समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 11 अगस्त 2026 मंगलवार

ग्राम पंचायत भदवासा के सचिव तत्काल प्रभाव से निलंबित
रतलाम : सोमवार, अगस्त 10, 2026,
सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन ने ग्राम पंचायत भदवासा के सचिव श्री कोमलसिंह पंवार को वित्तीय अनियमितताओं के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ग्राम पंचायत में प्राप्त शिकायतों की जांच के दौरान विभिन्न भुगतान एवं बिलों से संबंधित अनियमितताएं प्रथम दृष्टया सही पाई गईं, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर ग्राम पंचायत भदवासा की सरपंच श्रीमती अनीता मकवाना एवं उपसरपंच श्री रमेश मालवीय को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 40 के अंतर्गत कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। दोनों से निर्धारित समयावधि में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, ग्राम पंचायत सचिव श्री कोमलसिंह पंवार द्वारा प्रस्तुत जवाब का परीक्षण किए जाने पर वह समाधानकारक नहीं पाया गया। इसके फलस्वरूप सीईओ जिला पंचायत द्वारा उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पंचायत स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं, शासकीय राशि के दुरुपयोग तथा नियमों के उल्लंघन के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त एवं त्वरित कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
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श्रमिकों की सुरक्षा के लिए “श्रम प्रहरी” पहल शुरू
श्रमिकों की सुरक्षा के लिए 1800 233 888 पर दे सकते है सूचना
रतलाम : सोमवार, अगस्त 10, 2026,
श्रम पदाधिकारी ने बताया कि अपंजीकृत अथवा असुरक्षित रूप से संचालित निर्माण कार्य एवं प्रतिष्ठानों पर श्रमिकों की सुरक्षा हेतु शासन द्वारा श्रम प्रहरी पहल शुरू की गई है, इसके अंतर्गत आम नागरिक भी बिना रजिस्ट्रेशन वाले, निर्माण कार्यों में सुरक्षा के मानकों के पालन की स्थिति से श्रम विभाग को टोल फ्री नंबर 1800 233 888 पर या ईमेल आईडी commlab@nic.in या श्रम विभाग पोर्टल पर अवगत करा सकते हैं। श्रम प्रहरी एक आम नागरिक है जो श्रमिकों की सुरक्षा एवं उनके अधिकारों की रक्षा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि कहीं बाल श्रम, बंधक श्रम, असुरक्षित कार्य परिस्थितियां अपंजीकृत संस्थान/निर्माण कार्य या श्रम कानूनों का उल्लंघन दिखाई देता है तो इसकी सूचना श्रम विभाग को दें सकते है। श्रम पदाधिकारी ने बताया कि आपकी एक सूचना श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, सुरक्षित कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित करने, किसी बच्चे को बाल श्रम से मुक्त करने आदि में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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14 अगस्त को बाजना में आयोजित होगा मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान
जन विश्वास के पश्चात बाजना जनपद पंचायत सभागार में होगी विशेष जिला स्तरीय बैठक
बैठक में स्वास्थ्य, राजस्व, समग्र, आधार, आयुष्मान के मामले का होगा निराकरण
रतलाम : सोमवार, अगस्त 10, 2026

कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने सोमवार को आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में सभी जिला अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आगामी 14 अगस्त, शुक्रवार को बाजना में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का आयोजन किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत जनसंवाद, जनसुनवाई एवं उद्यम संवाद आयोजित कर आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने कहा कि प्रारंभिक समीक्षा में बाजना क्षेत्र से कुछ विशेष प्रकार की समस्याएं एवं शिकायतें सामने आई हैं। इन्हें ध्यान में रखते हुए जन-विश्वास अभियान के पश्चात जनपद पंचायत बाजना के सभागार में विशेष जिला स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहकर समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही करेंगे।
उन्होंने बताया कि विशेष बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं, महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण, समग्र आईडी निर्माण एवं सुधार, आधार पंजीयन एवं आधार में नाम सहित अन्य संशोधन, आयुष्मान कार्ड निर्माण तथा राजस्व प्रकरणों के निराकरण पर विशेष रूप से कार्य किया जाएगा। सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने तथा पात्र हितग्राहियों को अधिक से अधिक लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य आमजन को शासन की सेवाएं उनके निकट उपलब्ध कराना तथा समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अभियान को सफल बनाएं तथा शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से कार्यवाही करें।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन, अपर कलेक्टर श्री बृजेंद्र रावत, नगर निगम आयुक्त श्री अनिल भाना सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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जिले की 36 आयुष संस्थाओं में से 12 आयुष संस्थाओं का हुआ आयुष्मान आरोग्य मंदिर में उन्नयन
आयुष विभाग ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में दर्ज की उल्लेखनीय प्रगति
रतलाम : सोमवार, अगस्त 10, 2026,
कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया के निर्देशन में आयुष विभाग ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
