मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 01 अगस्त 2026 शनिवार

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कलेक्टर श्री दिव्यांक सिंह ने पिपलिया मंडी ट्रेंचिंग ग्राउंड का निरीक्षण किया

बैठक लेकर मल्हारगढ़ क्षेत्र में विकास कार्यों की प्रगति से अवगत हुए

मंदसौर 31 जुलाई 2026 / नवागत कलेक्टर श्री दिव्यांक सिंह ने शुक्रवार को जिले के पिपलिया मंडी क्षेत्र का भ्रमण किया। कलेक्टर ने पिपलिया मंडी ट्रेनिंग ग्राउंड पहुंचकर स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्य का निरीक्षण किया। यहां उनके द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन मौजुद थे।

पिपलिया मंडी विश्राम ग्रह पर विकास खंड स्तरीय बैठक लेकर कलेक्टर शासन की योजनाओं निर्माण कार्यों की प्रगति से अवगत हुए क्षेत्र की सामान्य जानकारी भी प्राप्त की। शासन की लाडली लक्ष्मी योजना, आंगनवाड़ियों के संचालन, एनआरसी केंद्र संचालन की जानकारी प्राप्त की। ड्रॉप आउट बच्चों की जानकारी प्राप्त की। क्षेत्र में स्कूलों तथा छात्रावासों के संचालन से भी अवगत हुए स्टाफ संख्या तथा छात्र संख्या की जानकारी प्राप्त की। पुरानी नरेगा तथा वर्तमान वीबी जी राम जी योजना की भौतिक तथा वित्तीय उपलब्धि की समीक्षा की। नगर परिषद अधिकारी को नागरिक सेवाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। एसडीएम से राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति देखी गई। राजस्व प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय सीमा में निराकरण के लिए निर्देश दिए।

आगामी मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में अधिकारियों को दिशा निर्देशित किया पूर्व तैयारी के साथ ही शिविर के सफल आयोजन हेतु निर्देशित किया।

कलेक्टर द्वारा क्षेत्र में पेयजल उपलब्धता की विशेष रूप से समीक्षा की गई। बताया गया कि क्षेत्र में कहीं भी पेयजल की समस्या नहीं है कलेक्टर द्वारा पेयजल स्त्रोत की जानकारी प्राप्त की गई किसी भी समस्या की स्थिति में वैकल्पिक पेयजल स्रोत निर्माण के निर्देश भी दिए गए। बैठक में विकासखंड स्तरीय समस्त विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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जनपद पंचायत के सामने कंटेनर ने कार को मारी टक्कर, दो ग्राम पंचायत के सहायक सचिव घायल

पिपलिया स्टेशन (निप्र)। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे जनपद पंचायत मल्हारगढ़ के सामने महू रोड पर एक सड़क हादसा हो गया। पीछे से आ रहे तेज रफ्तार कंटेनर ने कार को टक्कर मार दी, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार दो पंचायत सहायक सचिव घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, कार क्रमांक एमपी 14 सीडी 0790 में सवार ग्राम पंचायत पिपलिया रायसिंह के सहायक सचिव महिपाल जगावत तथा ग्राम पंचायत बिल्लोद के सहायक सचिव विनोद पाटीदार हादसे में घायल हो गए। दोनो जनपद पंचायत जा रहे थे। इसी दौरान कुछ दूरी पर ही हादसा हो गया। दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और तत्काल दोनों घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्हारगढ़ पहुंचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा पीछे से आए कंटेनर क्रमांक एचआर 37 ई 8588 की टक्कर से हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात सुचारु कराया। घायलों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

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कई गांवों के किसानों को नहीं मिली फसल बीमा राशि, सैकड़ों किसानों ने एसडीएम को सौंपा हस्ताक्षरयुक्त आवेदन

किसानों का आरोप- प्रीमियम जमा करने के बावजूद नहीं मिला बीमा, करोड़ों की राशि के भुगतान की जांच की मांग

