शिकायतों की निष्पक्ष जांच हुई तो सामने आ सकती है पूरी हकीकत, कलेक्टर से जांच की मांग
मल्हारगढ़। जनपद पंचायत में पदस्थ इंजीनियर सरदार (पाजी) पर गंभीर आरोप, निर्माण कार्यों और गोशाला के बिलों की जांच की उठी मांग।
शिकायतों की निष्पक्ष जांच हुई तो सामने आ सकती है पूरी हकीकत, कलेक्टर से जांच की मांग
मल्हारगढ़। मल्हारगढ़ जनपद पंचायत में पदस्थ एक इंजीनियर की कार्यप्रणाली को लेकर इन दिनों सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर इंजीनियर सरदार पर निर्माण कार्यों में अनियमितता और पंचायत में लगाए गए बिलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
बताया जा रहा है कि संबंधित इंजीनियर की देखरेख में करवाए गए विभिन्न निर्माण कार्यों की यदि तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। आरोप है कि निर्माण कार्यों में स्वीकृत राशि, मौके पर हुए कार्य तथा पंचायत में प्रस्तुत किए गए बिलों का मिलान किया जाना आवश्यक है।
गशाला निर्माण को लेकर भी उठे सवाल
सबसे गंभीर आरोप गोशाला से जुड़े निर्माण कार्यों को लेकर लगाए जा रहे हैं। आरोप लगाने वालों का कहना है कि गोशाला के नाम पर लाखों रुपये के कार्य एवं भुगतान किए गए हैं, जिनकी मौके पर जांच के साथ-साथ दस्तावेजों और बिल-वाउचर की जांच होना जरूरी है। यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए!
कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
मामले में मंदसौर कलेक्टर से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मांग की गई है कि संबंधित पंचायतों में हुए निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन, तकनीकी परीक्षण, स्वीकृत राशि, माप पुस्तिका, बिल-वाउचर और भुगतान रिकॉर्ड की जांच कराई जाए।
अब देखना होगा कि प्रशासन इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या संबंधित निर्माण कार्यों एवं गोशाला के खर्च की जांच की जाए!



