समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 26 जुलाई 2026 रविवार

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर रिंगनोद में 85 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई
रतलाम : शनिवार, जुलाई 25, 2026,

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. किरण वाडिवा ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस के अंतर्गत प्रत्येक माह की 9 एवं 25 तारीख को जिले के विभिन्न शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की विशेष स्वास्थ्य जांच की जाती है। इसी क्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रिंगनोद में चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक शर्मा द्वारा 85 गर्भवती महिलाओं की गर्भावस्था संबंधी चिकित्सीय जांच की गई
शिविर के दौरान गर्भवती महिलाओं का टिटनेस टीकाकरण, हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर एवं ब्लड प्रेशर की जांच की गई। साथ ही उन्हें आयरन-फोलिक एसिड एवं कैल्शियम की गोलियों का वितरण कर सुरक्षित मातृत्व एवं आवश्यक स्वास्थ्य देखभाल संबंधी परामर्श भी प्रदान किया गया।
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26 जुलाई को होगा वृद्धजनों के लिए आयुष्मान वय वंदना योजना शिविर का आयोजन
प्रातः 11:00 बजे कम्युनिटी हॉल, अलकापुरी में होगा आयोजन
रतलाम : शनिवार, जुलाई 25, 2026,
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी पात्र वृद्धजनों के आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु आयुष्मान वय वंदना योजना शिविर का आयोजन केबिनेट मंत्री एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री मध्यप्रदेश शासन श्री चैतन्य काश्यप के आतिथ्य में 26 जुलाई रविवार को प्रातः 11:00 बजे से कम्युनिटी हॉल, अलकापुरी, रतलाम में किया जाएगा।
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जिले में अब तक 283.63 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
रतलाम : शनिवार, जुलाई 25, 2026,
जिले में इस वर्ष अब तक औसतन 283.63 मि.मी. वर्षा दर्ज की गयी है। जबकि पिछले 24 घन्टों में रतलाम जिले में 8.13 मिमी वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।
पिछले 24 घन्टों में आलोट में 1.00 मि.मी., जावरा में 2.00 मि.मी., ताल में 2.0 मि.मी., पिपलोदा मे 7.0 मि.मी., बाजना में 8.0 मि.मी., रतलाम में 11.0 मि.मी., रावटी में 21.0 मि.मी. एवं सैलाना में 13.0 मि.मी., वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।
विगत 1 जून से अब तक वर्षामापक केन्द्र आलोट में 319.0 मि.मी., जावरा में 306.0 मि.मी., ताल में 250.0 मि.मी., पिपलोदा में 355.0 मि.मी., बाजना में 177.0 मि.मी., रतलाम में 367.0 मि.मी., रावटी में 216.0 मि.मी. एवं सैलाना में 279.0 मि.मी., वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।
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सांदीपनि विद्यालय किसी मंदिर से कम नहीं, यहां से भविष्य के निर्माता निकलेंगे : प्रभारी मंत्री डॉ. शाह
सांदीपनि विद्यालय भविष्य गढ़ने वाला अनूठा प्रकल्प है : मंत्री श्री काश्यप
68 करोड़ से अधिक लागत के बिरमावल एवं रावटी सांदीपनि विद्यालयों का किया लोकार्पण
रतलाम : शनिवार, जुलाई 25, 2026,

जिले के प्रभारी मंत्री एवं जनजातीय कार्य विभाग, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने ग्राम बिरमावल में लगभग 68 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दो अत्याधुनिक सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण किया। इनमें ग्राम बिरमावल में 34 करोड़ 65 लाख रुपये तथा रावटी में 33 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय शामिल हैं।
लोकार्पण के बाद प्रभारी मंत्री डॉ. शाह एवं मंत्री श्री काश्यप ने विद्यालय परिसर का भ्रमण कर विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उनकी प्रतिभा की सराहना की। इस अवसर पर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप स्कूटी एवं लैपटॉप भी प्रदान किए गए।