जल स्त्रोतो को स्वच्छ रखने व जल संरक्षण व संवर्धन की विधियों को अपनाने की समझाइश दी गई

PHE विभाग द्वारा जल गुणवत्ता परीक्षण एवं क्लोरिनेशन कार्य सम्पन्न
सीतामऊ:- जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा विकासखंड सीतामऊ के ग्राम खजुरी नाग व मानपुरा में पेयजल गुणवत्ता परीक्षण, क्लोरिनेशन एवं जल स्रोतों की साफ-सफाई को लेकर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई।
इस दौरान ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी के साथ जल संरक्षण और स्वच्छता का संदेश दिया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला सलाहकार मुकेश गुप्ता,PMU सलाहकार अंकीत ठाकुर द्वारा फील्ड टेस्टिंग किट के माध्यम से स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों के पेयजल स्रोतों के नमूनों की मौके पर ही जांच की गई एवं पेयजल स्त्रोतो का स्वच्छता सर्वेक्षण किया गया, ग्राम जल एवं स्वच्छता तदर्थ समिति को सशक्त बनाने एवं जलक़र की राशि नियमित वसूल करने हेतु प्रेरित किया गया।
इस दौरान स्वयं यूजर्स को पानी की गुणवत्ता जांचने की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सचिव, शिक्षक, स्व-सहायता समूह की महिलाएं एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
सभी को जल गुणवत्ता परीक्षण के महत्व एवं प्रक्रिया की जानकारी दी गई। स्वयं के माध्यम से पानी के प्रमुख मानकों PH, फ्री क्लोरीन, आयरन, फ्लोराइड, हार्डनेस, अमोनिया, क्लोराइड, टरबीडीटी, अल्केनीटी, नाइट्रेट की जांच कर मौके पर ही परिणाम प्रदर्शित किए गए।
साथ ही यह भी बताया गया कि यदि किसी नमूने में पानी दूषित पाया जाता है, तो उसे विस्तृत जांच के लिए नजदीकी जिला या ब्लॉक स्तरीय प्रयोगशाला में भेजा जाएगा, जल स्त्रोतो की रिचार्जिंग के लिये जल संरक्षण व संवर्धन की विधियो को अपनाने के लिये प्रेरित किया गया।



