बिना निमंत्रण कहीं भी नहीं जाना चाहिए – पं. श्री कृष्ण वल्लभ शास्त्री

बिना निमंत्रण कहीं भी नहीं जाना चाहिए – पं. श्री कृष्ण वल्लभ शास्त्री
मंदसौर। श्री विश्व मंगल बालाजी एवं आयोजन समिति द्वारा पद्मावती रिसोर्ट के सामने स्थित श्री विश्व मंगल बालाजी मंदिरए नानेश नगरए इंदिरा कॉलोनी में भागवत विचार संस्थान के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के द्वितीय दिवस का आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ।
कथा व्यास मालवा स्वामी भागवत भूषणाचार्य पंडित श्री कृष्ण वल्लभ शास्त्री ने कथा के दौरान सती प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के दर्शन के बाद भी माता सती के मन में अशांति रही। उन्होंने भगवान भोलेनाथ की परीक्षा लेने के लिए माता सीता का रूप धारण कियाए लेकिन भगवान शिव सब कुछ समझ गए।
पंडित श्री शास्त्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि एक झूठ को छुपाने के लिए कई झूठ बोलने पड़ते हैंए लेकिन सत्य कभी नहीं छिप सकता। उन्होंने बताया कि माता सती की भूल के बाद भगवान भोलेनाथ ने उन्हें माता के समान मानकर सम्मान दिया और ध्यान लगाया। कथा में दक्ष प्रजापति और भगवान शिव के प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि राजा दक्ष ने भगवान शिव का अपमान किया और उन्हें यज्ञ में आमंत्रित नहीं किया। उन्होंने कहा कि कहीं भी जाना हो तो बिना निमंत्रण के नहीं जाना चाहिए। पिता के घर भी बिना बुलाए जाना उचित नहीं होता।
उन्होंने बताया कि माता सती जब बिना निमंत्रण के अपने पिता दक्ष के यज्ञ में पहुंचीं तो वहां भगवान शिव का अपमान देखकर अत्यंत दुखी हुईं और उन्होंने अग्नि में अपने शरीर का त्याग कर दिया। माता सती के वियोग में भगवान शिव क्रोधित हुए और उन्होंने वीरभद्र को भेजकर दक्ष के यज्ञ का विध्वंस कराया। इसके बाद सभी देवताओं ने भगवान शिव से क्षमा मांगी और कहा कि संसार में भगवान शिव के बिना कोई भी पूजा पूर्ण नहीं होती। भगवान भोलेनाथ ने सभी को क्षमा कर राजा दक्ष के यज्ञ को पुनः पूर्ण करवाया।
पंडित श्री कृष्ण वल्लभ शास्त्री ने बताया कि माता सती ने शरीर त्यागने से पूर्व संकल्प लिया था कि अगले जन्म में भी भगवान शिव ही उनके पति हों। इसी संकल्प के अनुसार उन्होंने माता पार्वती के रूप में पुनर्जन्म लिया। उन्होंने बताया कि कथा के तृतीय दिवस में भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रसंग सुनाया जाएगा।
कथा के समापन पर हरे रामा रामा रामए सीता राम सीता रामए जय राम श्री राम जय जय जय रामष् भजन के साथ श्रद्धालु भक्त भाव.विभोर हो गए।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि पवित्र श्रावण मास के अवसर पर श्री विश्व मंगल बालाजी की कृपा से नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक कथा का आयोजन हो रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से परिवार एवं मित्रों सहित अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया।



