प्राइवेट पार्ट बेचकर 1.20 करोड़ कमाने के झूठे दावे वाली रील के चक्कर में 16 साल के किशोर की हत्या

2 बालिग और 3 नाबालिग हिरासत में, झूठी रील देखकर लालच में की वारदात, पुलिस ने किया ब्लाइंड मर्डर का खुलासा
भोपाल। राजधानी में 11 दिन पुराने एक ब्लाइंड मर्डर केस का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। छोटे तालाब इलाके के धोबीघाट पर मिले 16 वर्षीय किशोर की हत्या सोशल मीडिया की एक फर्जी रील के लालच में की गई थी। आरोपियों को लगा था कि किशोर के अंग बेचकर उन्हें 1.20 करोड़ रुपए मिल जाएंगे। इस मामले में पुलिस ने 2 बालिग और 3 नाबालिग को हिरासत में लिया है।
क्या था पूरा मामला
6 अगस्त को रेहान नाम के 16 साल के किशोर की हत्या कर दी गई थी। उसका शव 10 अगस्त को प्रेम मंदिर के पास धोबीघाट पर मिला था। शव की हालत खराब होने के कारण पहचान नहीं हो पा रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि पेट और पैर पर गहरे घाव के निशान थे। एक अंग गायब था। 15 अगस्त को मृतक की मां रानी शाह ने हाथ पर बने ‘एसके-शंकर’ टैटू से शव की पहचान अपने बेटे रेहान के रूप में की। रेहान पेन और चाबी के छल्ले बेचकर घर चलाता था।
रील देखकर आए लालच में की हत्या
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी सोशल मीडिया पर एक रील देखकर भ्रमित हो गए थे। उस रील में दावा किया गया था कि किसी खास अंग को बेचकर करोड़ों रुपए कमाए जा सकते हैं। करीब 1 महीने पहले खुद को मेडिकल का छात्र बताने वाले एक आरोपी ने 3 नाबालिगों को एक विदेशी रील दिखाई थी। उसमें कहा गया था कि इस तरह के अंग बेचने पर मोटी रकम मिलती है। इसी झांसे में आकर आरोपियों ने रेहान को निशाना बनाया। 6 अगस्त को आरोपियों ने रेहान को लालच देकर अपने साथ ले गए। इसके बाद उसकी हत्या कर दी और शव को धोबीघाट के पास फेंक दिया।
2 बालिग गिरफ्तार, 3 नाबालिग हिरासत में
इस केस में पुलिस ने 18 वर्षीय आमिर कुरैशी और 20 वर्षीय जोहेब खान को गिरफ्तार किया है। वहीं घटना में शामिल 3 नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उनसे आगे की पूछताछ जारी है।
डॉक्टर बोले- सोशल मीडिया के दावे पूरी तरह गलत
इस मामले में भ्रामक रील वायरल होने के बाद विशेषज्ञों ने भी सफाई दी है। भोपाल के एक बड़े अस्पताल के यूरोलॉजी और ट्रांसप्लांट विभाग के डॉक्टर ने बताया कि मानव शरीर के किसी भी अंग की करोड़ों में बिक्री का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। डॉक्टर के अनुसार इस तरह के अंगों की कोई सामान्य मेडिकल मार्केट नहीं होती और सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दावे पूरी तरह भ्रामक और खतरनाक हैं।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर ऐसी कोई भी भ्रामक जानकारी या रील देखकर उस पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे फॉरवर्ड करें। इस तरह की अफवाहों से युवाओं को गुमराह किया जा रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि इंटरनेट पर फैलने वाली झूठी खबरों की जांच किए बिना शेयर करना भी अपराध की श्रेणी में आ सकता है। फिलहाल पुलिस मामले में और लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।


