मंदसौरमध्यप्रदेश

रूपणी चौपाटी से कयामपुर के मुख्य मार्ग पर बेशकीमती शासकीय भूमि पर जितेन्द्र सेठिया ने किया कब्जा

रूपणी चौपाटी से कयामपुर के मुख्य मार्ग पर बेशकीमती शासकीय भूमि पर जितेन्द्र सेठिया ने किया कब्जा

कयामपुर- अवैध कब्जे की ज़द में रूपणी चौपाटी की बेशकीमती भूमि: जितेन्द्र सेठिया ने खड़े किए लेंटर, चरवाहों के मवेशी चराने का अधिकार छिना; प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

मंदसौर जिले से कानून और प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती देता हुआ एक गंभीर मामला सामने आया है। जिले की सीतामऊ तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम रूपणी (रूपणी चौपाटी) में सरकारी भूमियों पर अवैध कब्जे का खेल धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। भू-माफिया और रसूखदारों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें न तो राजस्व विभाग का डर है और न ही कानून का।

ताज़ा मामला पटवारी हल्का झलारा के अंतर्गत आने वाले रूपणी चौपाटी – हालूखेड़ी ग्राम क्षेत्र का है, जहाँ भूखंड संख्या नंबर 03 में रूपणी चौपाटी से कयामपुर के मुख्य मार्ग पर पूर्व से पश्चिम स्थित सर्वे नंबर 90(5) की शासकीय भूमि पर खुलेआम डाका डाला गया है। यह जमीन कोई साधारण टुकड़ा नहीं है, बल्कि स्थानीय किसान के खेत के समीप बनी खाली परती भूमि है जिस पर ग्रामीण व चरवाहे अपने जानवर चराते हैं एवं यह शासन-प्रशासन की चौपाटी की अत्यंत बेशकीमती शासकीय जमीन है, जिसे भविष्य में महत्वपूर्ण सरकारी व सार्वजनिक कार्यों में उपयोग किया जा सकता है।

इसी अत्यंत महत्वपूर्ण भूभाग पर कयामपुर निवासी जितेन्द्र पिता सीताराम सेठिया द्वारा बिना किसी अनुमति और डर के पक्का निर्माण कार्य (लेंटर) खड़ा कर अवैध कब्जा कर लिया गया है।

सार्वजनिक उपयोग, पशुधन के चरने और भावी विकास योजनाओं के लिए आरक्षित इस बहुमूल्य शासकीय भूमि पर हुए पक्के अतिक्रमण ने न केवल स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश भर दिया है, बल्कि सीतामऊ तहसील के राजस्व अमले की कार्यप्रणाली पर भी कई गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

सीतामऊ तहसील पटवारी हल्का झलारा के रूपणी चौपाटी से क्यामपुर को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पर स्थित भूखंड संख्या 03 में सर्वे नंबर 90(5) की शासकीय भूमि मौजूद है।

अतिक्रमणकारी जितेन्द्र पिता सीताराम सेठिया (निवासी: क्यामपुर) ने खाली परती भूमि पर लेंटर डालकर कब्ज़ा कर दिया। मामले के तूल पकड़ने और ग्रामीणों के विरोध के बाद फिलहाल स्थानीय किसान के खेत के समीप बनी इस बेशकीमती जमीन पर पटवारी द्वारा निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है।

हालाँकि, निर्माण कार्य रुकवा देना मात्र इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं है। लेंटर आज भी शासकीय भूमि पर डाला हुआ है। ऐसे में मंदसौर जिले के सीतामऊ तहसील प्रशासन से सवाल अभी भी वही बना हुआ है कि इस अवैध अतिक्रमण को जमींदोज कर पूर्णतः कब हटाया जाएगा? क्या केवल काम रुकवाकर मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है या भविष्य में कोई ठोस कार्रवाई भी होगी?

रूपणी गांवों के नागरिकों में इस अवैध निर्माण को लेकर बेहद गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई गरीब व्यक्ति अपने मवेशियों को बांधने के लिए कच्चा छप्पर भी लगा ले, तो राजस्व अमला तुरंत बुलडोजर लेकर पहुंच जाता है। लेकिन यहाँ चौपाटी की इतनी बेशकीमती जमीन पर एक रसूखदार व्यक्ति द्वारा सरेआम कब्जा कर लिया गया, और प्रशासनिक तंत्र शुरुआत में मौन साधे बैठा रहा।

स्थानीय निवासियों की जिला कलेक्टर मंदसौर एवं एसडीएम सीतामऊ से मांग है कि जितेन्द्र पिता सीताराम सेठिया (निवासी कयामपुर) द्वारा किए गए इस गैरकानूनी व अवैध अतिक्रमण को अतिशीघ्र बुलडोजर चलाकर ध्वस्त किया जाए और इस खाली परती भूमि का पुन: सीमांकन कर इसे सुरक्षित शासकीय भूमि घोषित किया जाए, और इस भूमि पर बोर्ड लगाया जाए।

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