जिसने परमपिता परमात्मा शिव से योग लगाया, और उसको जान लिया उसने सब पा लिया- बीके कृष्णा दीदी

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सीतामऊ में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ नाया

सीतामऊ।प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सीतामऊ में दिप प्रज्वलित पूजा अर्चना एवं महाआरती कर भगवान श्रीकृष्ण के मधुर भजनों पर नन्ही बालिकाओं के मनमोहक नृत्य के साथ भगवान जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर राजयोगिनी बीके कृष्णा दीदी ने भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर अपने आध्यात्मिक ज्ञान पर कहा कि भारत में कि ई अच्छे अच्छे त्यौहार आते हैं उनमें श्री कृष्ण जन्माष्टमी भी एक है।इस पर्व पर जगह-जगह मनाई जाती मंदिरों को भव्य मनाते हैं।
बीके कृष्णा दीदी ने कहा कि श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी क्यों मनाते हैं उसके आठ जन्म हुए।उसका जन्म एक पिपल के पत्ते पर अंगुठा चुसते हुए दिखाया गया है। पहला जन्म स्वर्ग में हुआ जहां एक दुनिया है। वहां उसे योगेश्वर कहते हैं। उसने परमपिता परमात्मा से योग लगाया वह परमपिता शिव से लगाया। परमात्मा कहते हैं कि मुझे जिसने जान लिया उसने सब पा लिया। भगवान के सामने योग ध्यान लगाने वाला योगेश्वर बन गया। हम अपने बच्चे के लिए कहते हैं कि उसको राधा मिले और बच्ची के लिए श्रीकृष्ण मिले यह चाहते हैं। हम उस परमात्मा को जिस संबंध में याद करते हैं वह उस स्वरुप में साथ देता सहयोग करता है।
रक्षाबंधन क्यों मनाते हैं। कहते हैं कि द्वापरयुग में इंद्राणी ने इंद्र को रक्षा के लिए रक्षा सुत्र बांधे, फिर ब्राह्मण लोग घर घर जाकर राखी बांधते थे। फिर भाई बहिन कि राखी बांधने का पर्व मनाया जाने लगा है। पर यह सबके नहीं सगी बहिन के अलावा भी दुसरी बाहर भी बहिनें है उनको भी राखी बांधनी चाहिए नहीं बाधने और बांधने के बाद जो निभाते नहीं वो अपराध करते हैं।हम सब एक आत्मा है और आत्मा कि अलग-अलग रिश्तों में राखी बांध कर रक्षा का संकल्प लेना चाहिए। राखी बांधने से पूर्व लाल कंकु का तिलक लाल रंग उस परमात्मा लोक का प्रकाश है। और मिठाई दी जाती है कि जीवन में कड़वाहट दुर होकर सदैव मीठे बनें रहें। बाहर से मिठाई लाने और बनाकर भोग लगाकर मिठाई वह प्रसाद बन जाती है। प्रसाद प्राप्त कर उसको खाने से हमें एक एनर्जी मिलती है और भगवान के पास ले जाती है। समारोह में पूर्व शिक्षिका श्रीमती गुणवती कोठारी,वरिष्ठ चिकित्सक डॉ अनिल बर्डिया ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में मटकी फोड़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। समारोह का संचालन गौरव जैन ने किया।
समारोह में बहिन प्रिति दीदी, पूजा बहिन पोरवाल समाज वरिष्ठ उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण मांदलिया, पत्रकार सुरेश गुप्ता, जगदीश राठौर, यशवंत माली, मोडीराम भोई, अनिल ओस्तवाल, प्रभुलाल राठौर, मोहनलाल चौधरी, पदमा मेहरा उर्मिला गौड़ श्रीमती सुशीला माहेश्वरी श्रीमती सुमित्रा डबकरा सहित महिला पुरुष बच्चे उपस्थित रहें।



