समाचार मध्यप्रदेश नीमच 01 अगस्त 2026 शनिवार

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प्रशासकीय कार्य सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर ने अपर कलेक्टर एवं डिप्टी कलेक्टरों के नवीन कार्य विभाजन आदेश जारी
नीमच, 31 जुलाई 2026। नीमच, 31 जुलाई 2026। प्रशासनिक कार्यों में अधिक दक्षता, त्वरित निर्णय प्रक्रिया तथा कार्यों के प्रभावी निष्पादन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने जिला स्तर पर अधिकारियों के बीच कार्यों का नवीन विभाजन करते हुए विस्तृत कार्य विभाजन आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टरों तथा अनुविभागीय अधिकारियों को विभिन्न विभागों एवं प्रशासनिक दायित्वों का पुनः आवंटन किया गया है। साथ ही अधिकारियों के मध्य लिंक व्यवस्था भी निर्धारित की गई है, जिससे किसी अधिकारी के अवकाश अथवा मुख्यालय से बाहर रहने की स्थिति में शासकीय कार्य प्रभावित न हो।
आदेश के अनुसार अपर कलेक्टर एवं अपर जिला दण्डाधिकारी श्री बी.एस. कलेश को उप जिला निर्वाचन अधिकारी (भारत निर्वाचन एवं राज्य निर्वाचन), स्थापना शाखा एवं कर्मचारी कल्याण, देवस्थान, भू-अर्जन, सांख्यिकी लेखा एवं चरित्र सत्यापन, लाइसेंस प्रकरण, कोलाहल नियंत्रण, जेल, जिला कोषालय तथा संपत्ति विरूपण विभिन्न मामलों का प्रभार दिया गया है। इसके अतिरिक्त जिले की कानून एवं व्यवस्था, दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 के अंतर्गत जिला दण्डाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत प्रकरण, मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 के विभिन्न प्रकरण, पंचायत राज अधिनियम, नगर पालिका अधिनियम, सरफेसी अधिनियम के तहत 10 लाख रुपये तक के प्रकरण, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, सूचना का अधिकार अधिनियम, नागरिकता, पासपोर्ट सत्यापन, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, हिंदू विवाह पंजीयन, पेट्रोलियम एवं विस्फोटक अधिनियम, जिला होमगार्ड, एन.आई.सी., अभियोजन स्वीकृति सहित अनेक महत्वपूर्ण कार्य भी उनके अधीन रहेंगे।
प्रभारी डिप्टी कलेक्टर श्री चन्द्रसिंह धार्वे को भू अभिलेख,भूमि प्रबंधन एवं सीलिंग, आर.एम, लोक परिसंपत्तियॉं, बंगला बगीचा व्यवस्थापन, अधीक्षक, व्यवस्था, एस.सी.-2 (आवास), आर.टी. सी., सचिव जिला नजूल निर्वर्तन समिति, फसल बीमा, जिला शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी तथा कलेक्टर द्वारा समय-समय पर सौंपे जाने वाले कार्यों का दायित्व सौंपा गया है।
डिप्टी कलेक्टर श्रीमती मयूरी जोक को मंत्रालय शाखा, जनगणना, जिला नाजीर, डीएमएफ के प्रभारी अधिकारी, जिला सांख्यिकी अधिकारी, जिला अस्पताल की समस्त व्यवस्थाओं का प्रभारी अधिकारी, ईओडब्ल्यू, आयुक्त शिकायत, लोकायुक्त तथा विधानसभा एवं लोकसभा प्रश्नों के नोडल अधिकारी का दायित्व दिया गया है।
डिप्टी कलेक्टर सुश्री श्रुति भयड़िया को आवक, जावक,प्रतिलिपि, जिला अभिलेखागार (राजस्व) सामान्य से संबंधित प्रकरण, ब्रिस्क, क्रिस्ट, स्टेशनरी, लायब्रेरी, संबंधी, सी.एस., सी.एस.मॉनिट, सी.एम.हाउस., जनसुनवाई, सामान्य, शिकायत, पेपर कटिंग, सी.पी.जी., पी.जी. शिकायत, सीएम हेल्पलाइन, जनप्रतिनिधियों एवं सांसदों से प्राप्त पत्रों पर कार्रवाई, राहत एवं पुनर्वास, आपदा प्रबंधन, पंख अभियान, सूचना का अधिकार, सिटीजन चार्टर तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम सहित अन्य दायित्व सौंपे गए हैं। इसके अतिरिक्त कलेक्टर द्वारा समय-समय पर सौंपे जाने वाले कार्य भी उनके पास रहेंगे।
अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अरविंद सिंह डामोर को समाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा रेडक्रॉस का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