जिला आयुष अधिकारी ने बताया कि आयुष विभाग रतलाम के अर्न्तगत वर्ष 2025-26 में जिले में आयुष चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की गई हैं।
जिले की 36 आयुष संस्थाओं में से 12 आयुष संस्थाओं को आयुष्मान आरोग्य मंदिर मे उन्नयन किया गया है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्वास्थ्य सर्वे, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन तथा ब्लड प्रेशर आदि की जाँच की जा रही है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर में प्रतिदिन आमजन को प्रातः काल योगाभ्यास कराया जा रहा है। प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर में आयुष जन आरोग्य समिति का गठन किया गया है तथा समिति के खाते में 50 हजार रूपये आवंटित किए गए हैं, जिससे प्राथमिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तीन आशा कार्यकर्ताओं को 500 रुपये प्रतिमाह का भुगतान किया जा रहा है। इसके माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं द्वारा आयुष विभाग के कार्यक्रम एवं योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने तथा बीमार व्यक्तियों को आयुष चिकित्सा सेवा लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
गैर- संचारी रोगों में आयुष पद्धति से उपचार, कुपोषण उन्नमूलन एवं सिकल सेल एनीमिया में जिले से प्राप्त सूची एडऑन थेरेपी, एसओपी के अनुसार आयुष औषधियां उपलब्ध कराई जा रही है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं आयुष की अन्य संस्थाओ में औषधीय पौधों का रोपण कर हर्बल गार्डन विकसित किए जा रहे है। जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, आयुषविंग एवं शिवपुर में पंचकर्म सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर शिवपुर में वयोमित्र, सुप्रजा, आयुर्विद्या आदि कार्यक्रम संचालित किए जा रहे है, जिसके माध्यम से वृद्ध जनहित शिविर, गर्भवती महिलाओं की देखभाल एवं स्कूली छात्रों के माध्यम से आयुष के कार्यक्रम, घरेलू उपचार एवं योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। किए गए कार्यों का डाक्यूमेंटेशन भी किया जा रहा है। देवारण्य योजना के अंतर्गत किसानों को औषधीय खेती का रकबा बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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जिले में अब तक 381.75 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
रतलाम : सोमवार, अगस्त 10, 2026,
जिले में इस वर्ष अब तक औसतन 381.75 मि.मी. वर्षा दर्ज की गयी है। जबकि पिछले 24 घन्टों में रतलाम जिले में 2.63 मिमी वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।
पिछले 24 घन्टों में आलोट में 10.00 मि.मी., जावरा में 1.00 मि.मी., ताल में 6.0 मि.मी., पिपलोदा मे 1.0 मि.मी., बाजना में 0.0 मि.मी., रतलाम में 1.0 मि.मी., रावटी में 0.0 मि.मी. एवं सैलाना में 2.0 मि.मी., वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।
विगत 1 जून से अब तक वर्षामापक केन्द्र आलोट में 416.0 मि.मी., जावरा में 397.0 मि.मी., ताल में 299.0 मि.मी., पिपलोदा में 435.0 मि.मी., बाजना में 264.0 मि.मी., रतलाम में 535.0 मि.मी., रावटी में 325.0 मि.मी. एवं सैलाना में 383.0 मि.मी., वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।
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कलेक्टर न्यायालय में नियमित रूप से होगी प्रकरणों की सुनवाई : कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया
राजस्व, खनिज, फौजदारी सहित विभिन्न प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के दिए निर्देश
रतलाम : सोमवार, अगस्त 10, 2026,

कलेक्टर न्यायालय में लंबित विभिन्न प्रकरणों की नियमित सुनवाई एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया द्वारा न्यायालय के नियमित संचालन के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने न्यायालय के रीडर एवं संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि न्यायालय में दर्ज प्रकरणों की नियमित रूप से पेशी निर्धारित कर नियत तिथि पर प्रकरण सुनवाई हेतु प्रस्तुत किए जाएं।
कलेक्टर न्यायालय में राजस्व प्रकरणों के साथ-साथ खनिज संबंधी प्रकरण, फौजदारी एवं प्रतिबंधात्मक प्रकरण तथा विभिन्न अधिनियमों के अंतर्गत कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी की न्यायालयीन अधिकारिता में आने वाले अन्य प्रकरणों की भी सुनवाई की जाती है। कलेक्टर ने इन सभी श्रेणियों के लंबित प्रकरणों को व्यवस्थित रूप से सूचीबद्ध कर नियमित सुनवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायालय के रीडर को लंबित प्रकरणों की अद्यतन सूची तैयार करने, पुराने एवं अधिक समय से लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से सूचीबद्ध करने तथा नियमित कॉज लिस्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नोटिस की समय पर तामील, संबंधित अभिलेखों की उपलब्धता तथा अधीनस्थ न्यायालयों अथवा कार्यालयों से अपेक्षित रिकॉर्ड समय पर प्राप्त करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि प्रकरणों में अनावश्यक स्थगन से बचते हुए प्रत्येक पेशी पर प्रभावी कार्यवाही की जाए। पक्षकारों को अनावश्यक रूप से बार-बार उपस्थित न होना पड़े तथा उन्हें निर्धारित तिथि पर सुनवाई का समुचित अवसर प्राप्त हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