पिपलिया स्टेशन (निप्र)। मल्हारगढ़ तहसील के अरनिया देव, डूंगरी, पिपलिया विशनिया, पहेड़ा, खेरखेड़ा, बोरखेड़ी, चंदवासा सहित आसपास के कई गांवों के किसानों को खरीफ फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिलने से किसानों में भारी नाराजगी है। गुरुवार को क्षेत्र के सैकड़ों किसान मल्हारगढ़ एसडीएम स्वाति तिवारी से मिले और हस्ताक्षरयुक्त आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा किसानों को शीघ्र बीमा राशि दिलाने की मांग की। किसानों ने बताया कि उन्होंने शासन की फसल बीमा योजना के तहत निर्धारित समय पर अपनी फसलों का बीमा कराया था और बीमा प्रीमियम भी जमा किया था। इसके बावजूद आज तक उनके खातों में बीमा राशि नहीं पहुंची है। किसानों का कहना है कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में सरकार द्वारा किसानों के खातों में फसल बीमा की राशि जमा कराई जा चुकी है, लेकिन मल्हारगढ़ तहसील के इन गांवों के किसान अब भी योजना के लाभ से वंचित हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग, राजस्व विभाग और संबंधित बीमा कंपनी की लापरवाही के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी किसानों को बीमा राशि नहीं मिल रही है तो इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। किसानों ने यह भी मांग की कि करोड़ों रुपये की बीमा राशि का भुगतान किन किसानों को हुआ, किन्हें नहीं हुआ और इसके पीछे क्या कारण रहे, इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए।

किसानों ने बताया कि लगातार बढ़ती खेती की लागत, मौसम की मार और फसल उत्पादन में आई कमी के बीच फसल बीमा ही उनकी सबसे बड़ी उम्मीद थी। लेकिन बीमा राशि नहीं मिलने से किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कई किसानों को आगामी फसल की बुवाई, खाद-बीज और अन्य कृषि कार्यों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

एसडीएम स्वाति तिवारी ने किसानों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर बीमा राशि नहीं मिलने के कारणों की जानकारी मांगी गई है। किसानों द्वारा प्रस्तुत हस्ताक्षरयुक्त आवेदन भी आवश्यक कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी, ताकि पात्र किसानों को उनका अधिकार मिल सके। आवेदन सौंपने के दौरान किसान एवं पूर्व जनपद सदस्य रामप्रसाद राठौर, पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष युसूफ खां मेव, रमेशचंद्र पाटीदार, सुरेश सोलंकी, बालकृष्ण धनगर, दिनेश मालवीय, समरथ धनगर, कन्हैयालाल सोलंकी, फारुखभाई, नीलेश पाटीदार, भरतलाल पाटीदार, गोपाल मेघवाल, देवीलाल राठौर, हबीब मेव, राजेश सोलंकी, तुलसीराम सोलंकी, बबलू डगरा, राहुल मालवीय सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

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जनोन्‍मुखी तथा सुलभ प्रशासन के उद्देश्‍य से किया जाएगा प्रशासनिक इकाइयों का पुनर्गठन-अध्यक्ष श्री एस. एन. मिश्रा

ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आमजन भी दे सकेंगे सुझाव

मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग ने मंदसौर में बैठक आयोजित की

मंदसौर 31 जुलाई 2026 / मध्य प्रदेश राज्य पुनर्गठन आयोग जनोन्‍मुखी तथा सुलभ प्रशासन के उद्देश्य से प्रशासनिक इकाईयों के पुर्नगठन की दिशा में कार्य कर रहा है। इस संदर्भ में जिलों से सुझाव भी प्राप्त किये जा रहे है उक्‍त जानकारी मंदसौर में आयोजित बैठक में मध्य प्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष श्री एस. एन. मिश्रा द्वारा दी गई बैठक में आयोग के सदस्य श्री मुकेश शुक्ला तथा सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह भी मौजूद थे। इस दौरान आयोग द्वारा अधिकारियों कर्मचारियों को प्रशासनिक पुनर्गठन एवं युक्तिकरण के बारे में अवगत कराया गया आवश्यक सुझाव प्राप्त किए गए बैठक दो सत्रों में आयोजित की गई। प्रथम सत्र में जिला स्तरीय अधिकारीयो के साथ तथा द्वितीय सत्र में तहसील स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। इस दौरान कलेक्टर श्री दिव्यांक सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अनुकूल जैन, अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल तथा जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