अनुविभागीय अधिकारियों के कार्यों में भी परिवर्तन किया गया है। श्री संजीव साहू, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जावद को जावद अनुभाग के दण्डाधिकारी, नजूल संबंधी कार्य तथा कृषि उपज मंडी के प्रभार के साथ अन्य कार्य दिए गए हैं। श्री पराग जैन, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नीमच को नीमच अनुभाग के दण्डाधिकारी, नजूल एवं कृषि उपज मंडी संबंधी दायित्व सौंपे गए हैं। वहीं श्रीमती किरण आंजना, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मनासा को मनासा अनुभाग के दण्डाधिकारी, नजूल एवं कृषि उपज मंडी संबंधी कार्यों का प्रभार दिया गया है।
आदेश में अधिकारियों के मध्य लिंक अधिकारी व्यवस्था भी निर्धारित की गई है। इसके अनुसार श्री बी.एस. कलेश के लिंक अधिकारी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमन वैष्णव होंगे। श्री संजीव साहू के लिए श्री चन्द्रसिंह धार्वे, श्री पराग जैन एवं श्रीमती किरण सिंह आंजना के लिए श्रीमती मयूरी जोक, श्री चन्द्रसिंह धार्वे के लिए सुश्री श्रुति भयडिया तथा सुश्री श्रुति भयड़िया एवं श्रीमती मयूरी जोक के लिए श्री चन्द्रसिंह धार्वे लिंक अधिकारी रहेंगे। अधिकारियों के शासकीय प्रवास अथवा अवकाश पर रहने की स्थिति में संबंधित लिंक अधिकारी कार्यों का निर्वहन करेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
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शासकीय अफीम एवं क्षारोद कारखाना परिसर का हवाई क्षेत्र ‘नो ड्रोन जोन’ घोषित
जिला दंडाधिकारी ने जारी किया प्रतिबंधात्मक आदेश
नीमच, 31 जुलाई 2026। जिला दण्डाधिकारी श्री हिमांशु चंद्र ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163(1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए शासकीय अफीम एवं क्षारोद कारखाना, नीमच परिसर तथा उसके ऊपर के हवाई क्षेत्र में ड्रोन के संचालन पर प्रतिबंध लगाने संबंधी आदेश जारी किए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है तथा 28 सितंबर 2026 तक प्रभावशील रहेगा।
जारी आदेश के अनुसार, शासकीय अफीम एवं क्षारोद कारखाना, नीमच में जीवन रक्षक दवाओं के निर्माण का कार्य किया जाता है। कारखाने की संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए ड्रोन गतिविधियों से सुरक्षा संबंधी जोखिम उत्पन्न होने की आशंका व्यक्त की गई है। साथ ही, इंटेलिजेंस ब्यूरो की रिपोर्ट में भी कारखाना परिसर के ऊपर के हवाई क्षेत्र को आगामी दो माह के लिए ‘नो ड्रोन जोन’ घोषित किए जाने की अनुशंसा की गई है।
आदेश के तहत शासकीय अफीम एवं क्षारोद कारखाना, नीमच परिसर एवं उसके ऊपर के हवाई क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति द्वारा ड्रोन का संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। जिला दण्डाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों में तत्काल प्रभाव से यह आदेश जारी किया जाना आवश्यक था, इसलिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के अनुरूप यह आदेश पारित किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि इसका उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 सहित अन्य प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के अंतर्गत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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आंगनवाड़ी केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण टेक होम राशन प्रदाय के लिए
स्व-सहायता समूहों को दिया गया गहन प्रशिक्षण
नीमच, 31 जुलाई 2026। मध्यप्रदेश शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशों के परिपालन में जनपद पंचायत नीमच के सभाकक्ष में सांझा चूल्हा योजना अंतर्गत टेक होम राशन का प्रदाय कर रहे स्व-सहायता समूहों के अध्यक्षों, सचिवों एवं प्रतिनिधियों के लिए एक दिवसीय गहन प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई।
प्रशिक्षण के दौरान स्व-सहायता समूहों को शासन द्वारा जारी परिशिष्ट-01 से 06 तक के व्यावहारिक संधारण एवं प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों के लिए 725 ग्राम तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं के लिए 850 ग्राम प्रति पैकेट की दर से पूरक पोषण आहार प्रत्येक माह दो चरणों (1 से 3 तथा 16 से 18 तारीख) में वितरित किया जाएगा।