कलेक्टर द्वारा अब न्यायालय में नियमित रूप से प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी। इससे राजस्व, खनिज, फौजदारी एवं अन्य वैधानिक प्रकरणों के निराकरण में गति आएगी तथा कलेक्टर न्यायालय की कार्यवाही अधिक नियमित, प्रभावी एवं सुव्यवस्थित होगी।
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कमज़ोर पैरामीटरों में तत्काल सुधार लाकर प्रगति सुनिश्चित करें : कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने दिए परिणामोन्मुखी कार्य के निर्देश
रतलाम : सोमवार, अगस्त 10, 2026, 18:06 IST

कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया के द्वारा आज महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा की गई। समीक्षा में कुपोषण से संबंधित आंकड़ों पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई एवं समस्त सीडीपीओ को निर्देशित किया गया कि जिन भी आंकड़ों पर कमज़ोर स्थिति है उसमें सभी प्रगति लाये एवं विभागीय योजनाओं में भी प्रगति लेकर आये।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग उज्जैन के संभागीय संयुक्त संचालक श्री राजेश मेहरा भी उपस्थित थे। जिला कार्यक्रम अधिकारी के द्वारा कलेक्टर श्री कटेसरिया एवं संभागीय संयुक्त संचालक श्री मेहरा को आश्वस्त किया गया कि उनके के द्वारा दिए गए समस्त निर्देशों पर गंभीरता से विभाग कार्य करेगा एवं विभाग बेहतर प्रगति करेगा। समीक्षा बैठक में सहायक संचालक, परियोजना अधिकारी एवं सुपरवाइजर उपस्थित थी।
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मंत्री श्री नागर सिंह चौहान मौजीशंकर महादेव की शाही सवारी में हुए शामिल
भगवान मौजीशंकर महादेव के दर्शन कर जिले की सुख-समृद्धि की कामना की
रतलाम : सोमवार, अगस्त 10, 2026, 19:47 IST

मध्यप्रदेश शासन के अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के मंत्री श्री नागर सिंह चौहान एवं गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री ओम जैन ने सोमवार को भगवान मौजीशंकर महादेव की पारंपरिक शाही सवारी में शामिल होकर श्रद्धापूर्वक दर्शन-पूजन किया तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
शाही सवारी के दौरान जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय, नगर निगम महापौर श्री प्रहलाद पटेल, जिला योजना समिति सदस्य श्री प्रदीप उपाध्याय, विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री मनोहर पोरवाल, श्री विप्लव जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में निकली शाही सवारी का विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया।
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पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा गंभीर मरीजों की जान बचाने में देश का सबसे सफलतम प्रयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
उज्जैन एवं शिवपुरी में नए एयरपोर्ट निर्माण कार्य में प्रगति लाएं : केंद्रीय मंत्री श्री नायडू
पिछले छह महीने में मध्यप्रदेश के 50 हजार से अधिक यात्रियों ने की हवाई यात्रा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री श्री नायडू ने की विमानन विभाग की समीक्षा
रतलाम : सोमवार, अगस्त 10, 2026,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजारापु राममोहन नायडू ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मध्यप्रदेश में वर्तमान में एयरपोर्ट निर्माण एवं हवाई सेवाओं के विकास-विस्तार के लिए चल रही विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा बैठक की।
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री श्री नायडू को बताया कि प्रदेश में आठ एयरपोर्ट बन चुके हैं। उज्जैन और शिवपुरी में नए एयरपोर्ट का निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उपलब्ध 10 उन्नत एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की राज्य सरकार की योजना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत सरकार ने सिंगरौली, सागर, नीमच, छ़िदवाड़ा, मण्डला, खण्डवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया एवं शहडोल एयरस्ट्रिप्स को केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत एयरपोर्ट में परिवर्तित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। केंद्र सरकार से प्रोत्साहन और मदद मिलते ही इन पर काम प्रारंभ कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में चलाई जा रही पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश में प्रारंभ हुई है। अब तक 170 से अधिक गंभीर मरीजों को इस सेवा का लाभ मिल चुका है। इनमें से 99 प्रतिशत मरीजों की जान बचा ली गई है। यह सेवा गंभीर मरीजों की जान बचाने में देश का सबसे सफलतम प्रयोग है। आयुष्मान कार्डधारियों को यह सेवा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस सेवा में प्रदेश भर में प्रदेश के किसी भी अंचल में रह रहे गंभीर मरीजों को तत्परतापूर्वक उच्च स्वास्थ्य संस्था तक पहुंचाया जाता है। केंद्रीय मंत्री ने एयर एम्बुलेंस सेवा संचालन की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
