पालसोड़ा में संत गुरु रविदास जी की समरसता रथ यात्रा का भव्य स्वागत; विधायक दिलीप सिंह परिहार ने कहा—”संत रविदास जी के विचार राष्ट्रीय एकता का आधार”

पालसोड़ा में संत गुरु रविदास जी की समरसता रथ यात्रा का भव्य स्वागत; विधायक दिलीप सिंह परिहार ने कहा—”संत रविदास जी के विचार राष्ट्रीय एकता का आधार”
पालसोड़ा (नीमच)। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जन्म जयंती के पावन अवसर पर सामाजिक समरसता, सद्भाव और समानता का संदेश जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से निकाली जा रही संत श्री गुरु रविदास जी महाराज समरसता संकल्प कलश वंदन रथ यात्रा का ग्राम पालसोड़ा पहुँचने पर जोरदार अभिनंदन किया गया।
शनिवार रात्रि 10:00 बजे यात्रा के पालसोड़ा बस स्टैंड स्थित बालाजी मंदिर आगमन पर क्षेत्र के विधायक दिलीप सिंह परिहार की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर रथ एवं पवित्र रज कलश का वंदन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर संत रविदास जी के विचारों और भाईचारे के संदेश को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
समानता और सौहार्द का मार्ग दिखाया:
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि संत रविदास जी महाराज ने समाज को जाति-पाति से ऊपर उठकर समानता और सद्भाव का मार्ग दिखाया है। उनका जीवन और संदेश सामाजिक सौहार्द तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की महान प्रेरणा देता है। उनके सिद्धांतों को आत्मसात कर समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ना ही संत रविदास जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति:
कार्यक्रम के दौरान मंचासीन अतिथियों में यात्रा प्रभारी निलेश पाटीदार, मंडल अध्यक्ष किशोर दास बैरागी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह सिसोदिया, मेहर सिंह जाट, भाजपा महिला नेत्री किरण शर्मा, हेमलता धाकड़ एवं जगदीश परमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इसके साथ ही सरपंच प्रतिनिधि रामनारायण जाट, सचिव महेश शर्मा, उप सरपंच शांतिलाल पाटीदार, प्रस्फुटन समिति अध्यक्ष समरथ सेन, सचिन सत्यनारायण राठौर ,राधेश्याम जाट, प्रभु लाल धनगर, अर्जुन जाट, प्रभु लाल त्रिवेदी, सत्यनारायण सेन, नंदकिशोर पोरवाल और मदन पाटीदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।
कार्यक्रम का सफल संचालन सत्यनारायण राठौर ने किया तथा अंत में आभार प्रदर्शन रामनारायण ‘गुड्डू’ जाट द्वारा व्यक्त किया गया।

