प्रदेश में पंचायत चुनाव में हो सकता बड़ा बदलाव, महापौर की तर्ज पर होंगे इलेक्शन

प्रदेश में पंचायत चुनाव में हो सकता बड़ा बदलाव, महापौर की तर्ज पर होंगे इलेक्शन
भोपाल। प्रदेश में अगले साल त्रिस्तरीय पंचायतराज संस्थाओं के चुनाव होंगे। जिला और जनपद पंचायत के अध्यक्ष सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं। इसमें प्रलोभन से लेकर दबाव तक कई तरह के आरोप लगते हैं। इसे देखते हुए सरकार नगर निगम के महापौर, नगर पालिका और परिषद के अध्यक्ष के चुनाव की तरह प्रत्यक्ष प्रणाली यानी सीधे जनता से चुनाव कराने की तैयारी है। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अन्य राज्यों के प्रविधानों का अध्ययन करा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग से कहा गया है कि वह इसे लेकर अपने स्तर पर भी तैयारी करे।
राजनीतिक दलों का पूरा दखल
प्रदेश में भले ही ये चुनाव गैरदलीय आधार पर होते हैं लेकिन इसमें राजनीतिक दलों का पूरा दखल रहता है। जिस दल की सदस्य संख्या अधिक होती है, उसका समर्थित व्यक्ति अध्यक्ष बन जाता है। जिन निकायों में एक दल के समर्थकों का बहुमत नहीं होता है, वहां सदस्यों को प्रलोभन दिए जाने के साथ धमकाने की शिकायतें भी सामने आती हैं।
अन्य राज्यों के प्रविधानों का अध्ययन
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर पंचायतराज संचालनालय अन्य राज्यों के प्रविधानों की जानकारी मंगाकर उसका अध्ययन करा रहा है। दरअसल, सरकार नगर पालिका अधिनियम में संशोधन करके नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव सीधे मतदाताओं से कराने का प्रविधान लागू कर चुकी है।
कब होंगे चुनाव
प्रदेश में 2027 में एक साथ नगरीय निकाय और पंचायतराज संस्थाओं के चुनाव प्रस्तावित हैं। यदि नगरीय निकायों की तरह पंचायतों में भी अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराया जाना है तो फिर अधिनियम में जल्द संशोधन करना होगा ताकि राज्य निर्वाचन आयोग इसके हिसाब से व्यवस्था लागू कर सके। आयोग को भी अपने नियमों में परिवर्तन करना होगा।