बैठक में केंद्रीय मंत्री श्री नायडू ने कहा कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा संचालित उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना का अगले दस साल के लिए विस्तार कर दिया गया है। अब यह योजना वर्ष 2036 तक जारी रहेगी। केंद्र सरकार ने अगले दस साल में देश में 100 नए एयरपोर्ट बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी उड़ान योजना के तहत मध्यप्रदेश के सभी प्रस्तावित स्थलों में एयरपोर्ट्स बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तावित दस एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट में बदलने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार पूरी मदद देगी। इसके तहत मध्यप्रदेश में पहले चरण में 5 नए एयरपोर्ट तैयार किए जाएंगे। इनमें सबसे पहले भोपाल से सबसे दूरस्थ नगर निगम सिंगरौली (ऊर्जाधानी) में एयरपोर्ट बनाया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री श्री नायडू ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और प्रदेश के विमानन विभाग के अधिकारियों को उज्जैन और शिवपुरी में नए हवाई अड्डे के निर्माण कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उज्जैन एयरपोर्ट के लिए सभी जरूरी पर्यावरणीय अनुमतियां 10 अक्टूबर 2026 तक प्राप्त कर ली जाएं। काम में तेजी लाएं, क्योंकि सिंहस्थ : 2028 में देशी-विदेशी श्रद्धालुओं के सहज आवागमन के लिए यह हवाई अड्डा बेहद उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि शिवपुरी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण होना है। इसके लिए नई साइट की तलाश जल्द से जल्द कर ली जाए। मध्यप्रदेश में 5 नए एयरपोर्ट्स के निर्माण की इस बैठक में ही मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री श्री नायडू का आत्मीय आभार व्यक्त किया।
अपर मुख्य सचिव, विमानन विभाग श्री संजय कुमार शुक्ल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री श्री नायडू को मध्यप्रदेश में तैयार हो रहे सिविल एविएशन इकोसिस्टम और नई पहलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले छह महीने में मध्यप्रदेश के 50 हजार से अधिक यात्रियों ने हवाई यात्रा का लाभ उठाया है। यह प्रदेश में दिनों-दिन विकसित हो रहीं हवाई सेवाओं के विस्तार पर यहां के यात्रियों के बढ़ रहे विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में पीएम श्री वायु पर्यटन सेवा, पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा सहित पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से पिछले महीने ही इंदौर से अबुधाबी तक डायरेक्ट इंटरनेशनल फ्लाइट प्रारंभ हो गई है। आज से चार नई सीधी हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
बैठक में मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, केन्द्रीय नागरिक उड्डयन सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मेंबर (प्लानिंग) श्री अनिल कुमार गुप्ता, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक, पश्चिमी क्षेत्र श्री एच. पुल्ला, आयुक्त विमानन श्री चंद्रमौली शुक्ला सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
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अगले दो महीने में प्रारंभ होगी भोपाल से शारजाह डायरेक्ट इंटरनेशनल फ्लाइट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
अगले दस साल में देश में 100 नए एयरपोर्ट बनाएंगे : केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री नायडू
मध्यप्रदेश में जल्द ही बनेंगे पांच नए एयरपोर्ट्स, सबसे पहले सिंगरौली में बनेगा एयरपोर्ट
बीते तीन साल में मध्यप्रदेश को मिले तीन नए एयरपोर्ट, दो नए एयरपोर्ट का निर्माण जारी
दो साल में ही प्रदेश में दस से अधिक रूट पर प्रारंभ हुईं हवाई सेवा
मध्यप्रदेश के हवाई नेटवर्क को मिले नए पंख, चार नई सीधी उड़ानों का हुआ शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री नायडू ने चार सीधी हवाई सेवाओं को दिखाई हरी झंडी
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल भोपाल रीवा फ्लाईट में सवार होकर रीवा गए
रतलाम : सोमवार, अगस्त 10, 2026, 14:46 IST
मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में रविवार को एक बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजारापु राममोहन नायडू के साथ मध्यप्रदेश में चार नई सीधी हवाई सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर इनका शुभारंभ किया। भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता सीधी हवाई सेवाओं से प्रदेश के विंध्य और महाकौशल अंचल को राजधानी भोपाल तथा पूर्वी भारत के प्रमुख महानगर कोलकाता एवं पटना से सीधा हवाई संपर्क मिला है। मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री ने भोपाल से रीवा तक जाने वाली अलायन्स एयर की नवप्रारंभ फ्लाइट के यात्रियों को बोर्डिंग पास भी वितरित किए। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल भोपाल से रीवा की इसी फ्लाइट में बैठकर रीवा के लिए रवाना हुए।
चार नई हवाई सेवाओं के शुभारंभ अवसर पर राजा भोज विमानतल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे मध्यप्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार का “ऐतिहासिक दिन” बताकर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज मध्यप्रदेश के विकास और नागरिक सुविधाओं को नए पंख लग रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपालवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अगले दो महीने के भीतर भोपाल से शारजाह सीधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवा प्रारंभ कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए तेजी से काम कर रही है। बीते तीन साल में ही प्रदेश में रीवा, सतना और दतिया के रूप में तीन नए एयरपोर्ट प्रारंभ हो गए हैं। उज्जैन और शिवपुरी