समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 05 अगस्त 2026 बुधवार

9 से 17 अगस्त तक चलेगा “हर घर तिरंगा” अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
तिरंगे की थीम पर होंगी प्रतियोगिताएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से अभियान को जन आंदोलन बनाने का किया आहवान
रतलाम : बुधवार, अगस्त 5, 2026,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में हर घर तिरंगा अभियान 9 से 17 अगस्त तक जन सहभागिता से चलाया जायेगा। राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूरे होने के जश्न को इस अभियान के साथ जोड़ा जाएगा। सैन्य बलों के जवानों और पुलिसकर्मियों के लिए ‘पत्र लेखन’ जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे। स्थानीय स्व-सहायता समूहो और उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से खादी/पॉलिएस्टर के राष्ट्रीय ध्वज की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने कहा कि जिलों में तिरंगे की थीम पर प्रदर्शनी, रंगोली, बुनाई, मेला, कंसर्ट, ई-बाइक/ साइकिल रैली, तिरंगा यात्रा, तिरंगा ध्वज बिक्री, तिरंगा एंथम, तिरंगा प्रश्नोतरी, तिरंगे के लिए स्वयं सेवा जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी, हर घर तिरंगा पोर्टल पर अपलोड करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी अपने सोशल मीडिया हेण्डल पर अभियान का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करें और अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे।
जन-विश्वास अभियान-2026
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन विश्वास ही जन कल्याण का आधार है। प्रदेश में जन विश्वास अभियान का प्रारंभ 07 अगस्त से हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव छिन्दवाड़ा जिले से अभियान की शुरुआत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सर्विस डिलेवरी और सुशासन अभियान का केन्द्र बिन्दु है। अभियान को फील्ड में हो रहे कार्यों की मॉनिटरिंग और जनता से संवाद का सशक्त माध्यम बनाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को जिलों के भ्रमण और जनसामान्य से संवाद के लिए निर्देशित किया।
================
5 हजार से अधिक किसानों के हित में बड़ा निर्णय, कवच योजना को मंजूरी
अपेक्स और जिला सहकारी बैंकों द्वारा 50 करोड़ की निधि की जाएगी निर्मित
रतलाम : बुधवार, अगस्त 5, 2026,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कल्याण को सर्वाधिक महत्व देते हुए सहकारिता विभाग की कवच योजना को मंजूरी दी, जिससे सहकारिता विभाग के लगभग 5 हजार किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
कवच योजना का अनुमोदन : 5 हजार से अधिक किसानों के हित में बड़ा निर्णय
मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग की “कवच योजना” को अनुमोदित किया। यह योजना सहकारी समितियों के ऐसे लगभग 5 हजार किसानों के लिए है, जिनके ऋण खाते में गड़बड़ियां हुई हैं और जांच में देरी की वजह से किसान सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। अब ऐसे किसानो को मुख्य धारा में लाकर योजना के तहत नया ऋण मिल सकेगा। निर्णय के अनुसार प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए अपैक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों द्वारा अपने स्तर से 50 करोड़ रूपये की सीमा तक की नीधि का निर्माण किया जायेगा। राज्य सरकार भी किसान हित में 25 करोड़ रूपये की अंशपूजी की सहायता एक बार उपलब्ध करायेगी।
मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण को गति देने के लिए कुल 32,070 करोड़ रुपये की योजनाओं और प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य सरकार के यें महत्वपूर्ण निर्णय मुख्य रूप से सहकारिता से जुड़े लगभग 5 हजार किसानों, प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, खेल अधोसंरचना के विस्तार, डिजिटल गवर्नेंस के सशक्तिकरण और शैक्षणिक संवर्ग के हित संवर्धन पर केंद्रित है।
==============
अगस्त और सितम्बर की राशन सामग्री का एकमुश्त वितरण 31 अगस्त तक: खाद्य मंत्री श्री राजपूत
रतलाम : बुधवार, अगस्त 5, 2026,
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि पात्र हितग्राहियों को उचित मूल्य दुकानों से अगस्त एवं सितम्बर की राशन सामग्री का एकमुश्त वितरण 31 अगस्त तक करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गये हैं। उन्होंने कहा है कि राशन सामग्री का शत् प्रतिशत उठाव 15 अगस्त तक पूरा कर उचित मूल्य दुकानों में भण्डारण सुनिश्चित किया जाए।
