समाचार मध्यप्रदेश नीमच 04 जुलाई 2026 शनिवार

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रेडक्रॉस बना गंभीर मरीजों का संबल
कलेक्टर ने इलाज हेतु ₹70 हजार की आर्थिक सहायता की स्वीकृत
नीमच, 03 जुलाई 2026। जिले में गंभीर बीमारी से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, नीमच द्वारा मानवीय संवेदनाओं के साथ लगातार आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। जिला रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष एवं कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को उपचार के लिए त्वरित सहायता स्वीकृत की जा रही है।
भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के अनुसार हाल ही में तीन जरूरतमंद मरीजों के उपचार हेतु कुल 70 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। इनमें एक मरीज को उपचार के लिए 30 हजार रुपये, जबकि दो अन्य जरूरतमंद मरीजों को उपचार एवं आवश्यक दवाइयों के लिए 20-20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।
भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, नीमच समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के लिए संकट की घड़ी में संबल बनकर कार्य कर रही है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि आर्थिक अभाव के कारण कोई भी जरूरतमंद मरीज उपचार से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से पात्र प्रकरणों में रेडक्रॉस के माध्यम से त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पीड़ित परिवारों को समय पर राहत मिल सके।
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ग्राम पंचायत भरभडिया में विकसित भारत जी राम जी योजना के राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम का हुआ सीधा प्रसारण
ग्रामीणों को मिलेगा अधिक रोजगार,सशक्त आजीविका और समृद्ध गांवों का संबल : विधायक श्री दिलीप सिंह परिहार
नीमच, 03 जुलाई 2026। भारत सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम का शुक्रवार को जनपद पंचायत नीमच की ग्राम पंचायत भरभडिया में सीधा प्रसारण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत सरकार के माननीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर किया गया । ग्राम पंचायत परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा तथा योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर नीमच विधायक श्री दिलीप सिंह परिहार ने कहा, कि विकसित भारत का संकल्प तभी साकार होगा, जब गांव आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बनेंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, आजीविका के स्थायी साधन विकसित करने,महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने,जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन तथा टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण के माध्यम से समग्र ग्राम विकास को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में अकुशल श्रमिकों के लिए 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी निर्धारित की गई है, जिससे श्रमिकों की आय में वृद्धि होगी और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
विधायक श्री परिहार ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीण परिवारों के जीवन में व्यापक बदलाव आया है। आज गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, जल संरक्षण एवं टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने तथा ग्राम विकास के कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों को योजना के उद्देश्यों, ग्रामीण रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन, महिला सशक्तिकरण, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण तथा ग्राम विकास में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने योजना के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी प्राप्त करते हुए इसे विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया तथा ग्राम विकास,जल संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन के कार्यों में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम पंचायत प्रतिनिधि, मनरेगा के जॉब कार्डधारी श्रमिक, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, ग्राम पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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घरेलू गैस सिलेंडर के अवैध व्यावसायिक उपयोग पर तीन प्रतिष्ठानों के विरुद्ध की गई कार्रवाई
नीमच, 03 जुलाई 2026। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के निर्देशन एवं जिला आपूर्ति अधिकारी श्री आर.एन. दिवाकर के मार्गदर्शन में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध व्यावसायिक उपयोग के विरुद्ध सतत कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में 30 जून 2026 को कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी मनासा श्री जितेन्द्र नागर द्वारा मनासा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान गोपाल रामदयाल सोडानी (गुलाब जामुन) की दुकान से एक, श्री महाकाल बेकरी रेस्टोरेंट, मनासा से एक तथा मेसर्स सुरेश कसेरा (सरकार) की दुकान से एक घरेलू गैस सिलेंडर व्यावसायिक उपयोग में पाए जाने पर कुल तीन घरेलू गैस सिलेंडर मौके पर जब्त किए गए।
उक्त प्रकरणों में संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय अपर कलेक्टर, जिला नीमच में प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है, कि जिले के होटलों, रेस्टोरेंटों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध उपयोग तथा वाहनों में अवैध गैस रिफिलिंग करने वालों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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बरसात में सर्पदंश से घबराएं नहीं, तत्काल अस्पताल पहुंचें
जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध – सीएमएचओ डॉ.दिनेश प्रसाद
नीमच, 03 जुलाई 2026। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.दिनेश प्रसाद ने बताया, कि वर्षा ऋतु में सांप एवं अन्य विषैले जीव-जंतुओं की सक्रियता बढ़ने से सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि होती है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है, कि बरसात के मौसम में विशेष सतर्कता बरतें तथा सर्पदंश की स्थिति में किसी भी प्रकार की देरी किए बिना पीड़ित को तत्काल निकटतम शासकीय स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाएं, ताकि समय पर उपचार प्रारंभ किया जा सके।