में भी नए एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने प्रदेश में पांच नए एयरपोर्ट्स बनाने की मंजूरी दे दी है। इसमें सबसे पहले सिंगरौली में एयरपोर्ट बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दो साल में ही दस से अधिक रूट पर हवाई सेवाएं प्रारंभ हो गई हैं। उन्होंने कहा कि हवाई कनेक्टिविटी का लाभ प्रदेश के सभी अंचलों तक पहुंचाने का प्रयास किया है। देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश में ही एयर एम्बुलेंस सर्विस प्रारंभ हुई है। राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई हेली सेवा प्रतिदिन चल रही हैं और इसमें 95 प्रतिशत आकोपेंसी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय प्रदेश में हवाई सेवाएं सीमित थीं और सुविधाएं नगण्य थीं, लेकिन आज एक साथ चार नई उड़ानों का शुरू होना बदलते मध्यप्रदेश और बदलते भारत की तस्वीर प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं का सबसे बड़ा लाभ समय की बचत के रूप में सामने आएगा। भोपाल-रीवा के बीच सप्ताह में चार दिन, जबकि भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता के बीच सप्ताह में तीन दिन उड़ानें संचालित होंगी। वर्तमान में इन शहरों के बीच सड़क अथवा रेल मार्ग से यात्रा में कई घंटे तक लगते हैं, जबकि सीधी हवाई सेवा से यही दूरी महज दो से ढाई घंटे में ही तय की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का हृदय स्थल होने के साथ विभिन्न राज्यों की कनेक्टिविटी का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि इन सीधी उड़ानों के प्रारंभ होने से उद्योगपतियों, व्यापारियों और पर्यटकों के समय तथा धन दोनों की बचत होगी। साथ ही रीवा और जबलपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों का कोलकाता से सीधा जुड़ाव स्थानीय उद्योगों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए बड़े बाजारों के द्वार भी खोलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच महज दस महीनों में प्रदेश में आठ नए हवाई मार्गों पर सेवाएं शुरू हुई हैं, जिनमें इंदौर-अबूधाबी अंतर्राष्ट्रीय उड़ान भी शामिल है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में 8 एयरपोर्ट, 20 से अधिक हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड हैं। उन्होंने कहा कि हवाई सेवाओं का विस्तार केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, उद्योग, पर्यटन और रोजगार को गति देने वाला आधारभूत ढांचा है। मध्यप्रदेश की ‘नागर विमानन नीति 2025’ के अंतर्गत राज्य सरकार हवाई सेवाओं को समर्थन दे रही है। किसानों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए इंदौर, भोपाल और जबलपुर एयरपोर्ट को कृषि उड़ान योजना में शामिल किया गया है। वहीं विमानन क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए कोर्स फीस का 60 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से प्रांरभ हुई सीधी हवाई सेवाएं “विकसित मध्यप्रदेश” की आधारभूत संरचना को और भी मजबूत करेगी।
2036 तक हवाई सेवाओं के विकास-विस्तार पर 29 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी केंद्र सरकार
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सिविल एविएशन क्षेत्र का तेजी से विस्तार हुआ है। वर्ष 2016 में ‘उड़ान’ योजना के माध्यम से ‘उड़े देश का आम नागरिक’ के संकल्प के साथ छोटे शहरों और आम नागरिकों तक हवाई सेवाओं की पहुंच बढ़ाई गई। पिछले वर्षों में देश में करीब 90 नए एयरपोर्ट विकसित हुए हैं और विमानों के बेड़े और हवाई यात्रियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट और हवाई कनेक्टिविटी केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था के विकास का महत्वपूर्ण आधार है। एयरपोर्ट के आसपास रियल एस्टेट, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ती हैं और रोजगार के अवसर सृजित होते हैं।
केंद्रीय मंत्री श्री नायडू ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सिविल एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हुआ है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में सुविधाओं के विस्तार के साथ सतना, दतिया और रीवा में नए एयरपोर्ट विकसित किए गए हैं। कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश की सिविल एविएशन पॉलिसी प्रभावी है और देश की राज्यों की विमानन नीतियों में इसे सर्वश्रेष्ठ नीतियों में माना जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप इंदौर से अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी और रीवा-कोलकाता, रीवा-पटना, जबलपुर-कोलकाता और भोपाल-रीवा जैसे नए हवाई मार्ग शुरू हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य शहरों को भी हवाई सेवाओं से जोड़ने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा। प्रदेश की लगभग दस हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट में परिवर्तित करने और कुछ शहरों में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है। श्री नायडू ने कहा कि ‘उड़ान’ योजना को अगले दस वर्षों के लिए विस्तारित किया गया है और इसके लिए केंद्र सरकार ने लगभग 29 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे नए एयरपोर्ट, हेलीपोर्ट और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार को गति मिलेगी। ‘उड़ान’ योजना, मध्यप्रदेश की एविएशन पॉलिसी और प्रदेशवासियों के सहयोग से मध्यप्रदेश को सिविल एविएशन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
