त्योहारी सीजन से पहले शक्कर के दामों पर सरकार बाजार में बढ़ाए हस्तक्षेप, आज फिर 2 किलो तेज हुई शक्कर

थोक बाजार मे 60 से 62 रूपये हुई
भोपाल। शक्कर में तेजी का माहौल बना हुआ है, 19 अगस्त को भी शक्कर 2 रुपए किलो तेज हुई।
भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने कहा कि शक्कर के लगातार बढ़ते दामों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार को बाजार में तत्काल हस्तक्षेप कर आपूर्ति और उपलब्ध स्टॉक की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। घरेलू बाजार में पर्याप्त शक्कर उपलब्ध कराने के साथ आवश्यकता पड़ने पर चीनी के आयात शुल्क में अस्थायी राहत देकर आयात की अनुमति देने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
एथेनॉल नीति की भी हो समीक्षा
विवेक साहू ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने और चीनी के उपयोग से घरेलू बाजार में शक्कर की उपलब्धता प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार एथेनॉल नीति की भी व्यावहारिक समीक्षा कर सकती है। साथ ही चीनी मिलों और बड़े स्टॉकधारकों के पास उपलब्ध स्टॉक की नियमित निगरानी होनी चाहिए, ताकि बाजार में कृत्रिम कमी की स्थिति पैदा न हो।
त्योहारी सीजन में बढ़ेगी मांग
उन्होंने कहा कि आगामी त्योहारी सीजन में मिठाई, नमकीन, बेकरी और अन्य खाद्य कारोबार में शक्कर की मांग तेजी से बढ़ने वाली है। ऐसे समय में यदि बाजार में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध नहीं रहा तो कीमतों पर और दबाव बन सकता है। इसलिए सरकार को त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ही पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए और अधिक स्टॉक जारी करना चाहिए।
जमाखोरी पर सख्ती जरूरी
विवेक साहू ने कहा कि शक्कर की कीमतों में अनावश्यक तेजी रोकने के लिए जमाखोरी, कालाबाजारी और कृत्रिम कमी पैदा करने वालों पर भी प्रभावी निगरानी जरूरी है। व्यापारियों के पास पर्याप्त स्टॉक रहेगा और बाजार में नियमित आपूर्ति बनी रहेगी तो अचानक होने वाली तेजी पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
उपभोक्ता और किसान दोनों के हित में हो नीति
उन्होंने कहा कि सरकार की नीति ऐसी होनी चाहिए जिससे किसानों को गन्ने का उचित मूल्य मिले, चीनी मिलों का कारोबार भी प्रभावित न हो और आम उपभोक्ता को भी शक्कर उचित कीमत पर उपलब्ध हो। शक्कर रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु है, इसलिए इसके भाव में अचानक होने वाली तेज बढ़ोतरी का सीधा असर आम परिवार की रसोई के बजट पर पड़ता है। सरकार यदि समय रहते आपूर्ति बढ़ाने और बाजार में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के प्रयास करती है तो आगामी त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।



