भोपालमध्यप्रदेश

बच्चों को लगाया गले, बेटी के सिर पर रखा हाथ, इस तरह क्रूज हादसे के पीड़ितों को सीएम डॉ. यादव ने बंधाया ढांढस

बच्चों को लगाया गले, बेटी के सिर पर रखा हाथ, इस तरह क्रूज हादसे के पीड़ितों को सीएम डॉ. यादव ने बंधाया ढांढस

  • – बरगी डैम हादसे में मृत लोगों परिजनों से मिलने जबलपुर पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव
  • – संकट की इस घड़ी में सरकार परिवारों के साथ
  • – किसी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे घटना के दोषी
  • – एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए बनेगी एसओपी

भोपाल/जबलपुर। एक तरफ बेटे-बेटियां आंसू नहीं रोक सके, तो दूसरी तरफ मध्यप्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव भी भावुक हो गए। माहौल इतना गमगीन था कि बस भावनाएं बोल रही थीं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहीं बच्चों को गले लगाया, तो कहीं बेटी के सिर पर हाथ रखकर सांत्वना दी। दरअसल, सीएम डॉ. यादव बरगी क्रूज हादसे में पीड़ित परिवारों से मिलने 1 मई को जबलपुर पहुंचे। यहां उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ है। कोई भी परिवार खुद को अकेला न समझे। इस दौरान उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी उनके साथ थे। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने कहा कि इस हादसे के दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। उच्च स्तरीय समिति इसकी जांच करेगी। भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए एसओपी बनाई जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोतवाली से दरहाई मार्ग पहुंचे। यहां उन्होंने हादसे में मृत नीतू सोनी के निवास पहुंचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्हें देखकर परिवार की बेटी अपने आंसू नहीं रोक सकी। ये देख प्रदेश के मुखिया डॉ. यादव ने उसके सिर पर हाथ रखा और ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवारजनों को सांत्वना दी। इस बीच उन्होंने दो छोटे बच्चों को भी गले लगाकर दुख बांटा। इसके बाद सीएम डॉ. यादव रियाज हुसैन के घर पहुंचे। रियाज क्रूज हादसे में बाल-बाल बच गए थे।

28 लोगों की बचाई जान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि मां नर्मदा के स्थान पर दुखद हादसा हुआ है। इस हादसे में 9 लोगों के शव मिले हैं। 28 लोगों को बचाया जा चुका है। इस घटना से पूरा प्रदेश स्तब्ध है। घटना वाले स्थल के पास ही जल जीवन मिशन का काम चल रहा था। इसलिए इस काम में लगी हुई टीम भी लोगों की मदद करने पहुंची। प्रशासन को सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ टीमों के साथ-साथ लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी को घटना स्थल पर भेजा था। उन्होंने कहा कि यहां के सांसद आशीष और विधायक नीरज भी स्थानीय जन प्रतिनिधियों के साथ कल रात से अभी तक यहां हैं। मेरे साथ प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा भी यहां आए हैं।

परिवारों ने बांटा दर्द

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आर्मी के भी कुशल गोताखोरों ने भी राहत-बचाव का काम किया। दुर्घटना में रियाज हुसैन तो चार-पांच घंटे क्रूज में फंसे रहे। मैं उनसे और पीड़ित परिवारों से मिलकर आया हूं। रियाज ने बताया कि मैं मानकर चल रहा था कि मैं नहीं बचूंगा। इस दुर्घटना में आसपास के जिन लोगों ने दूसरों की जान बचाई उन्हें मैं 51-51 हजार रुपये देने की घोषणा करता हूं। हमारी सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2-2 लाख आर्थिक सहायता की घोषणा की है।

एडवेंचर टूरिज्म के लिए बनेगी एसओपी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम इस घटना की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच समिति बना रहे हैं। समिति में होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा के महानिदेशक, सचिव मध्यप्रदेश शासन, जबलपुर संभाग के आयुक्त होंगे। यह समिति तीन बिंदुओं पर जांच करेगी। इन बिंदुओं में पहला बिंदु दुर्घटना के कारणों की शुरुआत से जांच करना, दूसरा बिंदु परिस्थितियों को प्रतिपादित करना, तीसरा बिंदु दुर्घटना के वक्त प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं हुआ, शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार नौका पर्यटन, क्रूज पर्यटन, एडवेंचर स्पोर्ट्स सहित सभी तरह की गतिविधियों के लिए एसओपी तैयार करेंगे। ताकि, भविष्य में ऐसी दुर्घटना न हो। जांच रिपोर्ट में जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। हम सभी को मौसम विभाग की सूचनाओं को गंभीरता के साथ अमल में लाना चाहिए।

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