भाई को मुखाग्नि देकर छोटी बहन पूर्वा ने पहनी पगड़ी, क्षत्राणियों ने तोड़ी रूढ़िवादी परंपरा
विरोध के बाद भी महिलाओं ने निभाई रस्म, कहा- अहिल्याबाई और लक्ष्मीबाई ने भी चलाया था शासन

डॉ. बबलू चौधरी
रतलाम के शक्तिनगर में सामाजिक समानता की मिसाल पेश हुई। यहां एक बहन ने भाई का अंतिम संस्कार कर पगड़ी की रस्म निभाई। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की क्षत्राणियों ने आगे बढ़कर यह पहल की।
*भाई के निधन पर बहन बनी वारिस*
विजय सिंह तंवर एवं महासभा की कार्यवाहक अध्यक्ष किरण तंवर के पुत्र कुंवर कुणाल सिंह तंवर के आकस्मिक निधन के बाद छोटी बहन सुश्री पूर्वा तंवर ने भाई को मुखाग्नि दी। इसके बाद पगड़ी रस्म में क्षत्राणियों ने पूर्वा को ही पगड़ी बंधवाई।
*विरोध को दरकिनार कर निभाई परंपरा*
समाज के कुछ पदाधिकारियों के विरोध के बावजूद क्षत्राणियों ने यह कदम उठाया। मीनाक्षी राठौर, संतोष गोड़ और राजश्री राठौर ने कहा कि जब महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं तो पगड़ी की रस्म क्यों नहीं निभा सकतीं।
*“गौरवशाली परंपरा का पुनर्जागरण”*
उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर और रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीरांगनाओं ने शासन संभाला है। ऐसे में बेटी को पगड़ी बंधवाना कोई नई बात नहीं, बल्कि गौरवशाली परंपरा का पुनर्जागरण है। भविष्य में महिलाओं के साथ असहयोग हुआ तो क्षत्राणियां हर मोर्चे पर नेतृत्व करेंगी।
कार्यक्रम में यामिनी चौहान, शीतल गेहलोद, पूजा पंवार, पूर्णिमा चौहान, सुमन राठौर, पूर्णिमा राठौर, वर्षा सिंह, श्वेता हाड़ा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।



