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24 वर्षों से हरियाली का संकल्प निभा रहे ‘वृक्षमित्र’ आशीष व्यास, अब तक 40 हजार पौधे निःशुल्क वितरित व रोपित

24 वर्षों से हरियाली का संकल्प निभा रहे ‘वृक्षमित्र’ आशीष व्यास, अब तक 40 हजार पौधे निःशुल्क वितरित व रोपित

मंदसौर। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बर्डिया इस्तमुरार में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक श्री आशीष व्यास पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के संवर्धन के लिए पिछले 24 वर्षों से निस्वार्थ भाव से कार्य करते हुए समाज के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। वे अपने व्यक्तिगत खर्च पर वर्ष 2002 से लगातार निःशुल्क पौधों का वितरण और वृक्षारोपण अभियान चला रहे हैं। अब तक वे लगभग 40 हजार पौधों का निःशुल्क वितरण एवं रोपण करवा चुके हैं।
शिक्षा विभाग सहित विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में श्री व्यास को आज “वृक्षमित्र” के नाम से जाना जाता है। उनका उद्देश्य केवल पौधे बांटना नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण के लिए भी प्रेरित करना है। इसी सोच के साथ वे ग्रामीण क्षेत्रों, सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक आयोजनों और विभिन्न विद्यालयों में स्वयं अपने वाहन से पौधे पहुंचाकर उनका निःशुल्क वितरण करते हैं।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को दे रहे नई गति
श्री आशीष व्यास शासन की “एक पेड़ मां के नाम” मुहिम को जन-जन तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर प्रत्येक विद्यार्थी को एक-एक पौधा निःशुल्क प्रदान करते हैं। इसके साथ ही बच्चों को पौधों की देखभाल, संरक्षण और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प भी दिलाते हैं।
उनकी इस पहल से विद्यालय परिसरों एवं आसपास के क्षेत्रों में हरियाली बढ़ रही है, वहीं विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति प्रेम, पर्यावरण संरक्षण की भावना और सामाजिक जिम्मेदारी का भी विकास हो रहा है।
एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
वृक्षमित्र श्री आशीष व्यास का संकल्प आने वाले वर्षों में एक लाख पौधों का निःशुल्क वितरण एवं रोपण कराकर पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम को और व्यापक बनाने का है। उनका मानना है कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हराभरा पर्यावरण मिल सकता है।
श्री व्यास का यह सतत और निस्वार्थ प्रयास न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनुकरणीय उदाहरण है, बल्कि समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा भी देता है।

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