उमड़ा आस्था का सैलाब, 10 वर्ष के नन्हे कावड़ियों ने नंगे पैर तय किए 21 किलोमीटर

भक्तों की जुबानी—“गरोठ की कावड़ यात्रा ने रचा इतिहास”
खडा़वदा निप्र बोल बम कावड़ यात्रा समिति के तत्वावधान में गुप्तेश्वर महादेव मंदिर गरोठ से मलकाना महादेव, खड़ावदा तक निकली 21 किलोमीटर की भव्य कावड़ यात्रा आस्था, उत्साह, सामाजिक समरसता और भाईचारे की अविस्मरणीय मिसाल बन गई। यात्रा में शामिल भक्तों एवं ग्रामीणों ने आयोजन की सफलता का श्रेय बोल बम कावड़ यात्रा समिति के सभी सदस्यों की सामूहिक मेहनत, नपं अध्यक्ष एवं समिति संरक्षक राजेश सेठिया के अथक प्रयासों तथा खड़ावदा वासियों की आत्मीय मेजबानी को दिया।
नन्हे कावड़ियों ने दिखाई अद्भुत आस्था
इस ऐतिहासिक कावड़ यात्रा का एक विशेष और भावुक कर देने वाला आकर्षण नन्हे कावड़िए रहे। यात्रा में करीब 10 वर्ष की उम्र के बच्चों ने भी कंधों पर कावड़ उठाकर पूरे 21 किलोमीटर का सफर नंगे पैर पैदल तय किया। लंबी दूरी भी इन नन्हे शिवभक्तों के कदम नहीं रोक सकी।
भक्तों ने कहा कि यह नन्हे कावड़ियों की अद्भुत श्रद्धा और भोलेनाथ के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है। “जब बच्चों ने कावड़ उठाई तो उनके नन्हे कदमों में भी महादेव की शक्ति दिखाई दी। भोलेनाथ ने ही उन्हें इतनी लंबी यात्रा पूरी करने की शक्ति प्रदान की,” ऐसी भावना यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के बीच देखने को मिली।
नन्हे कावड़ियों को नंगे पैर 21 किलोमीटर चलते देखकर मार्ग में मौजूद ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने भी उनका उत्साह बढ़ाया। बच्चों की श्रद्धा ने पूरे कावड़ यात्रा के वातावरण को भावुक और भक्तिमय बना दिया।
*भक्तों ने सराहा राजेश सेठिया का समर्पण–!*
भक्तों और ग्रामीणों के अनुसार, कावड़ यात्रा को भव्य स्वरूप देने के लिए नपं अध्यक्ष एवं समिति संरक्षक राजेश सेठिया ने कई दिनों तक गरोठ नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क कर लोगों से यात्रा में शामिल होने का आह्वान किया। उनके प्रयासों से बड़ी संख्या में युवा, बच्चे, महिलाएं और पुरुष यात्रा से जुड़े और 21 किलोमीटर तक ‘बोल बम’ तथा ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण शिवमय हो गया।
लोगों को यात्रा से जोड़ने के बाद राजेश सेठिया स्वयं भी कावड़ यात्रा में शामिल हुए, और पूरे 21 किलोमीटर पैदल चले। लंबी पदयात्रा के दौरान उनके पैरों में छाले पड़ गए, लेकिन न कदम रुके, न हौसला टूटा और न महादेव की भक्ति का जोश कम हुआ। दर्द की परवाह किए बिना वे लगातार शिवभक्तों के साथ चलते रहे।
भक्तों ने कहा कि राजेश सेठिया का यह समर्पण देखकर यात्रा में शामिल अन्य श्रद्धालुओं का उत्साह भी बढ़ता रहा।
समिति के हर सदस्य का योगदान बना यात्रा की सफलता की वजह
भक्तों ने कहा कि इस भव्य आयोजन को केवल किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि कहना उचित नहीं होगा। बोल बम कावड़ यात्रा समिति के सभी सदस्यों ने विभिन्न व्यवस्थाओं में अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। श्रद्धालुओं की सुविधा, यात्रा की व्यवस्थाओं, मार्ग में स्वागत, प्रसादी, अनुशासन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में समिति के सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने पूरी निष्ठा से योगदान दिया।
हर कार्यकर्ता की मेहनत और हर सदस्य की जिम्मेदारी ने मिलकर कावड़ यात्रा को भव्य, शानदार और यादगार बनाया।
*सार्वजनिक चंदा नहीं लिया, समिति सदस्यों ने मिलकर उठाया आयोजन का दायित्व*–!