कार्यशाला में शासकीय उचित मूल्य दुकानों से खाद्यान्न उठाव, सुरक्षित भंडारण, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के गुणवत्ता मानकों का पालन तथा पैकेजिंग के दौरान स्व-सहायता समूह का नाम, निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि एवं आवश्यक वैधानिक संदेश अंकित स्टिकर लगाने की प्रक्रिया का विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही समूह सदस्यों को मास्क, ग्लव्स, एप्रन एवं हेड कैप का उपयोग करते हुए पूर्ण स्वच्छता के साथ राशन निर्माण एवं पैकेजिंग का सजीव प्रदर्शन भी कराया गया।
कार्यशाला में पारदर्शी वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पोषण ट्रैकर ऐप पर फेस रिकग्निशन सिस्टम के माध्यम से हितग्राहीवार ऑनलाइन सत्यापन करने तथा स्व-सहायता समूहों द्वारा परिशिष्ट-05 के अनुसार द्विपक्षीय पावती पत्रक प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
गुणवत्ता नियंत्रण के तहत प्रत्येक माह रैंडम आधार पर सीलबंद राशन के नमूने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे। प्रशिक्षण में स्पष्ट किया गया कि अमानक अथवा घटिया गुणवत्ता का राशन पाए जाने पर संबंधित समूह का भुगतान रोका जाएगा, अनुबंध निरस्त किया जाएगा तथा खाद्यान्न के विचलन या अवैध विक्रय की स्थिति में आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।
कार्यशाला के समापन पर सभी स्व-सहायता समूहों को 200 रुपये के गैर-न्यायिक स्टाम्प पर परिशिष्ट-06 के अनुसार शपथ-पत्र निष्पादित कर परियोजना कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए गए, ताकि नीमच ग्रामीण परियोजना अंतर्गत पंजीकृत बच्चों एवं गर्भवती तथा धात्री माताओं को स्वच्छ, सुरक्षित, गुणवत्तायुक्त एवं पौष्टिक टेक होम राशन का नियमित एवं निर्बाध वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद सदस्य एवं महिला एवं बाल विकास समिति के सभापति श्री रतनलाल मालावत उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं मार्गदर्शन बाल विकास परियोजना अधिकारी, नीमच ग्रामीण द्वारा किया गया, जबकि परियोजना की समस्त क्षेत्र पर्यवेक्षकों ने तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया।
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पान की खेती से किसान ने लिखी समृद्धि की नई कहानी
नीमच 31 जुलाई 2026, मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा उद्यानिकी फसलों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों को आधुनिक खेती, उन्नत तकनीकों एवं विभागीय मार्गदर्शन से जोड़ने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इन्हीं प्रयासों का सकारात्मक परिणाम जिले के विकासखंड मनासा की तहसील कुकड़ेश्वर के किसान श्री यशवंत आशाराम जी तम्बोली की सफलता के रूप में सामने आया है।
उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में श्री तम्बोली ने मात्र 0.25 एकड़ क्षेत्र में पान की खेती अपनाई और मालवा क्षेत्र की शुष्क जलवायु तथा पानी की कमी जैसी चुनौतियों के बावजूद इसे लाभकारी व्यवसाय में बदल दिया। उन्होंने जैविक तरीकों एवं जीवामृत का उपयोग कर पान की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया, जिससे पत्तों का आकार बड़ा, चमकदार और आकर्षक हुआ।
आज कुकड़ेश्वर का पान नीमच, मंदसौर सहित राजस्थान के चित्तौड़गढ़ एवं उदयपुर तथा अन्य प्रमुख बाजारों तक पहुंच रहा है। सीधे थोक व्यापारियों को विक्रय होने से उन्हें प्रति पान 1 से 6 रुपये तक का मूल्य प्राप्त हो रहा है।
इस खेती से श्री तम्बोली को प्रतिवर्ष लगभग 4 लाख रुपये की कुल आय प्राप्त होती है। लगभग 1 लाख रुपये का वार्षिक व्यय निकालने के बाद वे 3 लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता यह सिद्ध करती है कि आधुनिक तकनीक, विभागीय सहयोग और नवाचार के माध्यम से सीमित संसाधनों में भी कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।
