर सपोर्ट कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि हिंसा से प्रभावित महिलाओं और बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय, कानूनी एवं मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, शिक्षा सहायता और पुनर्वास से जोड़ने का काम किया जा रहा है। मोहनलाल जी ने सामाजिक वकीलों के कर्तव्यों और अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे जमीनी स्तर पर जरूरतमंद पीड़ितों तक पहुंचकर उन्हें उचित सहायता और संबंधित संस्थाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं न्यायाधीश शोभना मीणा ने निशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर, किशोर न्याय बोर्ड और पॉक्सो अधिनियम से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पात्र पीड़ितों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। पीड़ित प्रतिकर की अंतरिम और अंतिम राशि की प्रक्रिया भी समझाई गई। उन्होंने नीमच-मंदसौर क्षेत्र में एचआईवी-एड्स के प्रति जागरूकता की आवश्यकता बताई तथा बर्डिया गांव में आयोजित 60 दिवसीय मेगा कार्यक्रम की जानकारी दी।
डीएलओ प्रवीण पूनिया ने लोक अदालत की प्रक्रिया और नशे के दुष्परिणामों पर जानकारी दी। उन्होंने एनडीपीएस मामलों में महिलाओं की बढ़ती संलिप्तता को लेकर भी जागरूक किया। अधिवक्ता प्रवीण मंसूरी ने साइबर अपराध और न्यायालयीन प्रक्रिया की जानकारी दी।
परामर्शदाताओं मंतशा जी और नीलम जी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य, भावना-विचार-व्यवहार के आपसी प्रभाव और तनाव प्रबंधन की जानकारी दी। प्रतिभागियों के लिए ‘अर्थ का अनर्थ’ गतिविधि भी कराई गई। अंत में सभी प्रतिभागियों को बैग वितरित किए गए। हिना ने सभी प्रतिभागियों, सामाजिक वकीलों और पीएलवी का आभार व्यक्त किया।