केंद्रीय मंत्री श्री नायडू ने कहा कि सिविल एविएशन क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसरों का महत्वपूर्ण क्षेत्र बन रहा है।नए एयरपोर्ट और बढ़ती विमानन गतिविधियों से रोजगार की संभावनाएं और बढ़ेंगी।उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का विजन हर 150 किलोमीटर पर एक एयरपोर्ट, हर 75 किलोमीटर पर एक हवाई पट्टी और हर 45 किलोमीटर पर एक हेलिपोर्ट विकसित करने का है। केंद्र सरकार इस दिशा में मध्यप्रदेश को पूरा सहयोग देगी। आज प्रारंभ हो रही नई हवाई सेवाएं एक नई शुरुआत हैं और आने वाले समय में प्रदेश को और अधिक शहरों एवं गंतव्यों से हवाई सेवाओं के माध्यम से जोड़ा जाएगा।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए दूरदर्शी स्टेट एविएशन पॉलिसी- 2025 तैयार की गई है। इसके माध्यम से प्रदेश के छोटे शहरों को प्रमुख शहरों से जोड़ने का कार्य तेजी से हो रहा है। विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र के लिए नई हवाई सेवाओं का विस्तार विकास की नई संभावनाओं को गति देगा। रीवा से दिल्ली, इंदौर और रायपुर की सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं तथा अब रीवा को भोपाल और कोलकाता से जोड़ने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी और सुदृढ़ होगी। सिंगरौली देश के प्रमुख पावर हब में शामिल है। क्षेत्र में तीन राष्ट्रीय उद्यान तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। चित्रकूट भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़ी महत्वपूर्ण पवित्र भूमि है। हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने से इन संभावनाओं को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि एटीआर-72 जैसे विमानों के संचालन के लिए वित्तीय सहयोग की आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच से स्टेट एविएशन पॉलिसी तैयार की गई, जिसकी विमानन क्षेत्र में सराहना हो रही है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बताया कि रीवा-भोपाल हवाई सेवा का किराया लगभग 2,700 रुपये तथा डायनेमिक फेयर में अधिकतम 3,500 रुपये निर्धारित किया गया है। रीवा-कोलकाता सेवा के किराये की कैपिंग लगभग 5,300 रुपये रखी गई है। इससे हवाई यात्रा आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ होगी।उन्होंने कहा कि भोपाल से पटना होते हुए कोलकाता, भोपाल से रीवा तथा अन्य शहरों के लिए कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से विशेषकर विंध्य क्षेत्र को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने का कार्य निरंतर आगे बढ़ेगा।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार वर्ष 2016 से ‘उड़ान’ योजना के माध्यम से टियर-2 और टियर-3 शहरों और दूर-दराज के क्षेत्रों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने का निरंतर प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 4 जुलाई को ‘मॉडिफाइड उड़ान’ योजना का शुभारंभ किया है। आगामी दस वर्षों में इस योजना से छोटे शहरों को हवाई सेवाओं से जोड़ने को नई गति मिलेगी। केंद्रीय सचिव श्री सिन्हा ने कहा कि मध्यप्रदेश में उपलब्ध एयरस्ट्रिप्स को चिन्हित कर एयरपोर्ट विकसित करने और हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और नागरिक उड्डयन मंत्रालय राज्य सरकार के साथ समन्वय से कार्य करेंगे। मध्यप्रदेश में एयरस्ट्रिप और टर्मिनल उपलब्ध होने के बावजूद जहां विमानों की सीमित संख्या के कारण सेवाएं प्रारंभ नहीं हो पाई हैं, ऐसे क्षेत्रों को भी ‘मॉडिफाइड उड़ान’ योजना के माध्यम से कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि अलायंस एयर के माध्यम से नई हवाई सेवाओं की शुरुआत हो रही है। इंडिगो, अलायंस एयर, एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयर इंडिया सहित विभिन्न एयरलाइंस द्वारा नए विमानों के ऑर्डर दिए गए हैं, जिससे भविष्य में हवाई सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं मजबूत होंगी। ‘उड़ान’ योजना के बाद फ्लाई 91, स्टार एयर सहित क्षेत्रीय एयरलाइंस का विस्तार भी हुआ है। मध्यप्रदेश ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र की भौगोलिक आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। केंद्र सरकार, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, अलायंस एयर और अन्य एयरलाइंस के सहयोग से प्रदेश में नागरिक उड्डयन क्षेत्र को नई गति मिलेगी।
अपर मुख्य सचिव, विमानन विभाग श्री संजय कुमार शुक्ल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन में मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बीते एक साल में प्रदेश के सात शहरों से नई हवाई सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश की विमानन नीति के अंतर्गत इंदौर से अबू धाबी के लिए अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवा भी प्रारंभ की गई है। श्री शुक्ला ने बताया कि इसी क्रम में आज से चार नई हवाई सेवाएं प्रारंभ की जा रही हैं।
चार नए हवाई मार्गों से मजबूत होगी प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी