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय किसी मंदिर से कम नहीं हैं, जहां से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नई जीवनधारा प्रारंभ होगी। उन्होंने कहा कि आज मां सरस्वती के मंदिर का लोकार्पण हुआ है और वर्तमान पीढ़ी के बच्चे सौभाग्यशाली हैं, जिन्हें आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालयों में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों को निःशुल्क गणवेश, साइकिल, पाठ्यपुस्तकें सहित अनेक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है तथा शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि “सोच बदलो, सितारे बदल जाएंगे।” प्रभारी मंत्री ने बिरमावल सांदीपनि विद्यालय तक पहुंचने वाले लगभग डेढ़ किलोमीटर मार्ग का डामरीकरण रोड बनाने की बात की।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय भविष्य गढ़ने वाला अनूठा प्रकल्प है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और बलराम ने सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण कर ज्ञान और संस्कारों की मिसाल प्रस्तुत की थी। उसी भावना को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार ने आधुनिक सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और श्रेष्ठ शिक्षकों की व्यवस्था के साथ इन विद्यालयों का निर्माण किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने तथा अपने गांव, जिले और प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
रतलाम ग्रामीण विधायक श्री मथुरालाल डामोर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन किए हैं। विद्यार्थियों को भोजन, गणवेश, साइकिल सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बिरमावल क्षेत्र में उच्च शिक्षा की आवश्यकता बताते हुए कॉलेज की स्थापना की मांग भी रखी।
जिला योजना समिति सदस्य श्री प्रदीप उपाध्याय ने कहा कि यह भव्य विद्यालय बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला साबित होगा तथा यहां से शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे।
कार्यक्रम में रतलाम ग्रामीण विधायक श्री मथुरालाल डामोर, जिला योजना समिति सदस्य श्री प्रदीप उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लालाबाई चंद्रवंशी, पूर्व विधायक श्रीमती संगीता चारेल, अन्य सभी जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन, अन्य जिला अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी, पत्रकार उपस्थित रहे।
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विधायक डॉ. राजेन्द्र पांडेय के प्रयासों से दो प्रमुख सड़क निर्माण कार्यों स्वीकृति मिली
रतलाम : शनिवार, जुलाई 25, 2026,
जावरा विधानसभा क्षेत्र में विकास की प्राथमिकता को लेकर विधायक डॉ राजेन्द्र पांडेय द्वारा किये जा रहे निरन्तर प्रयासों को सफलता मिलती जा रही है। क्षेत्र के दो प्रमुख सड़क मार्गो के लिए 56 करोड़ 50 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी हो गई है। जिससे क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है। आगामी दिनों के कार्य प्रारंभ हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि विधायक डॉ पांडेय जावरा विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रो की सड़क मार्गो के निर्माण के लिए लम्बे समय से प्रयासरत है। जिसके फलस्वरूप समय समय पर स्वीकृति भी प्राप्त हो रही है। बीते दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की घोषणा के बाद स्वीकृति के लिए किए जा रहे प्रयासों में सफलता मिल गयी है। लोक निर्माण विभाग ने 56 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से दो प्रमुख सड़क मार्गो की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है। जिसमे 20 कि.मी. लम्बे ग्राम राकोदा से माऊखेड़ी-रियावन-कालूखेड़ा मार्ग एवं 9.50 कि.मी. लम्बे ग्राम मावता से रियावन-बडायला माताजी पहुँच मार्ग निर्माण है। इस सम्बंध में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने विधायक डॉ पांडेय को इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासकीय स्वीकृति जारी होने के साथ ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आगामी दिनों में कार्य भी प्रारम्भ हो सकेगा। विधायक डॉ पांडेय ने बताया कि विकास का क्रम निरन्तर जारी रहेगा। क्षेत्र में सम्पर्क मार्गो को भी प्राथमिकता दी जा रही है। क्षेत्र में लगभग 20 करोड़ से अधिक की लागत के 5 प्रमुख सड़क मार्गो के प्रस्ताव दिए है। जिनकी स्वीकृति भी शीघ्र प्राप्त होगी। क्षेत्र में दो प्रमुख सड़क मार्गो की प्रशासकीय स्वीकृति जारी होने पर विधायक डॉ पांडेय ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव व लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया है।
