MP के भाजपा नेता की दर्दनाक मौत: मुंबई जा रही ट्रेन के गेट से गिरे गरोठ के युवा उपाध्यक्ष, शरीर के हुए टुकड़े-टुकड़े

क्षेत्रीय राजनीति में दशरथ सिंह का कद तेजी से बढ़ रहा था: भाजपा का उभरता हुआ युवा चेहरा
सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक चंदर सिंह सिसौदिया से कई नेताओं का चेहता था मृतक दशरथ सिंह, हर किसी की आँखे नम…
मंदसौर/गरोठ: मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के गरोठ विधानसभा क्षेत्र से एक अत्यंत हृदय विदारक खबर सामने आई है। भाजपा युवा मोर्चा के मंडल उपाध्यक्ष दशरथ सिंह राठौड़ की गुजरात में एक भीषण ट्रेन हादसे में मौत हो गई। वे ट्रेन के दरवाजे के पास से गुजरते समय अपना संतुलन खो बैठे और सीधे चलती ट्रेन से नीचे जा गिरे।
क्या था पूरा मामला:
मिली जानकारी के अनुसार, दशरथ सिंह राठौड़ ट्रेन से मुंबई की यात्रा कर रहे थे। बताया जा रहा है कि बुधवार रात को वे अपनी सीट से उठकर बाथरूम की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ट्रेन के दरवाजे के पास से गुजरते वक्त उनका पैर फिसला या संतुलन बिगड़ा, जिससे वे नीचे गिर गए। ट्रेन में सवार कुछ यात्रियों ने उन्हें गिरते हुए देख लिया और तुरंत शोर मचाया। इसके बाद चेन खींचकर ट्रेन को रोका गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ट्रेन के नीचे आने से उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
भाजपा का उभरता हुआ युवा चेहरा:
दशरथ सिंह राठौड़ मंदसौर जिले की गरोठ तहसील के पिपलिया राठौड़ गांव के निवासी थे। वे भारतीय जनता पार्टी के एक अत्यंत कर्मठ और जुझारू कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बना चुके थे। पार्टी में वे मंडल उपाध्यक्ष और युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सक्रिय थे। उनके असामयिक निधन से पूरे गरोठ क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
नेताओं के थे चहेते, राजनीति में थी बड़ी उम्मीदें:-
क्षेत्रीय राजनीति में दशरथ सिंह का कद तेजी से बढ़ रहा था। वे सांसद सुधीर गुप्ता और विधायक चंदर सिंह सिसौदिया जैसे बड़े नेताओं के काफी करीबी माने जाते थे। स्थानीय लोग बताते हैं कि उनमें गरोठ विधानसभा क्षेत्र का एक बड़ा और प्रभावशाली नेता बनने की ललक थी, लेकिन विधाता ने उनकी जीवनलीला असमय ही समाप्त कर दी।
सोशल मीडिया पर उमड़ा शोक:-
दशरथ सिंह राठौड़ के निधन की खबर सुनते ही उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में मातम पसर गया। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर कोई ईश्वर से प्रार्थना कर रहा है कि वे इस दुखद घड़ी में परिवार को संबल प्रदान करें।


