ग्राम साठखेड़ा में नियम के विरुद्ध बेचे गए धराशायी पेड़, एसडीएम से की शिकायत

ग्राम साठखेड़ा में नियम के विरुद्ध बेचे गए धराशायी पेड़, एसडीएम से की शिकायत
गरोठ। तहसील के ग्राम साठखेडा में हाल ही में आई भीषण आंधी के कारण गिरे पेड़ों की लकड़ियों को नियम विरुद्ध तरीके से बेचने का मामला सामने आया है। इस संबंध में ग्रामवासियों ने एसडीएम गरोठ और तहसीलदार एवं जनपद पंचायत सीईओ गरोठ को एक शिकायती पत्र सौंपकर उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, पिछले दिनों आई तेज आंधी के कारण गांव की राजस्व भूमि पर लगे बबूल, नौम और इमली जैसे कई विशाल पेड़ उखडकर गिर गए थे। जिनको लेकर ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत ने इन पेडों की नीलामी में नियमों को ताक पर रख दिया। पंचायत ने बिना किसी सार्वजनिक विज्ञप्ति (टेंडर) के और विना वार्ड पंचों को विसास में लिए निजी तौर पर इन पेद्रों की लकडियों को बेच दिया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आम जनता को किसी भी तरह की सूचना नहीं दी गई। ग्रामीणों का दावा है कि लकडियों को उनके वास्तविक बाजार मूल्य से काफी कम पानी ‘औने-पौने दामों पर बेचकर राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया है।
शिकायती पत्र के माध्यम से ग्रामवासी विनोद विश्वकर्मा एवं समस्त ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने मांग की है कि नियम विरुद्ध लकड़ी बेचने वाले दोषी कर्मचारियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए और बेची गई।लकड़ी को पुनः जब्त कर पारदर्शी तरीके से नीलाम किया जाए। पंचायत ने बिना किसी सूचना के सरकारी संपत्ति को निजी लाभ के लिए बेच दिया है। हम चाहते हैं कि इसकी निष्पक्ष जांच हो और सरकारी संपत्ति का सही मूल्य राजकोष में जमा होना चाहिए।
इस मामले में पंचायत सचिव सुरेश गुर्जर ने बताया कि विगत दिनों हुई आंधी बारिश पेड़ गिर गए थे। जिन्हें बिना किसी सूचना के काटे जाने वालो के नाम सामने आए उन्हें सूचना पत्र जारी किया है। पंचायत ने कोई नीलामी नहीं की है।
============



