
सांसदों को पार्टी लाइन से हटकर वोट करने की आज़ादी देने का विधेयक लोकसभा में पेश
लोकसभा में आज कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने एक निजी सदस्य विधेयक पेश किया, जिसमें सांसदों को केवल सरकार की स्थिरता से जुड़े मामलों — जैसे विश्वास/अविश्वास प्रस्ताव, बजट तथा मनी-बिल — को छोड़कर अन्य सभी विधेयकों व प्रस्तावों पर पार्टी “व्हिप” के बंधन से मुक्त कर, स्वतंत्र रूप से मतदान करने की व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है। तिवारी ने कहा कि एक निर्वाचित प्रतिनिधि का प्राथमिक दायित्व अपने निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं के प्रति होता है, इसलिए उसे विवेक और क्षेत्रीय हित के आधार पर निर्णय लेने का अधिकार मिलना चाहिए।
विधेयक में 10वीं अनुसूची में संशोधन का अनुरोध भी शामिल है और सदस्यता समाप्ति से संबंधित अपील प्रक्रिया की समय-सीमा (अपील 15 दिन में; अध्यक्ष/सभापति 60 दिन में निर्णय) जैसी व्यवस्थाएँ बताई गई हैं। यह वही प्रस्ताव है जिसे तिवारी ने पहले 2010 व 2021 में भी लोकसभा में पेश कर चुके हैं। फिलहाल यह निजी सदस्य विधेयक है और कानून बनने के लिए दोनों सदनों में पारित होना आवश्यक होगा।