अन्त्योदय अन्न योजना के हितग्राहियों को 35 कि.ग्रा. प्रति परिवार राशन (गेहूँ, चावल) एवं प्राथमिकता परिवार श्रेणी में आने वाले हितग्राहिओं को 5 कि.ग्रा. प्रति सदस्य राशन दिया जाता है। साथ ही दोनों श्रेणी के हितग्राहियों को एक कि.ग्रा. नमक प्रति परिवार दिया जाता है। पीओएस मशीन में अगस्त एवं सितम्बर की राशन सामग्री को वितरित करते समय दो बार बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जाएगा। मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के अनुबंधित परिवहनकर्ताओं के माध्यम से दुकानों पर राशन सामग्री का प्रदाय समय पर सुनिश्चित करायें। इसकी जीपीएस के माध्यम से मॉनिटरिंग भी करें। उचित मूल्य दुकानों पर राशन सामग्री प्रदाय एवं वितरण की नियमित मॉनिटरिंग करने और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमित्ता पाये जाने पर दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश भी दिये गये हैं।
============
स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप परियोजना से औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति
रतलाम में स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप परियोजना पर हुई जनसुनवाई, स्थानीय नागरिकों के सुझाव व आपत्तियां दर्ज
रतलाम : बुधवार, अगस्त 5, 2026,

भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) अधिसूचना, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPIDC) द्वारा प्रस्तावित “स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप, रतलाम” परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया के तहत ग्राम बिबड़ोद, तहसील एवं जिला रतलाम में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई की संपूर्ण कार्यवाही मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, क्षेत्रीय कार्यालय उज्जैन द्वारा संपादित की गई।
इस अवसर पर एसडीएम श्री तरुण जैन, विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन, परियोजना प्रबंधन दल एवं पर्यावरण सलाहकार एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों द्वारा पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना, जनसुनवाई की प्रक्रिया एवं उसके उद्देश्य की जानकारी दी गई। इसके पश्चात परियोजना की पर्यावरणीय सलाहकार एजेंसी द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रस्तावित स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
प्रस्तुतीकरण में परियोजना के उद्देश्य, प्रस्तावित अधोसंरचना, औद्योगिक विकास, पर्यावरण संरक्षण उपाय, जल प्रबंधन, हरित क्षेत्र विकास, अपशिष्ट प्रबंधन तथा सामाजिक एवं आर्थिक लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। बताया गया कि प्रस्तावित परियोजना लगभग 1466.679 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जाएगी। परियोजना में पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगभग 75.44 हेक्टेयर क्षेत्र में हरित पट्टी एवं पौधारोपण किया जाएगा, जिसके अंतर्गत लगभग 1 लाख 88 हजार पौधे लगाए जाएंगे। उपचारित अपशिष्ट जल का पुनः उपयोग, वर्षा जल संरक्षण, धूल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण, शोर नियंत्रण तथा वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन जैसे प्रभावी उपाय भी परियोजना में शामिल किए गए हैं।
जनसुनवाई के दौरान स्थानीय नागरिकों एवं ग्रामीणों द्वारा अपने सुझाव एवं अभिमत प्रस्तुत किए गए। उपस्थित अधिकारियों द्वारा सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना गया तथा संबंधित विषयों पर आवश्यक जानकारी एवं स्पष्टीकरण प्रदान किया गया। प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों को नियमानुसार अभिलेखित कर आगामी पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया हेतु शामिल किया जाएगा।
परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना के विकास के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही क्षेत्र में सड़क, जल प्रदाय, विद्युत, हरित विकास एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार से समग्र औद्योगिक एवं आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
================
लोक निर्माण विभाग ने विकास कार्यो में दर्ज की उल्लेखनीय प्रगति
वर्तमान में कुल 73 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत के 23 निर्माण कार्य पूर्ण
154 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत के 16 निर्माण कार्य प्रगतिरत
रतलाम : बुधवार, अगस्त 5, 2026,
कार्यपालन यंत्री (भवन) लोक निर्माण विभाग रतलाम से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में वर्ष 2025-26 के दौरान विभिन्न विभागों के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत 48 करोड़ 98 लाख रूपये लागत के कुल 07 निर्माण कार्य पूर्ण किये जा चुके है। जिनमें शासन की महत्वपूर्ण योजना अंतर्गत शा. बालक उत्कृष्ठ उ.मा. वि. सैलाना में सी.एम. राईज़ (सांदीपनी) विद्यालय का निर्माण कार्य 31 मार्च 2026 को पूर्ण किया गया।