आयोग के अध्यक्ष श्री एस.एन. मिश्रा ने बताया कि आयोग का उद्देश्य नई प्रशासनिक इकाइयों के गठन के साथ ही आमजन को सरल, त्वरित एवं पारदर्शी प्रशासन उपलब्ध कराना भी है। तहसील,विकासखंड तथा अन्य प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं, मुख्यालयों एवं पद संरचना को युक्तियुक्‍त ढंग से पुन: देखा जा रहा है। इसके लिए भौगोलिक दूरी, आवागमन की सुविधा, जनसंख्या घनत्व, आदिवासी क्षेत्र, प्राकृतिक सीमाएं तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, विद्युत एवं पेयजल जैसी आधारभूत सुविधाओं को प्रमुख आधार बनाया जाएगा।

श्री मिश्रा ने निर्देश दिए कि यदि किसी संस्था, समिति अथवा जनप्रतिनिधि से प्रशासनिक पुनर्गठन संबंधी कोई प्रस्ताव प्राप्त होता है, तो कलेक्टर स्तर पर उसकी समुचित जांच कराई जाए, आयोग द्वारा निर्धारित प्रश्नावली के अनुरूप प्रस्ताव पूर्ण कराया जाए तथा परीक्षण उपरांत आयोग को प्रेषित किया जाए।

आयोग के सदस्य श्री मुकेश शुक्ला ने बताया कि प्रशासनिक पुनर्गठन प्रक्रिया में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आयोग द्वारा ऑनलाइन पोर्टल एवं प्रश्नावली की व्यवस्था प्रारंभ की गई है। इसके माध्यम से आम नागरिक , सामाजिक संस्थाएं एवं जनप्रतिनिधि अपने सुझाव सीधे आयोग तक पहुंचा सकेंगे। उन्होंने बताया कि जिला एवं अनुविभाग स्तर पर बैठकें, विभागीय समीक्षा तथा नियमित फॉलोअप की व्यवस्था भी की गई है, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवहारिक एवं जनहितकारी निर्णय लिए जा सकें।

उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्र से संबंधित प्रशासनिक सुधारों एवं पुनर्गठन के सुझाव कलेक्टर के माध्यम से आयोग को भेजें। आयोग सभी प्राप्त सुझावों का गहन परीक्षण कर अंतिम अनुशंसाएं राज्य शासन को प्रस्तुत करेगा।

आयोग के सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि प्रशासनिक युक्तियुक्तकरण से शासन की सेवाओं की पहुंच गांवों तक और अधिक सुलभ होगी। नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी , जिससे समय एवं आर्थिक संसाधनों की बचत होगी। उन्होंने कहा कि नई प्रशासनिक व्यवस्था से राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था एवं जनसुनवाई प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी, साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी तथा सेवा वितरण व्यवस्था में गति आएगी।

बैठक में बताया गया कि आयोग द्वारा निर्धारित प्रश्नावली वेब पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध करा दी गई है। कोई भी व्यक्ति, संस्था, समिति अथवा जनप्रतिनिधि यदि किसी प्रशासनिक इकाई के युक्तियुक्तकरण, विलोपन अथवा नवीन सृजन संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत करना चाहता है, तो वह निर्धारित प्रारूप में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकता है। आयोग स्तर पर सभी प्रस्तावों की समीक्षा कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

बैठक में यह भी बताया गया कि मंदसौर जैसे भौगोलिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जिले में प्रशासनिक पुनर्गठन से विकास कार्यों में गति आएगी , प्रशासनिक नियंत्रण और अधिक प्रभावी होगा तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं एवं सेवाओं की पहुंच बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जा सकेगी। आयोग के सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि प्राप्त सभी सुझावों का परीक्षण कर नियमानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।

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मैदानी आंकलन तथा सुझावों के आधार पर पुर्नगठन कार्य होगा

मंदसौर 31 जुलाई 2026 / मध्यप्रदेश प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग द्वारा मंदसौर मुख्‍यालय पर शुक्रवार को जिले के तहसील स्तरीय अधिकारीयों, कर्मचारीयों के साथ बैठक के द्वितिय सत्र में प्रशासनिक इकाई पुर्नगठन पर चर्चा की गई। आयोग के सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह ने बताया कि बैठक का उद्देश्य प्रदेश में विकासखंड, तहसील, ब्लॉक, ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर तक की प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के संबंध में जमीनी स्तर से सुझाव प्राप्त कर प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुगम, पारदर्शी एवं जनोन्मुख बनाना है।

सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह ने उपस्थित अधिकारियों एवं ग्राम स्तर तक के कर्मचारियों से चर्चा की उनके अनुभवों और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक पुनर्गठन का उद्देश्य केवल नई प्रशासनिक इकाइयों का गठन करना नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुगम, उत्तरदायी, कार्यकुशल एवं जनकेंद्रित बनाना है। पुनर्गठन की प्रक्रिया स्थानीय आवश्यकताओं, भौगोलिक परिस्थितियों, जनसंख्या, प्रशासनिक सुविधा तथा नागरिकों को शासकीय सेवाओं की सहज उपलब्धता को ध्यान में रखकर की जा रही है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अनुभव और सुझाव आयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इन्हीं के आधार पर व्यावहारिक एवं जनहितैषी अनुशंसाएं तैयार की जाएंगी।

श्री सिंह ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कार्य के दौरान तनाव प्रबंधन पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक दायित्वों का प्रभावी निर्वहन तभी संभव है, जब अधिकारी एवं कर्मचारी मानसिक रूप से संतुलित, सकारात्मक और तनावमुक्त होकर कार्य करें। उन्होंने सुझाव दिया कि कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण, समय का बेहतर प्रबंधन, आपसी समन्वय तथा नियमित संवाद से कार्यस्थल के तनाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कर्मचारियों से अपने स्वास्थ्य एवं मानसिक संतुलन का भी विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया।

बैठक के दौरान विकासखंड, तहसील, ब्लॉक, ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रशासनिक सीमाओं, क्षेत्रफल, जनसंख्या, आवागमन की सुविधा, शासकीय सेवाओं की उपलब्धता तथा प्रशासनिक कार्यों के संचालन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। आयोग के सचिव ने सभी सुझावों का संज्ञान लेते हुए कहा कि प्रत्येक सुझाव का परीक्षण कर आयोग की अनुशंसाओं में यथासंभव समावेश किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि आयोग प्रदेशभर में विभिन्न स्तरों पर संवाद स्थापित कर प्रशासनिक पुनर्गठन के संबंध में सुझाव प्राप्त कर रहा है, ताकि भविष्य की प्रशासनिक संरचना स्थानीय आवश्यकताओं और जनहित के अनुरूप तैयार की जा सके। साथ ही आमजन भी आयोग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रशासनिक पुनर्गठन संबंधी अपने सुझाव दर्ज करा सकते हैं। फोटो संलग्‍न

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मंदसौर मेडिकल कॉलेज में सफल सुप्रा मेजर सर्जरी सिस्टोलिथोटॉमी से मरीज को मिला नया जीवन

मंदसौर 31 जुलाई 2026 / सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय डीन डॉ. शशि गांधी द्वारा बताया गया कि सुंदरलाल पटवा शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय मंदसौर में शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार सुप्रा-मेजर सिस्टोलिथोटॉमी सफलतापूर्वक संपन्न कर एक मरीज का जीवन बचाया गया।

65 वर्षीय मरीज गजेंद्र सिंह पिछले कई वर्षों से बार-बार होने वाली (Recurrent) मूत्राशय की पथरी की समस्या से पीड़ित थे। मरीज ने पूर्व में कई निजी अस्पतालों में उपचार कराया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका और पथरी पुनः बनती रही। हाल ही में लगातार पेशाब में रुकावट, दर्द एवं मूत्र त्याग में कठिनाई बढ़ने पर वे सुंदरलाल पटवा शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय पहुंचे। जांच में मूत्राशय में विशाल पथरी (Giant Urinary Bladder Calculus) पाई गई, जिसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सर्जरी का निर्णय लिया गया।

जनरल सर्जरी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. ईशांत चौरसिया के नेतृत्व में सफलतापूर्वक सिस्टोलिथोटॉमी की गई तथा मूत्राशय में विशाल पथरी सुरक्षित रूप से निकाली गई। ऑपरेशन पूर्णतः सफल रहा तथा मरीज की स्थिति स्थिर एवं संतोषजनक है।