उद्यानिकी विभाग के अधिकारी समय-समय पर उनके खेत का भ्रमण कर तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं तथा अन्य किसानों को भी पान की वैज्ञानिक एवं लाभकारी खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों को तकनीक आधारित खेती और उद्यानिकी फसलों की ओर प्रोत्साहित करने की राज्य सरकार की पहल ऐसे नवाचारों को नई दिशा दे रही है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सशक्त हो रही है।
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औषधि नियमों के उल्लंघन पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की सख्त कार्रवाई
मेडिकल स्टोर का लाइसेंस किया गया निलंबित
नीमच, 31 जुलाई 2026। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के निर्देश तथा उपसंचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले में औषधि विक्रय संस्थानों के विरुद्ध निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी है। निरीक्षण के दौरान दवाओं के विक्रय, क्रय-विक्रय अभिलेख, कोडीन युक्त कफ सिरप सहित अन्य अनुसूची ‘एच’ एवं ‘एच-1’ श्रेणी की दवाओं के संधारित रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान मालखेड़ा, नीमच स्थित मैसर्स श्री श्याम केमिस्ट पर पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में मेडिकल स्टोर का संचालन, औषधियों के विक्रय अभिलेखों का नियमानुसार संधारण नहीं किया जाना तथा अन्य अनियमितताएं पाई गईं। इस संबंध में पूर्व में कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था, किंतु संचालक द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा नियमावली, 1945 के तहत संस्थान का औषधि लाइसेंस छह दिवस के लिए निलंबित कर दिया गया है।
इसी प्रकार मैसर्स श्री भैरवनाथ मेडिकल एंड जनरल स्टोर, नीमच रोड, रघुनाथपुरा,सिंगोली में भी पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में मेडिकल स्टोर संचालित पाए जाने, विक्रय अभिलेखों के नियमानुसार संधारण नहीं किए जाने सहित अन्य अनियमितताओं के संबंध में कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। संस्थान संचालक को निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। समय-सीमा में जवाब अथवा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नियमानुसार लाइसेंस निलंबन अथवा निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के सभी औषधि विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा नियमावली, 1945 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। मेडिकल स्टोर पर दवाओं का क्रय-विक्रय अनिवार्य रूप से पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति में ही किया जाए तथा अनुसूची ‘एच’ एवं ‘एच-1’ श्रेणी की दवाओं के क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख नियमानुसार संधारित किए जाएं। निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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आयुष विभाग के निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 34 मरीजों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण
नीमच, 31 जुलाई 2026। आयुष विभाग अंतर्गत शासकीय आयुर्वेद औषधालय बमोरा द्वारा 30 जुलाई 2026 को ग्राम बमोरी स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया।
शिविर में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही संधिवात, चर्म रोग, श्वास, कास, प्रतिश्याय, उदर रोग, रक्ताल्पता, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, अर्श एवं अम्लपित्त सहित विभिन्न रोगों की जांच कर मरीजों को निःशुल्क आयुर्वेदिक औषधियों का वितरण किया गया।
शिविर के दौरान आयुर्वेद आधारित दिनचर्या, तनाव प्रबंधन, नशा मुक्ति तथा व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्वच्छता के महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी गई तथा उपस्थितजनों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