बोल बम कावड़ यात्रा समिति के सदस्य राजेन्द्र श्रोत्रिय ने बताया कि कावड़ यात्रा के आयोजन के लिए किसी भी व्यक्ति से सार्वजनिक रूप से चंदा अथवा सहयोग राशि नहीं ली गई। समिति के सभी सदस्यों ने आपसी सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी के भाव से आयोजन में अपना योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि समिति के सदस्यों ने मिलकर विभिन्न व्यवस्थाओं का दायित्व संभाला और अपने स्तर पर सहभागिता निभाई, जिसके परिणामस्वरूप बिना किसी सार्वजनिक चंदा संग्रह के कावड़ यात्रा को भव्य और शानदार स्वरूप प्रदान किया जा सका।
समिति सदस्यों की इस सामूहिक भावना को भक्तों और ग्रामीणों ने भी सराहा। लोगों का कहना था कि जब आयोजन में व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर सामूहिक सेवा और श्रद्धा का भाव जुड़ता है, तो उसका स्वरूप अपने आप भव्य हो जाता है।
गुप्तेश्वर महादेव मंदिर से सुबह 9 बजे प्रारंभ हुई यात्रा में महादेव की अद्भुत प्रतिमा, भूत-प्रेतों की टोली एवं महादेव के गणों की आकर्षक प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। भजनों की धुन पर गणों एवं कलाकारों के नृत्य ने वातावरण में भक्ति और उत्साह का रंग भर दिया।
यात्रा के मार्ग में विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने शिवभक्तों का आत्मीय स्वागत किया। जगह-जगह खिचड़ी, केला, नमकीन, छाछ, बिस्किट, सेवफल सहित विभिन्न खाद्य सामग्री और प्रसादी की व्यवस्था की गई। हर पड़ाव पर ग्रामीणों का स्नेह और स्वागत यात्रा की भव्यता को और बढ़ाता गया।
*खड़ावदा वासियों ने किया जोरदार भंडारा, दिखाई समरसता की मिसाल*
मलकाना महादेव मंदिर पहुंचने पर खड़ावदा वासियों द्वारा भव्य एवं जोरदार भंडारे का आयोजन किया गया। ग्रामीणों ने पूरे आत्मीय भाव से शिवभक्तों को प्रसादी ग्रहण कराई। भंडारे में उमड़ी सहभागिता ने सामाजिक समरसता, भाईचारे और एकता की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत की।
भक्तों ने कहा कि गरोठ से खड़ावदा तक की यह यात्रा केवल कावड़ यात्रा नहीं रही, बल्कि लोगों को जोड़ने, गांव और नगर को एक सूत्र में पिरोने तथा आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत करने वाला धार्मिक-सामाजिक आयोजन बन गई।
*राजेश सेठिया ने जताया आभार*
कावड़ यात्रा की शानदार सफलता के बाद नपं अध्यक्ष एवं समिति संरक्षक राजेश सेठिया ने सोशल मीडिया के माध्यम से बोल बम कावड़ यात्रा समिति के सभी सदस्यों, कार्यकर्ताओं, शिवभक्तों, ग्रामीणजनों तथा खड़ावदा वासियों का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।
उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग, सहभागिता और आशीर्वाद से ही यह कावड़ यात्रा इतनी भव्य एवं सफल हो सकी।
भक्तों और ग्रामीणों ने कहा कि राजेश सेठिया का कई दिनों तक लोगों से संपर्क करना, उन्हें यात्रा से जोड़ना और फिर स्वयं 21 किलोमीटर पैदल चलकर सहभागी बनना सराहनीय रहा। वहीं समिति के प्रत्येक सदस्य की मेहनत, नन्हे कावड़ियों की अद्भुत श्रद्धा, राजेन्द्र श्रोत्रिय द्वारा बताई गई समिति की सामूहिक सहभागिता और खड़ावदा वासियों की शानदार मेजबानी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बना दिया।