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सांदीपनि विद्यालय बिरमावल एवं बड़ावदा में विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया
रतलाम : शनिवार, जुलाई 25, 2026,

सांदीपनि विद्यालय बिरमावल एवं बड़ावदा में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
सांदीपनि विद्यालय बिरमावल के लोकार्पण अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री एवं जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने स्वास्थ्य परीक्षण करवाया। इसके साथ ही विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर में बच्चों की सिकल सेल एनीमिया, हीमोग्लोबिन सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य जांच की गई।
सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बड़ावदा में नेत्र परीक्षण शिविर के दौरान कुल 588 विद्यार्थियों की आंखों की जांच की गई। जांच के दौरान 70 विद्यार्थियों में दृष्टि दोष पाया गया, जिनका आवश्यक उपचार किया गया।
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फास्ट ट्रैक कोर्ट में 3 माह में होगा परीक्षा जैसे अन्य मामलों का निराकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सरकार शिक्षकों और विद्यार्थियों से जुड़े सभी विषयों पर अत्यंत संवेदनशील
फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के केन्द्र सरकार के निर्णय का सबसे पहले मध्यप्रदेश में अमल शुरू
युवाओं और विद्यार्थियों के कल्याण की चिंता हमारा कर्तव्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा परिसर में की मीडिया से चर्चा
रतलाम : शनिवार, जुलाई 25, 2026,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार शिक्षक और विद्यार्थी वर्ग के कल्याण से जुड़े सभी विषयों पर अत्यंत गंभीर और संवेदनशील है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और विद्यार्थियों के हित में लगातार महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की जनता के हित में जब भी कोई निर्णय लिया जाता है, मध्यप्रदेश उसे लागू करने और निर्णय के अनुरूप नीतिगत व्यवस्था बनाने वाला पहला राज्य होता है। समय की जरूरत है कि युवाओं से संबंधित न्यायिक फैसले द्रुत गति से हों। इसके लिए मध्यप्रदेश में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट्स (भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में) बनाये जायेंगे। पेपर लीक और परीक्षा सहित अन्य मामलों का फास्ट ट्रैक कोर्ट में मात्र 3 माह में निराकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को मध्यप्रदेश विधानसभा स्थित सेंट्रल हॉल में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मन में विद्यार्थियों के कल्याण और उनसे जुड़े सभी विषयों को लेकर बेहद सकारात्मक भाव हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही नीट पेपर लीक की खबर सामने आई, उसकी जांच के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की। प्रकरण दर्ज हुआ और देशभर में तेज गति से आरोपियों की गिरफ्तारियां भी की गई, फिर दोबारा नीट परीक्षा कराई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार पूरी सहानुभूति और संवेदना विद्यार्थियों के साथ है। हम हर परिस्थिति में विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में नीट परीक्षाएं बेहतर और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हों, इसके लिए स्टैंडर्ड ऑफ प्रोटोकॉल्स (एसओपी) तैयार कर सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्यप्रदेश वह राज्य है, जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश में सबसे पहले लागू की गई। पिछले ढाई साल के कार्यकाल में राज्य सरकार ने 3 नए शासकीय विश्वविद्यालय प्रारंभ किए हैं। प्रदेश में विकास की गतिविधियों को गति देकर तेज़ी लाने के साथ-साथ युवाओं और विद्यार्थियों के लिए कल्याण की चिंता कर इनके हित में निर्णय लेना भी हमारा कर्तव्य है। विद्यार्थियों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय हमारी सरकार ले चुकी है और यह आगे भी लगातार जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज की संख्या दोगुनी से अधिक हो चुकी है। पूरे देश में पहले मात्र 641 विश्वविद्यालय थे, आज इनकी संख्या बढ़कर 1400 से अधिक हो गई है। मेडिकल एजुकेशन की सीटें भी 50 हजार से बढ़कर 1 लाख से अधिक हो चुकी हैं।