इस जटिल शल्य चिकित्सा में सीनियर रेजिडेंट डॉ. मारिया खेड़ीवाला, डॉ. रमेश यादव, डॉ. राहुल बिस्वास एवं डॉ. आकाश कुशवाह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. डी. के. पिप्पल एवं डॉ. पी. सी. आर्य ने सुरक्षित एवं प्रभावी एनेस्थीसिया प्रबंधन सुनिश्चित किया, जिससे ऑपरेशन बिना किसी जटिलता के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि सुंदरलाल पटवा शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय, मंदसौर में पहली बार इस प्रकार की सुप्रा-मेजर यूरोलॉजिकल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई है। इससे अब जिले एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसे जटिल ऑपरेशन के लिए इंदौर, उज्जैन अथवा अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। अब उच्चस्तरीय एवं जटिल शल्य चिकित्सा सेवाएँ स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो रही हैं, जिससे मरीजों का समय, धन एवं अनावश्यक परेशानी बचेगी।

इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज की अधिष्ठाता डॉ. शशि गांधी एवं सिविल सर्जन-सह-मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी. एस. रावत ने जनरल सर्जरी एवं एनेस्थीसिया विभाग की पूरी टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में लगातार आधुनिक एवं जटिल शल्य चिकित्सा सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की जनता को अपने जिले में ही उच्च गुणवत्ता का उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

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पीएचई विभाग द्वारा जल जागरूकता अभियान के अंतर्गत स्टाप डायरिया के तहत ग्राम झलारा मे दिया गया प्रशिक्षण

मंदसौर 31 जुलाई 2026 / पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री द्वारा बताया गया कि पुरे भारतवर्ष मे स्टाप डायरिया अभियान चलाया जा रहा है, जिसमे ग्रामीण क्षेत्र मे स्वच्छ पेयजल व स्वच्छता के सम्बन्ध मे कई गतिविधियाँ की जा रही है।

इसी क्रम मे जिला कलेक्टर दिव्यांकसिंह के निर्देशन व PHE विभाग के कार्यपालक यंत्री वैभव भावसार के मार्गदर्शन मे अभियान के अंतिम दिवस पर सीतामऊ विकासखंड के ग्राम झलारा मे फील्ड टेस्टिंग किट के माध्यम से जल गुणवत्ता परिक्षण करने का प्रशिक्षण विभाग के जिला सलाहकार मुकेश गुप्ता PMU सलाहकार अंकित ठाकुर ने दिया, ताकि ग्रामो मे स्थापित पेयजल स्त्रोतो से प्राप्त पानी की जाँच ग्राम मे ही की जा सके साथ ही ग्राम मे स्थापित पेयजल स्त्रोतो का क्लोरिनेशन भी किया गया।

इस अवसर पर आयोजित कार्यशाला मे उपस्थित सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ व आशा कार्यकर्ताओ क़ो वर्षाकाल मे पेयजल स्त्रोतो क़ो स्वच्छ रखने, स्त्रोतो का नियमित क्लोरिनेशन करने,पिने के पानी का समुचित्त भण्डारण रखने , दूषित पानी के पिने से होने वाली बीमारियों से बचने, जल प्रदाय योजनाओं मे जनसहभागिता सुनिश्चित करने,ग्राम मे समग्र स्वच्छता का वातावरण सुनिश्चित करने की समझाईश दी गईं, इस अवसर पर सरपंच, सचिव, सहायक सचिव व ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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शिशु रोग विभाग द्वारा ओआरएस सप्ताह कार्यक्रम आयोजित

मंदसौर 31 जुलाई 2026 / मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वस्‍थ्‍य अधिकारी द्वारा बताया गया कि सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय के शिशु रोग विभाग द्वारा ओआरएस सप्ताह का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। दस्त आज भी पाँच साल से कम आयु के बच्चों में बीमारी एवं मृत्यु प्रमुख कारण है जिसका रोकथाम एवं उपचार में ओआरएस और जिंक के महत्व के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

कार्यक्रम का आयोजन अधिष्ठाता डॉ. शशि गांधी के मार्गदर्शन में किया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अधिष्ठाता डॉ. शशि गांधी, सिविल सर्जन डॉ. बी.एल. रावत एवं ओषध विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. कार्तिक साल्वे उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नैकी मीनारे ने की।

