6 माह से पत्र लिखें लेकिन गरोठ हॉस्पिटल का लेखापाल बीएमओ को 26 लाख का हिसाब नहीं दे रहा

6 माह से पत्र लिखें लेकिन गरोठ हॉस्पिटल का लेखापाल बीएमओ को 26 लाख का हिसाब नहीं दे रहा
गरोठ। शासकीय अस्पताल में 26 लाख रुपए की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। अस्पताल प्रभारी व प्रभारी बीएमओ डॉ. दरबार सिंह चौहान ने लेखपाल पर रोगी कल्याण समिति का पुराना हिसाब नहीं देने के आरोप लगाए हैं।उनका कहना है कि 6 माह से लगातार पत्र लिखे जा रहे हैं लेकिन अब तक न तो हिसाब दिया और न ही कोई संतोषजनक जवाब मिला। मामले की शिकायत सीएमएचओ को भी की जा चुकी है, बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अब डॉ. चौहान लोकायुक्त में शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार गरोठ रोगी कल्याण समिति के पास जिले में सबसे अधिक फंड है, बावजूद वर्ष 2019 के बाद से समिति का ऑडिट नहीं हुआ है। लंबे समय से फंड के दुरुपयोग के आरोप लगते रहे हैं लेकिन अब तक किसी स्तर पर जांच नहीं हुई।अस्पताल में कई बार प्रभारी बदले लेकिन किसी को भी पूरा हिसाब नहीं दिया और न ही नियमित ऑडिट कराया गया।डॉ. चौहान ने बताया कि उन्होंने 16 सितंबर 2025 को पदभार ग्रहण किया था। तब से वे लगातार लेखपाल से हिसाब मांग रहे हैं। 6 माह में 15 पत्र लिखे लेकिन लेखपाल ने न तो हिसाब दिया और न कोई जवाब दिया। हर बार ऑडिट कि बात कहकर टालमटोल किया जा रहा है। ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी ने जिला मुख्य चिकित्साधिकारी को शिकायत कि जिसमें लेखपाल ने उनका नाम लेकर आत्महत्या की बात कही जिसकी थाने में भी लिखित शिकायत दी है। अब लोकायुक्त को भी पत्र लिखा जा रहा है ताकि पूरे मामले की जांच हो सके। बताया जा रहा है कि लेखपाल सुदीप्त चक्रवर्ती अगस्त में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में जांच में देरी होने पर राशि की रिकवरी मुश्किल हो सकती है। मामले में सीएमएचओ और लेखापाल से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं किया।