उन्होंने बताया, कि जावद विकासखंड के वन एवं पहाड़ी क्षेत्रों में प्रतिवर्ष सर्पदंश के मामले अधिक सामने आते हैं। इसे देखते हुए सिविल अस्पताल जावद, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिंगोली तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नयागांव, अठाना, सरवानिया महाराज, लासूर, डीकेन, जाट, रतनगढ़, काकरियातलाई, अथवाकला, कदवासा एवं झांतला सहित सभी चिन्हित स्वास्थ्य संस्थानों में सर्पदंश के उपचार हेतु एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इन सभी संस्थानों में सर्पदंश का उपचार 24 घंटे, सातों दिन निःशुल्क किया जा रहा है।
सीएमएचओ ने बताया, कि किसी भी आपात स्थिति में उपचार मिलने में कठिनाई होने पर खंड चिकित्सा अधिकारी डीकेन डॉ. मोहन मुजाल्दे (मो. 8770518382) तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद (मो. 9425441214) से संपर्क किया जा सकता है।
डॉ.प्रसाद ने बताया, कि सर्पदंश से बचाव के लिए जूते, कपड़े एवं स्लीपिंग बैग उपयोग से पहले अच्छी तरह झाड़कर देखें। झाड़ियों, ऊंची घास, पत्थरों एवं गड्ढों के आसपास विशेष सावधानी रखें। रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का उपयोग करें तथा मजबूत जूते एवं पूरे शरीर को ढकने वाले वस्त्र पहनें। घर एवं आसपास की घास समय-समय पर कटवाएं, कचरा जमा न होने दें तथा घर की दरारों एवं बिलों को बंद रखें। जमीन पर सोने की बजाय पलंग पर सोएं और मच्छरदानी का उपयोग करें। सांप दिखाई देने पर उसे छेड़ने या मारने का प्रयास न करें।
उन्होंने बताया, कि सर्पदंश के बाद काटने वाली जगह पर दर्द, सूजन, दांत के निशान, लालिमा, उल्टी, जी मिचलाना, कमजोरी, सांस लेने में कठिनाई, आंखें खोलने या बोलने में परेशानी, शरीर का सुन्न पड़ना अथवा रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल अस्पताल पहुंचना चाहिए।
सीएमएचओ ने कहा, कि सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं, पीड़ित को शांत रखें तथा प्रभावित अंग को स्थिर रखते हुए शीघ्र अस्पताल पहुंचाएं। घाव को काटने या मुंह से चूसने का प्रयास न करें, बर्फ न लगाएं, बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा न दें तथा झाड़-फूंक या तांत्रिक उपचार के चक्कर में समय न गंवाएं। आवश्यकता पड़ने पर 108 संजीवनी एम्बुलेंस की सहायता लेकर तत्काल निकटतम शासकीय अस्पताल पहुंचें।
डॉ. प्रसाद ने कहा, कि समय पर उपचार मिलने से सर्पदंश से होने वाली गंभीर जटिलताओं एवं मृत्यु के जोखिम को काफी हद तक रोका जा सकता है। इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और सर्पदंश की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचकर उपचार कराएं। ================
संत रविदास स्वरोजगार योजना से मिली नई पहचान,
मसाला उद्योग स्थापित कर आत्मनिर्भर बनीं राधा यादव
नीमच, 3 जुलाई 2026। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इसका प्रेरणादायी उदाहरण नीमच सिटी के वार्ड क्रमांक 5 निवासी राधा यादव हैं, जिन्होंने मध्यप्रदेश शासन की संत रविदास स्वरोजगार योजना का लाभ लेकर अपना मसाला उद्योग स्थापित किया और आज आत्मनिर्भर जीवन जी रही है।
राधा यादव को जिला अंत्यावसायी कार्यालय, नीमच के माध्यम से संत रविदास स्वरोजगार योजना अंतर्गत यूको बैंक, नीमच शाखा से 2 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस आर्थिक सहायता से उन्होंने अपने घर पर लघु मसाला उद्योग की शुरुआत की। आज उनका उद्योग सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है और वे प्रतिमाह लगभग 10 से 12 हजार रुपये की नियमित आय अर्जित कर रही हैं।
राधा बताती हैं कि पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, जिससे घर का खर्च चलाना और बच्चों की शिक्षा जैसी आवश्यकताओं को पूरा करना कठिन था। लेकिन स्वरोजगार शुरू होने के बाद परिवार की आय में निरंतर वृद्धि हुई है। अब वे अपने बच्चों की शिक्षा, परिवार की जरूरतों तथा भविष्य की बचत पर भी ध्यान दे पा रही हैं।
राधा ने अपने उद्योग के माध्यम से अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया है। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि स्थानीय स्तर पर महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिला है। आज वे आत्मविश्वास के साथ अपने व्यवसाय का संचालन कर रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।
संत रविदास स्वरोजगार योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए बैंक ऋण एवं शासन की सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे स्वयं का व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें और दूसरों को भी रोजगार के अवसर प्रदान कर सकें।
राधा यादव इस उपलब्धि का श्रेय मध्यप्रदेश शासन की जनहितकारी योजनाओं, जिला प्रशासन, जिला अंत्यावसायी कार्यालय तथा यूको बैंक को देती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस योजना ने उनके परिवार के जीवन में नई उम्मीद और आर्थिक मजबूती का संचार किया है।
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पानी में डूबने से मृतक के आश्रित को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत
नीमच, 03 जुलाई 2026 , अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) उपखंड मनासा, सुश्री किरण आंजना द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र भाग-6(4) के प्रावधानों के तहत पानी में डूबने से मृत व्यक्ति के आश्रित को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम थनेड निवासी बापूसिंह पिता हिम्मतसिंह राजपूत की 26 फरवरी 2026 को गांधी सागर डूब क्षेत्र में पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस दुखद घटना के उपरांत मृतक के वैधानिक वारिस हिम्मतसिंह पिता बहादुरसिंह को शासन के नियमानुसार 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
उल्लेखनीय है, कि तहसीलदार रामपुरा द्वारा प्रकरण तैयार कर आवश्यक परीक्षण एवं अनुशंसा के साथ अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मनासा को प्रस्तुत किया गया था, जिसके आधार पर आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई।
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अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाएगा नीमच

