रतलामजावरा

भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया गया भगवान ऋषभदेव जन्म व दीक्षा कल्याणक महोत्सव

 

महारथ यात्रा, धर्मसभा, ध्वजा चढ़ाई और भक्ति संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल

जावरा। प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव केवल जैन धर्म ही नहीं बल्कि सभी धर्मों में पूजनीय हैं। अथर्ववेद में भी भगवान ऋषभदेव को सभी पापों से मुक्त तथा अहिंसक प्राणियों के प्रथम राजा के रूप में उल्लेखित किया गया है। श्रीमद्भागवत के पंचम अध्याय में भगवान ऋषभदेव की भक्ति भाव से स्तुति की गई है। वे पूरे विश्व के शासनकर्ता और मानव सभ्यता के आदि गुरु माने जाते हैं।

उक्त विचार अखिल भारतीय श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक युवक महासंघ मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने ऋषभदेव जन्म एवं दीक्षा कल्याणक महोत्सव के अवसर पर आयोजित धर्मसभा में व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक युवक महासंघ के इंटरनेशनल चेयरमैन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड, भारत सरकार के चेयरमैन सुनील सिंघी (अहमदाबाद) के मार्गदर्शन में पूरे देश के साथ-साथ प्रदेश में भी सकल जैन संघ के सहयोग से युवक महासंघ की 108 से अधिक इकाइयों में भगवान ऋषभदेव जन्म एवं दीक्षा कल्याणक महोत्सव भव्य रूप से मनाया गया।

धर्मसभा में यश डांगी ने भी भगवान ऋषभदेव के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अड़सठ तीर्थों की वंदना से जितना पुण्य मिलता है, उतना ही पुण्य एक बार भक्ति भाव से आदिनाथ दादा की स्तुति करने से प्राप्त होता है। शिव पुराण में भी उल्लेख है कि भगवान ऋषभदेव के प्रथम पुत्र चक्रवर्ती सम्राट राजा भरत के नाम पर ही हमारे देश का नाम भारत पड़ा। भगवान ऋषभदेव अयोध्या के प्रथम राजा और मानवता को मार्ग दिखाने वाले आदि गुरु थे।

धर्मसभा के पूर्व समकित परिवार के सहयोग से महारथ यात्रा पिपली बाजार स्थित जैन मंदिर से प्रारंभ हुई। यात्रा में आगे भगवान की वेदीजी निकाली गई जिसकी गवली हो रही थी, वहीं भगवान केसरियानाथ की ध्वजा लिए कार्यकर्ता चल रहे थे। महिला मंडल की बहनें नृत्य-भक्ति और डांडिया के साथ यात्रा में शामिल हुईं।

धर्मसभा के पश्चात श्री राजेंद्र ट्रस्ट पेढ़ी द्वारा भगवान केसरियानाथ जी की ध्वजा चढ़ाई गई। जिसका लाभ सुरेन्द्र कुमार जी अमित कुमारजी पोखरना परिवार द्वारा लिया गया दोपहर में दादा आदिनाथ भगवान की पूजा का आयोजन लाभार्थी विनोद कुमार-बसंतीलाल मेहता परिवार द्वारा किया गया। वहीं संध्या समय दादा आदिनाथ भगवान की महाआरती एवं भक्ति संध्या का आयोजन श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ भक्त मंडल के सहयोग से सम्पन्न हुआ।

महारथ यात्रा में आजाद ढढा, अनिल पोखरना, प्रकाश चोरड़िया, अजीत चतर, नगर पालिका उपाध्यक्ष सुशील कोचटा अशोक लुक्कड़, अशोक सुराणा अंबिका डॉ. महावीर पावेचा, पुखराज चत्तर, कनक मल चोरड़िया संजय दासोत राजेश लोढ़ा सुरेश चोरड़िया, नगीन सकलेचा, फतेलाल जैन, संदीप श्रीमाल, शेखर नाहर, अभय कोठारी, महावीर जैन, सुखेड़ा वाला, सुशील सघवी, अशोक झामर विनोद मेहता, यश जैन राजेश बरमेचा, सुमित दसेड़ा संजय मेहता, राजकुमार हरण, अशोक चोपड़ा, धर्मेंद्र तातेड, विमल सिसोदिया, दिनेश दसेड़ा, विजय दसेड़ा, राजकुमार मारवाड़ी मनोज मेहता धर्मेंद्र कोलन, अभिषेक बोरदिया, बछराज चोरड़िया, शिखर धाड़ीवाल, संदीप दसेड़ा, विजय लोढ़ा, संजय डांगी, अंशुल मूणत अनुराग संघवी, दीपक तातेड, अरविंद जैन, रियामन वाला एवं उमेश मांडोत प्रदीप सेठिया अनिल चपड़ोद अनिल श्रीमाल वीरेंद्र सेठिया ललित पगारिया राजेंद्र बोहरा विमल मेहता सुरेश मेहता कालूखेड़ा वाला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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