पीएचई विभाग का पेयजल व स्वच्छता की जनजागरूकता, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओ ने सीखे पानी की जाँच के तरीके

पीएचई विभाग का पेयजल व स्वच्छता की जनजागरूकता, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओ ने सीखे पानी की जाँच के तरीके
मंदसौर। वर्षाकाल में पानी में रासायनिक परिवर्तन होने से जलजनित बीमारियों के होने का अंदेशा बढ़ जाता है इससे बचने के लिए एवं पेयजल व स्वच्छता की जनजागरूकता के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल गुणवत्ता परिक्षण एवं क्लोरिनेशन हेतु विशेष जल जागरूकता अभियान जिला कलेक्टर अदिति गर्ग के मार्गदर्शन व PHE विभाग के कार्यपालन यंत्री वैभव भावसार निर्देशन मे चलाया जा रहा है, जिसमे स्टाप डायरिया अभियान को लेकर ग्रामीणजनों मे पिने के पानी सम्बन्धी जागरूकता के लिये वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त गाइडलाइन के अनुसार कई गतिविधिया संपादित की जा रही है ।ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित पेयजल स्त्रोतो का क्लोरिनेशन करने,पेयजल स्त्रोतो का स्वच्छता सर्वेक्षण एवं जल स्त्रोतो से प्राप्त पानी का फील्ड़ टेस्टिंग किट (FTK) के माध्यम से जल गुणवत्ता परिक्षण करने का प्रशिक्षण विभाग के मैदानी अमले द्वारा निरंतर दिया जा रहा है, इस वाटर टेस्टिंग किट से पानी के 10 प्रकार के टेस्ट आसान विधियों से कलर पहचानकर किया जाता है, टेस्ट किट में उपलब्ध केमिकल से 100 बार पानी के सेम्पल की जाँच की जाती है, जिससे की ग्रामवासी अपनी पंचायत, ग्राम की चौपाल, स्कूल, आंगनवाड़ी में ही बैठकर पेयजल स्त्रोतो से प्राप्त पानी की जाँच कर सके ।
अभियान के इसी क्रम में मंदसौर विकासखंड के ग्राम बड़वन व भाटरेवास मे जल गुणवत्ता परिक्षण करने का प्रशिक्षण आशा कार्यकताओ, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ताओ को विभाग के जिला सलाहकार मुकेश गुप्ता, WQMSP सलाहकार अंकित ठाकुर ने दिया इसके साथ ही पेयजल स्त्रोतो क़ो स्वच्छ रखने, जल संरक्षण व संवर्धन की विधियों क़ो अपनाने,स्त्रोतो का नियमित क्लोरिनेशन करने,पिने के पानी का समुचित्त भण्डारण रखने , दूषित पानी के पिने से होने वाली बीमारियों से बचने, जल प्रदाय योजनाओं मे जनसहभागिता सुनिश्चित करने,ग्राम मे समग्र स्वच्छता का वातावरण सुनिश्चित करने की समझाईश दी गईं!