शिविर में डॉ. तारेन्द्र सिंह सोनगरा एवं श्री कान सिंह राणावत ने चिकित्सा सेवाएं प्रदान कीं। शिविर में कुल 34 हितग्राहियों ने स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार का लाभ प्राप्त किया।
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मध्यप्रदेश प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग की तहसील स्तरीय बैठक सम्पन्न
प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग की अनुशंसा का आधार होंगे जमीनी स्तर के सुझाव — श्री अक्षय कुमार सिंह
नीमच, 31 जुलाई 2026। मध्यप्रदेश प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग की तहसील स्तरीय बैठक गुरुवार को आयोग के सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। बैठक का उद्देश्य प्रदेश में विकासखंड, तहसील, ब्लॉक, ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर तक की प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के संबंध में जमीनी स्तर से सुझाव प्राप्त कर प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुगम, पारदर्शी एवं जनोन्मुख बनाना था।
बैठक में आयोग के सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह ने उपस्थित अधिकारियों एवं ग्राम स्तर तक के कर्मचारियों से व्यक्तिगत रूप से रूबरू होकर चर्चा की तथा उनके अनुभवों और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक पुनर्गठन का उद्देश्य केवल नई प्रशासनिक इकाइयों का गठन करना नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुगम, उत्तरदायी, कार्यकुशल एवं जनकेंद्रित बनाना है। पुनर्गठन की प्रक्रिया स्थानीय आवश्यकताओं, भौगोलिक परिस्थितियों, जनसंख्या, प्रशासनिक सुविधा तथा नागरिकों को शासकीय सेवाओं की सहज उपलब्धता को ध्यान में रखकर की जा रही है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अनुभव और सुझाव आयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इन्हीं के आधार पर व्यावहारिक एवं जनहितैषी अनुशंसाएं तैयार की जाएंगी।
श्री सिंह ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कार्य के दौरान तनाव प्रबंधन पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक दायित्वों का प्रभावी निर्वहन तभी संभव है, जब अधिकारी एवं कर्मचारी मानसिक रूप से संतुलित, सकारात्मक और तनावमुक्त होकर कार्य करें। उन्होंने सुझाव दिया कि कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण, समय का बेहतर प्रबंधन, आपसी समन्वय तथा नियमित संवाद से कार्यस्थल के तनाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कर्मचारियों से अपने स्वास्थ्य एवं मानसिक संतुलन का भी विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया।
बैठक के दौरान विकासखंड, तहसील, ब्लॉक, ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रशासनिक सीमाओं, क्षेत्रफल, जनसंख्या, आवागमन की सुविधा, शासकीय सेवाओं की उपलब्धता तथा प्रशासनिक कार्यों के संचालन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। आयोग के सचिव ने सभी सुझावों का संज्ञान लेते हुए कहा कि प्रत्येक सुझाव का परीक्षण कर आयोग की अनुशंसाओं में यथासंभव समावेश किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आयोग प्रदेशभर में विभिन्न स्तरों पर संवाद स्थापित कर प्रशासनिक पुनर्गठन के संबंध में सुझाव प्राप्त कर रहा है, ताकि भविष्य की प्रशासनिक संरचना स्थानीय आवश्यकताओं और जनहित के अनुरूप तैयार की जा सके। साथ ही आमजन भी आयोग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रशासनिक पुनर्गठन संबंधी अपने सुझाव दर्ज करा सकते हैं।
बैठक में अपर कलेक्टर एवं प्रशासनिक आयोग के जिला नोडल अधिकारी श्री बी एस कलेश,समस्त अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व),डिप्टी कलेक्टर,अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी,समस्त तहसीलदार तथा समस्त विभागों के विकासखंड, तहसील,एवं पंचायत स्तर के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला दण्डाधिकारी ने धारा 163 के तहत जारी किए प्रतिबंधात्मक आदेश