इस अवसर पर ओआरएस सप्ताह के अंतर्गत आयोजित इंटर्न चिकित्सकों के द्वारा सैमीनार प्रजेंटेशन, ओआरस, जिंक टेबलेट केसे देना है। ओपीडी ,आंगनबाड़ी एवं बच्चों के वार्ड में बताए गया साथ ही स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया एवं उसके विजेताओं को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि डायरिया से होने वाली बाल मृत्यु को रोकने में समय पर ओआरएस एवं जिंक का उपयोग अत्यंत प्रभावी एवं जीवनरक्षक है। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों एवं विद्यार्थियों से इस जनजागरूकता अभियान को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में शिशु रोग विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. संगीता डुडवे, सीनियर रेजिडेंट डॉ. श्रुति सेठिया एवं डॉ. पार्थ जोशी सहित विभाग के चिकित्सक, इंटर्न, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

समारोह के अंत में सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी जनस्वास्थ्य जागरूकता के ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया गया। फोटो संलग्‍न

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सूने मकान से जेवर चोरी का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

पिपलिया स्टेशन (निप्र)। नारायणगढ़ थाना क्षेत्र में सूने मकान से करीब 1.40 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर चोरी करने के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी अजय को गिरफ्तार कर लिया है। शिकायतकर्ता अनुराग ग्वाला की रिपोर्ट पर पुलिस ने जांच शुरू की थी। जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी गया पूरा माल बरामद कर लिया गया। बरामद जेवरों में चांदी की पायल, चूड़ियां, कंदोरा, सोने का मंगलसूत्र तथा चांदी की बिछियाएं शामिल हैं। थाना प्रभारी राजेन्द्र पंवार ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गया माल जब्त कर लिया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए गए। पीड़ित ने जताई थी रिश्तेदार पर चोरी की आशंका पीड़ित अनुराग ग्वाला ने अपनी रिपोर्ट में अपने बड़े पापा के बेटे अजय पर चोरी की आशंका जताई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच कर साक्ष्य जुटाए और आरोपी अजय को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से चोरी गया पूरा माल बरामद कर लिया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

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पुराने लोहे के चद्दरों के विवाद में एक ही परिवार के पांच लोगों पर मारपीट का केस दर्ज

पिपलिया स्टेशन (निप्र)। पुराने लोहे के चद्दरों को लेकर हुए विवाद ने पारिवारिक झगड़े का रूप ले लिया। महिला की शिकायत पर पुलिस ने उसके ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार फरियादिया रेखा बाई धनगर (32) निवासी अरनिया जटिया ने नारायणगढ़ थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई की सुबह करीब 8:45 बजे वह अपने पति विनोद धनगर के साथ घर के बाहर खड़ी थी। इसी दौरान कन्हैयालाल गायरी पुराने खरीदे गए लोहे के चद्दर लेने आया। आरोप है कि तभी उसके ससुर भगवान लाल धनगर, सास केसर बाई धनगर, देवर विकास धनगर, ननद रंजना बाई धनगर और निकिता बाई धनगर वहां पहुंचे और चद्दर ले जाने का विरोध करने लगे। शिकायत के अनुसार विवाद बढ़ने पर भगवान लाल, केसर बाई और विकास धनगर ने विनोद धनगर के साथ मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंची रेखा बाई के साथ रंजना बाई और निकिता बाई ने भी गाली-गलौज करते हुए थप्पड़ों से मारपीट की, जिससे उसके पैर और पेट में चोट आई।आरोपियों ने दोबारा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने रेखा बाई धनगर की शिकायत पर भगवान लाल धनगर, केसर बाई धनगर, विकास धनगर, रंजना बाई धनगर और निकिता बाई धनगर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया।

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शा. उ. माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 2 में विद्यार्थियों को 51 निःशुल्क साइकिल एवं मारवाड़ी युवा मंच द्वारा 500 नोटबुक वितरित की गई