लोक शिक्षण विभाग अंतर्गत 108 करोड 52 लाख रूपये की लागत के कुल 4 निर्माण कार्य पूर्ण किये जा चुके है तथा 05 कार्य प्रगतिरत है। जिनमें शासन की महत्वपूर्ण योजना अंतर्गत 03 सी.एम. राईज़ (सांदीपनि) विद्यालय आलोट, जावरा एवं बिरमावल के निर्माण कार्य पूर्ण किये जा चुके है तथा 03 सी.एम. राईज़ (सांदीपनी) विद्यालय कार्य प्रगतिरत है जिन्हे शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत 13 करोड़ 34 लाख रूपये लागत के कुल 02 निर्माण कार्य पूर्ण किये जा चुके है तथा 01 कार्य निविदा स्तर पर होकर अप्रारंभ है, जिसे निविदा स्वीकृति उपरान्त शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा।
राजस्व विभाग अंतर्गत 7 करोड 96 लाख रूपये की लागत का 01 निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा 04 कार्य प्रगतिरत है जिन्हे शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत 15 करोड़ 92 लाख रूपये की लागत के कुल 05 निर्माण कार्य पूर्ण किये जा चुके है तथा 02 कार्य प्रगतिरत है।
कौशल विकास विभाग अंतर्गत 25 करोड़ 26 लाख रूपये की लागत के कुल 02 निर्माण कार्य पूर्ण किये जा चुके है, जिनमें 06 ट्रेड आई.टी.आई. भवन जावरा एवं 06 ट्रेड आई.टी.आई. भवन पिपलौदा का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, शेष 04 कार्य प्रगतिरत है तथा 02 कार्य शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा। तकनीकी शिक्षा विभाग अंतर्गत 3 करोड़ 46 लाख रूपये की लागत का 01 स्वीकृत कार्य 28 फरवरी 2026 को पूर्ण किया गया।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग अन्तर्गत 6 करोड़ 98 लाख रूपये के 01 निर्माण कार्य 31 मई 2026 को पूर्ण किया गया। श्रम विभाग अंतर्गत 6 करोड़ 16 लाख रूपये का 01 निर्माण कार्य फिनिशिंग स्तर पर प्रगतिरत है, जिसे शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा।
कार्यपालन यंत्री (भवन) लोक निर्माण विभाग ने बताया कि जिले में वर्ष 2025-26 में 30 जून 2026 तक कुल 73 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत के 23 निर्माण कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं तथा 154 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत के 16 निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं। विभाग द्वारा कुल 07 सांदीपनी विद्यालयों का निर्माण किया जा रहा है, जिनकी कुल लागत 249 करोड़ 70 लाख रुपये है। इनमें शासन की महत्वपूर्ण योजना अंतर्गत जावरा, आलोट, बिरमावल एवं सैलाना के सांदीपनी विद्यालयों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, शेष 03 सांदीपनी विद्यालयों का निर्माण माह नवंबर 2026 तक पूर्ण कर लिए जाएगें।
विभाग द्वारा पिपलौदा तहसील में 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में उन्नयन कार्य 11 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत का निर्माण कार्य माह अगस्त 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है।
============
जिले में अब तक 359.38 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
रतलाम : बुधवार, अगस्त 5, 2026,
जिले में इस वर्ष अब तक औसतन 359.38 मि.मी. वर्षा दर्ज की गयी है। जबकि पिछले 24 घन्टों में रतलाम जिले में 0.63 मिमी वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है। पिछले 24 घन्टों में आलोट में 0.00 मि.मी., जावरा में 0.00 मि.मी., ताल में 0.0 मि.मी., पिपलोदा मे 0.0 मि.मी., बाजना में 1.0 मि.मी., रतलाम में 0.0 मि.मी., रावटी में 0.0 मि.मी. एवं सैलाना में 4.0 मि.मी., वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है। विगत 1 जून से अब तक वर्षामापक केन्द्र आलोट में 386.0 मि.मी., जावरा में 380.0 मि.मी., ताल में 274.0 मि.मी., पिपलोदा में 399.0 मि.मी., बाजना में 243.0 मि.मी., रतलाम में 520.0 मि.मी., रावटी में 314.0 मि.मी. एवं सैलाना में 359.0 मि.मी., वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।
===========
किसानों के हित में दो बड़े निर्णय
मूंग उपार्जन के लिए स्लाट बुक करने की अंतिम तिथि 10 अगस्त और मूंग-उडद उपार्जन की अंतिम तिथि 20 अगस्त
रतलाम : बुधवार, अगस्त 5, 2026,
किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग ने प्रदेश के किसानों के हित में महत्वपूर्ण फैसले लेते हुए ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द के खरीद की अंतिम तारीख बढ़ाकर किसानों को बड़ी राहत दी गई है। उपार्जन प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत मूंग उत्पादक किसानों के हित में मूंग उपार्जन के लिए स्लाट बुक करने की अंतिम तिथि 10 अगस्त और मूंग एवं उडद उत्पार्जन की अंतिम तिथि 20 अगस्त कर दी है। इसके तहत किसान को आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, रजिस्टर में पूरा ब्यौरा दर्ज करना होगा।