नीमच, 31 जुलाई 2026। जिले में कानून-व्यवस्था, शांति एवं सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। आदेश के तहत सोशल मीडिया एवं अन्य डिजिटल माध्यमों पर भ्रामक, भड़काऊ अथवा सामाजिक, धार्मिक एवं जातीय विद्वेष फैलाने वाली सामग्री के प्रसारण, प्रसार एवं साझा करने पर रोक लगाई गई है।
जारी आदेश में कहा गया है कि वर्तमान समय में फेसबुक, एक्स (पूर्व ट्विटर), व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, टेलीग्राम सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से असत्य एवं आपत्तिजनक सामग्री के तेजी से प्रसारित होने की संभावना बनी रहती है। ऐसी सामग्री से सार्वजनिक शांति, कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यह आदेश जारी किया गया है।
आदेशानुसार कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया अथवा अन्य किसी डिजिटल माध्यम पर धार्मिक, सामाजिक अथवा जातिगत भावनाओं को आहत करने वाली पोस्ट, संदेश, फोटो, वीडियो या अन्य सामग्री का प्रसारण, प्रसार अथवा साझा नहीं करेगा। किसी भी प्रकार की अपुष्ट, भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री को लाइक, शेयर अथवा फॉरवर्ड करना भी प्रतिबंधित रहेगा तथा ऐसी गतिविधियों के लिए संबंधित व्यक्ति स्वयं उत्तरदायी होगा।
प्रतिबंधात्मक आदेश के तहत सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने, अफवाह फैलाने, घृणा उत्पन्न करने, हथियारों का प्रदर्शन करने, सार्वजनिक स्थानों पर कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले कृत्यों, आगजनी, पुतला दहन एवं हिंसात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी रोक लगाई गई है। सार्वजनिक आयोजनों, जुलूसों एवं धरना-प्रदर्शनों के दौरान आयोजकों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा तथा पर्याप्त स्वयंसेवकों की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
आदेश में साइबर कैफे संचालकों, होटल, लॉज, धर्मशाला एवं अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों के संचालकों के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्हें आगंतुकों एवं उपयोगकर्ताओं का पहचान संबंधी विवरण एवं आवश्यक अभिलेख सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित जानकारी प्रशासन एवं पुलिस को उपलब्ध करानी होगी।
यह प्रतिबंधात्मक आदेश 30 जुलाई 2026 से 27 सितंबर 2026 तक प्रभावशील रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 तथा अन्य प्रचलित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में अब तक औसत 331.7 मि.मी. वर्षा दर्ज
नीमच 31 जुलाई 2026, जिले में चालू वर्षाकाल के दौरान अब तक औसत 331.7 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है। गत वर्ष इसी अवधि में जिले में औसत 711.1 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई थी।
अधीक्षक भू-अभिलेख, नीमच से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून 2026 से 31 जुलाई 2026 की प्रातः 8 बजे तक जिले की चारों तहसीलों में वर्षा का विवरण इस प्रकार है- नीमच में 384.0 मि.मी., जावद में 274.0 मि.मी., सिंगोली में 367.1 मि.मी. तथा मनासा में 302.0 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है।
गत वर्ष इसी अवधि में नीमच में 633.0 मि.मी., जावद में 732.0 मि.मी., मनासा, 522.0 मि.मी., एवं सिंगोली में 957.2 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई थी।
इसी प्रकार, 31 जुलाई 2026 को प्रातः 8 बजे तक बीते 24 घंटों में जिले में औसतन 11.5 मि.मी.वर्षा रिकॉर्ड की गई। इस दौरान नीमच तहसील में 4.0 मि.मी., मनासा में 42.0 मि.मी., सिंगोली में 0.3 वर्षा दर्ज की गई एवं जावद में वर्षा दर्ज नहीं हुई।
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