मंदसौर 31 जुलाई 2026 / सरदार वल्लभभाई पटेल शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 2 प्राचार्य श्री विजय सिंह पुरावत द्वारा बताया गया कि सरदार वल्लभभाई पटेल शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 2 मंदसौर में अंतर्राष्ट्रीय आचार्य श्री रामानुज जी महाराज राजकोट के सानिध्य में मुख्यमंत्री साइकिल वितरण योजना के अंतर्गत 51 विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल तथा अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच शाखा मंदसौर द्वारा 200 विद्यार्थियों को निःशुल्क 500 नोटबुक रजिस्टर प्रदान किए गए। समारोह जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। विशेष अतिथि के रूप में. एमपी बटालियन के कर्नल श्री अक्षत बक्शी, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्री मदन लाल राठौर, मानवता मिशन ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री नरेंद्र अग्रवाल, सामाजिक कार्यकर्ता श्री करण सिंह परिहार, क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती सुनीता भावसार, मारवाड़ी युवा मंच की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती रानी अनिल अग्रवाल उपस्थित थेl समारोह में विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री राजेश शर्मा, मारवाड़ी युवा मंच प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्री नरेंद्र त्रिवेदी, श्री संजय नीमा, महिला शाखा अध्यक्ष श्रीमती किरण सोनगरा, मेजर श्रीमती उषा कुमावत, श्रीमती प्रतिभा भट्ट , श्री शिवप्रताप सिंह राणा, श्री अशोक गर्ग, श्री भानु प्रतापसिंह देवड़ा मंचस्थ थे।

इस अवसर पर आचार्य श्री रामानुज जी ने कहा कि जीवन में गुरु से बढ़कर अन्य कोई नहीं होता है और गुरु भी वह जो शिक्षा गुरु हो, इसलिए बच्चों अपने गुरु की आज्ञा हमेशा मानो और अच्छे से पढ़ाई करो ताकि आगे जाकर किसी बड़े ओहदे पर पहुंचो तो अपने गुरु का सीना भी गर्व से चौड़ा हो जाता है। आचार्य श्री ने कहा कि गुरु का कोई स्वार्थ नहीं होता है यदि वह आपको डांटता है तो उसके पीछे उसकी मंशा होती है कि उसका शिष्य जीवन में हर क्षेत्र में आगे बढ़े और खूब तरक्की करें इसलिए हमेशा अपने गुरु का आदर एवं सम्मान करना सीखें।

आचार्य श्री ने विद्यार्थियों से कहा कि आपके बात करने के तरीके में शालीनता हो, व्यवहार में मानवता हो और कोई गिर रहा हो तो दौड़कर उसे सहारा देना सीखें किसी के उपयोगी हो सकते हो यह जीवन का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। सद विद्या का अर्थ हमारे व्यवहार में मानवता हो गुरु जैसे सिखाये वैसा पढ़ लीजिए। यह संसार किसी का अभिनंदन करता है तो शिक्षा का करता है।

आचार्य श्री रामानुज जी ने कहा कि सरकार बच्चों को निशुल्क साइकिल प्रदान कर रही है तो वहीं मारवाड़ी युवा मंच पाठ्य सामग्री उपलब्ध करवा कर मानवता की सच्ची सेवा कर रही हैं।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार ने कहा कि मध्य प्रदेश की सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को अनेक सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। इस श्रेणी में निःशुल्क रूप से आज साइकिल प्रदान की गई है। इसलिए आप खूब मन लगाकर पढ़ाई करें और जीवन में आगे बढ़ो यह लक्ष्य होना चाहिए। आज विद्यालय में आचार्य श्री रामानुज जी द्वारा जो संस्कार दिए गए उनका अनुसरण अपने जीवन में करे। मानवता मिशन ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं मारवाड़ी युवा मंच के प्रदेश समन्वयक श्री नरेंद्र अग्रवाल ने मारवाड़ी मंच द्वारा पूरे देश में शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में संचालित की जा रही योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि मंदसौर जिले में भी 5 हजार नोटबुक निःशुल्क रूप से प्रदान की जा रही है आप सभी विद्यार्थी इसका सदुपयोग करें।

आरंभ में आचार्य श्री रामानुजजी ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया l स्वागत उद्बोधन विद्यालय के प्राचार्य श्री विजय सिंह पूरावत ने दिया।

सरस्वती वंदना शिक्षिका श्रीमती रीना पाटीदार द्वारा प्रस्तुत की गईl आचार्य श्री एवं अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान तुलसी का पौधा भेंटकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री राजेश शर्मा, प्राचार्य श्री विजय सिंह पुरावत सहित विद्यालय परिवार द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया गया।

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