उल्लेखनीय है कि खाद वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए ‘हाइब्रिड मोड’ लागू किया गया है। किसानों के हित में उपार्जन नीति में आंशिक संशोधन करते हुए मूंग का उपार्जन कृषकों के उत्पादन का 60 प्रतिशत किये जाने का प्रावधान किया गया है।
उडद एवं ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन की नई उपलब्धि हासिल हुई है। सरकार ने एमएसपी के अलावा उड़द के उपार्जन पर 600 रूपये प्रति क्विंटल बोनस देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इससे प्रदेश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने में गति मिलेगी।
==============
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की जनोन्मुखी पहल
अब हर शुक्रवार को आयोजित होगा मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान
विभागाध्यक्षों सहित हर स्तर के अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी
रतलाम : बुधवार, अगस्त 5, 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान 2026 शुक्रवार 7 अगस्त से प्रारंभ होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों के साथ ही कलेक्टर्स और कमिश्नर को अभियान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देश में कहा गया है कि क्षेत्र भ्रमण, निरीक्षण एवं जन-संवाद के माध्यम से आम जनता की शिकायतों का त्वरित निराकरण, शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की मॉनीटरिंग और लोकसेवाओं का समय-सीमा में प्रदाय सुनिश्चित करने के उददेश्य से राज्य शासन द्वारा यह अभियान प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है।
हर शुक्रवार को चलेगा अभियान
यह अभियान 7 अगस्त 2026 से 8 जनवरी 2027 तक चलेगा। इस अवधि में प्रत्येक सप्ताह के पंचम दिवस अर्थात शुक्रवार को अभियान संचालित होगा। सुनिश्चित किया जाएगा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान दिवस अर्थात प्रत्येक शुक्रवार को (अपरिहार्य स्थितियों को छोड़कर) विभाग स्तर पर अथवा विभागाध्यक्ष स्तर पर अथवा संभागायुक्त या जिला कलेक्टर्स अथवा विभागीय जिला अधिकारियों के साथ किसी भी प्रकार की ऑनलाइन/ऑफलाइन समीक्षा बैठकों का आयोजन नहीं किया जायेगा।
सभी विभाग प्रमुखों एवं विभागाध्यक्षों के लिए यह अनिवार्य होगा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान की अवधि में प्रत्येक शुक्रवार को अधिकारीगण फील्ड भ्रमण करेंगे। जिले एवं क्षेत्र का चयन वे अपनी प्रशासनिक कार्य सुविधा, विभागीय आवश्यकता एवं प्राथमिकतानुसार कर सकेंगे। यदि किसी सप्ताह अपरिहार्य कारणों से विभागीय अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव फील्ड भ्रमण में असमर्थ हो तो इसकी पूर्व सूचना मुख्य सचिव कार्यालय को अनिवार्य रूप से दी जाएगी। विभागाध्यक्षों के मामले में इसी प्रकार की व्यवस्था सभी अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव निर्धारित करना सुनिश्चित करेंगे।
संवाद-समाधान संवेदनशीलता और सादगी होंगे अभियान के स्तंभ
संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी, मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के 4 स्तम्भ हैं। पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासन इस अभियान का प्रतिबिंब है। सभी अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि अभियान के क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इन दिशा-निर्देशों का कडाई से अनुपालन सुनिश्चित करें।
शिकायतों और आवेदनों के शत-प्रतिशत निराकरण पर जोर
सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों में कहा गया है कि सभी विभागों का यह दायित्व होगा कि प्रति सप्ताह अपने-अपने विभाग से संबंधित सी.एम हेल्पलाईन, जनसुनवाई एवं लोकसेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करेंगे एवं सुनिश्चित करेंगे कि विभाग/विभागाध्यक्ष स्तर पर कोई भी शिकायत अनावश्यक रूप से लंबित न रहें और जिला स्तर पर भी शिकायतों/आवेदनों का समय-सीमा में शत-प्रतिशत निराकरण हो। विभाग के अधीनस्थ सभी विभागाध्यक्ष कार्यालयों को यह भी निर्देशित है कि संभाग स्तर पर पदस्थ विभागीय अपर संचालक/संयुक्त संचालक/उप संचालक स्तरीय अधिकारीगण भी अनिवार्य रूप से प्रत्येक शुक्रवार को अपने क्षेत्राधिकार के जिलों में विभागीय कार्यों की समीक्षा के लिए चिन्हित क्षेत्र में भ्रमण पर रहेंगे।
सादगी और सीमित वाहन पूलिंग पर जोर
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत भ्रमण कार्यक्रम आदि के दौरान सादगी और मितव्ययिता का विशेष ध्यान रखा जायेगा। अधिकारीगण यह सुनिश्चित करेंगे कि भ्रमण पर प्रस्थान करते समय वाहन संख्या सीमित रहे और यथासंभव वाहन पूलिंग सुनिश्चित की जायेगी। प्रशासकीय विभाग के अधीनस्थ समस्त विभागाध्यक्षों, अधीनस्थ कार्यालयों एवं संभाग स्तरीय एवं जिला स्तरीय कार्यालयों को तदनुसार आवश्यक निर्देश विभागीय स्तर से जारी किये गए हैं।