आज शुभारंभ होने वाली चारों नई हवाई सेवाएं मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के अंतर्गत वित्त पोषित हैं। सभी घरेलू हवाई मार्गों पर प्रत्येक राउंड ट्रिप के लिए राज्य शासन द्वारा 10 लाख रुपये तक की वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) सहायता दी जाएगी। इन चारों सेवाओं का संचालन अलायंस एयर द्वारा किया जाएगा। भोपाल-रीवा हवाई सेवा सप्ताह में चार दिन मंगलवार, गुरुवार, शनिवार एवं रविवार को, भोपाल-पटना सेवा सोमवार, बुधवार एवं रविवार को तथा रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता हवाई सेवाएं मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार को संचालित होंगी। भोपाल-पटना सीधी हवाई सेवा से मध्यप्रदेश की राजधानी बिहार की राजधानी पटना से जुड़ेगी, जबकि भोपाल-रीवा सेवा से प्रदेश की राजधानी की विंध्य क्षेत्र से सीधी हवाई कनेक्टिविटी स्थापित होगी। रीवा और जबलपुर से कोलकाता की सीधी कनेक्टिविटी से इन क्षेत्रों के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। चारों नवीन हवाई सेवाओं से पर्यटन, व्यापार एवं शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।
सीधी हवाई सेवाओं से यात्रा का समय होगा कम
सीधी हवाई कनेक्टिविटी से यात्रियों के यात्रा समय में कमी आएगी। भोपाल-रीवा की यात्रा में जहां रेल मार्ग से लगभग 10 घंटे लगते हैं, वहीं हवाई यात्रा से यह समय लगभग 1.5 घंटे रह जाएगा। भोपाल-पटना एवं रीवा-कोलकाता की यात्रा में रेल मार्ग से लगभग 22 घंटे की तुलना में हवाई यात्रा लगभग 2 घंटे में पूरी होगी। जबलपुर-कोलकाता की यात्रा भी रेल मार्ग के लगभग 22 घंटे की तुलना में लगभग 2.5 घंटे में पूरी होगी। इस प्रकार भोपाल-रीवा मार्ग पर लगभग 8.5 घंटे, भोपाल-पटना एवं रीवा-कोलकाता मार्ग पर लगभग 20-20 घंटे और जबलपुर-कोलकाता मार्ग पर लगभग 19.5 घंटे की समय बचत होगी।
किफायती किराए से यात्रियों को मिलेगा लाभ
सीधी हवाई कनेक्टिविटी के अभाव में इन रूट्स पर हवाई यात्रा का किराया लगभग 8 से 10 हजार रुपये होता था तथा यात्रियों को दिल्ली जाकर फ्लाइट बदलनी पड़ती थी। नवीन सीधी सेवाओं से किराया कम होकर लगभग 3,200 से 4,500 रुपये के बीच रहेगा। भोपाल-रीवा का किराया लगभग 3,500 रुपये, भोपाल-पटना 4,500 रुपये, रीवा-कोलकाता 3,200 रुपये और जबलपुर-कोलकाता 4,500 रुपये रहेगा। नवीन चार रूट्स के प्रारंभ होने से प्रदेश की विमानन नीति में एयरलाइंस के विश्वास को भी बल मिला है।
जो यात्रा पहले 20 से 22 घंटे में होती थी, सीधी उड़ान से अब वह यात्रा 2 से 2.5 घंटे में सम्पन्न होगी तथा यात्रियों को बिना थकान के सुखद यात्रा का अनुभव मिलेगा।
कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, आयुक्त विमानन विभाग श्री चंद्रमौली शुक्ला, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मेंबर (प्लानिंग) श्री अनिल कुमार गुप्ता, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक, पश्चिमी क्षेत्र श्री एच. पुल्ला, अलायंस एयर के अध्यक्ष श्री अमित कुमार, अलायंस एयर के सीईओ श्री राजर्षि सेन, अलायंस एयर के डिप्टी सीसीओ श्री विनीत भल्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं भोपाल से रीवा फ्लाइट में जाने वाले यात्रीगण उपस्थित थे।
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पुलिस बल और जवानों का मनोबल दोनों बढ़ाना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
खंडवा में बनेगी पुलिस बटालियन
प्रदेश में तीन राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल गठित किये जाएंगे
बैगा, भारिया एवं सहरिया युवाओं की विशेष कम्पनियां बनाई जायेंगी
पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में 27,534 अधिकारी-कर्मचारी पदोन्नत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन भर्ती में चयनित पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र बांटे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस विभाग के पदोन्नत अधिकारी और कर्मचारियों को बैज लगाए
पुलिस में नवीन भर्ती एवं पदोन्नति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया अभिनन्दन
रतलाम : सोमवार, अगस्त 10, 2026,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सोमवार को रविन्द्र भवन में पुलिस विभाग द्वारा अभिनंदन किया गया। पुलिस विभाग में बड़ी संख्या में नवीन भर्तियों की शुरुआत करने तथा वर्षों से लंबित पदोन्नतियों का लाभ दिलाने के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि सरकार ने तय किया है कि पुलिस बल और पुलिसवालों का मनोबल दोनों बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर चोट और तनाव झेलते हैं, लेकिन उनके परिश्रम को सम्मान और पुरस्कार मिलने का भरोसा भी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में रिकॉर्ड 27 हजार 534 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी पदोन्नत हुए हैं। इनमें मैदानी स्तर के 12 हजार 928 आरक्षक प्रधान आरक्षक तथा 5 हजार 171 प्रधान आरक्षक सहायक उपनिरीक्षक बने हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पदोन्नति का रास्ता खुलने का सबसे बड़ा लाभ पुलिस विभाग को मिला है। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है और 9 हजार 751 अतिरिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। पुलिस बैंड और एफएसएल की भर्ती भी अंतिम चरण में है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश के खंडवा में नई पुलिस बटालियन स्थापित की जायेगी। प्रदेश में तीन राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल गठित किया जाएगा। पहले चरण में एक बल गठित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह (पीवीटीजी) में आने वाली बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातीय युवाओं की विशेष कम्पनियां भी गठित की जायेंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खाकी वर्दी और कंधों पर सजे सितारे मध्यप्रदेश के साढ़े 8 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों से ईमानदारी, संवेदनशीलता, अनुशासन और निष्पक्षता के साथ कार्य करते हुए जनता में पुलिस के प्रति प्रेम और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने का आहवान किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश पुलिस देश भक्ति, जनसेवा, साहस और अपनी प्रतिबद्धता के बलबूते देशभर में अपनी विशेष पहचान बना रही है। मध्यप्रदेश पुलिस देश की सबसे अच्छी पुलिस फोर्स में शामिल है। इसके लिए सभी पुलिसकर्मी बधाई के पात्र हैं। हमारी पुलिस ने जो भी काम मिला, उसे उत्कृष्ट तरीके से सम्पन्न किया है। चंबल अंचल से दस्यु समस्या को खत्म किया और मध्यप्रदेश के सबसे पहले नक्सलवाद की समस्या से मुक्त कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस अपनी ड्यूटी निभाए, सरकार आपके परिवार के लिए अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस के जवान और अधिकारी अनुशासन के साथ अपने दायित्वों को पूरा कर जीवन को धन्य करते हैं। पुलिस परंपरा में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल जैसे अनेकों नाम हैं, जो सेवानिवृत्ति के बाद भी देश की सेवा कर रहे हैं। श्री डोभाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती प्रदान करने के लिए सराहनीय कार्य किए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में रिकॉर्ड 27 हजार 534 अधिकारी और कर्मचारियों को भी पदोन्नति का लाभ दिया है। पुलिसकर्मी अपनी क्षमता और योग्यता के बलबूते आगे बढ़ रहे हैं। हमारे 30 रक्षित, निरीक्षक से उप पुलिस अधीकक्ष (डीएसपी) बने हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। पुलिस बैंड और एफएसएल की भर्ती भी अंतिम दौर में है। वर्ष 2026 में भी विभिन्न पदों पर 9 हजार 751 पुलिसकर्मियों की भर्ती के लिए मंजूरी दी गई है। हमारी कोशिश है कि आगामी 2 सालों में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर के जितने पदों पर भर्ती शेष है, उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने पूरी पारदर्शिता के साथ प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।
पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने कहा कि सब इंस्पेक्टर और सूबेदार के पदों पर भर्ती के लिए 2025 में नए नियम तैयार किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 7500 नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान की है। 2025 में मंजूर किए गए सिपाही, सूबेदार और सब इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो रही है। इस वर्ष 9662 विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की धरती से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने में पुलिस विभाग की हॉक फोर्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदेश की हॉक फोर्स में 325 पद और विशेष सहयोगी दस्ते में भी 882 पदों पर भर्ती की गई है। पुलिस विभाग में अनुशासन का बड़ा महत्व है। परेड से अनुशासन बढ़ता है। इसके लिए बैंड दस्ते में भर्ती प्रक्रिया चल रही है। सभी इकाइयों को जल्द ही पुलिस बैंड उपलब्ध होगा। नवीन आपराधिक कानूनों को लागू कराने में एफएसएल का बड़ा महत्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एफएसएल में नई भर्ती के लिए भी स्वीकृति प्रदान की। सिंहस्थ 2028 में पूरे देश से श्रद्धालु उज्जैन आएंगे। पिछले दो वर्षों में पुलिस विभाग ने 18 हजार से अधिक पदों पर नई नियुक्तियां की हैं। यह पुलिस बल प्रशिक्षण के बाद सिंहस्थ ड्यूटी के लिए उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए सदैव तत्पर हैं।
उज्जैन जिले में पदस्थ पदोन्नत डीएसपी सुश्री दीपिका शिंदे ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे कई साथी दो दशक से सेवाएं दे रहे हैं और कई अब सेवानिवृत्ति की ओर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्णय से हमारी सेवा को सम्मान मिला है। मुझे तीन वर्ष कार्यवाहक डीएसपी पद पर कार्य करने के बाद पदोन्नति मिली है।
निरीक्षक सुश्री रीना चौहान ने कहा कि प्रदेश में पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने से मेरे परिवार में तीन सदस्यों को इसका लाभ मिला है। पदोन्नति से कर्मचारी में निष्ठा और ऊर्जा का संचार होता है।
प्रशिक्षु डीएसपी श्री विनय कुमार डहरवाल ने कहा कि मैं बालाघाट जिले का निवासी हूं। कुछ समय पूर्व तक यह क्षेत्र नक्सल प्रभावित था। मेरी स्कूली शिक्षा गांव में पूरी हुई। लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करने पर मुझे वर्ष 2022 में डीएसपी पद मिला। मेरी सफलता से क्षेत्रवासियों में नई ऊर्जा मिली है। हम अपने देश भक्ति और सेवा के जज्बे को जमीन पर उतारेंगे। महिला आरक्षक (नवीन भर्ती) सुश्री आस्था शर्मा ने कहा कि बचपन से मेरा सपना खाकी वर्दी पहनने का था। शादी और बच्चों के बाद पुलिस विभाग में मेरा चयन महिलाओं के लिए गौरव की बात है।
एडीजी एसएएफ श्री चंचल शेखर ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अभिनंदन पत्र का वाचन किया। स्पेशल डीजी एडमिनिस्ट्रेशन श्री आदर्श कटियार ने आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्री संजय कुमार शुक्ल, स्पेशल डीजी सीआईडी श्री पंकज श्रीवास्तव, आईजी एडमिन श्री हरिनारायणचारी मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।



