मध्यप्रदेशरतलाम

समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 04 जून 2026 गुरुवार

प्लेसमेंट कैंपस में 106 युवाओं का चयन 261 प्रतिभागियों ने कराया पंजीयन

शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) रतलाम में बुधवार को सुजलॉन कंपनी द्वारा विशेष प्लेसमेंट कैंपस का आयोजन किया गया। कैंपस में रोजगार प्राप्त करने के लिए युवक-युवतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर 12 वीं एवं आईटीआई उत्तीर्ण कुल 261 प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया।

प्लेसमेंट कैंपस में रतलाम, बदनावर तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। एक प्रतिभागी बिहार राज्य से भी कैंपस में सम्मिलित हुआ।

कंपनी द्वारा निर्धारित मापदंडों एवं साक्षात्कार प्रक्रिया के उपरांत कुल 106 प्रतिभागियों का प्राथमिक रूप से चयन किया गया। चयनित अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिलने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।

संस्था के प्राचार्य श्री एच.के. बाथम ने चयनित प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने युवाओं को अधिक मेहनत कर अपने करियर में उच्च पदों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया। आभार संस्था के टीपीओ श्री प्रफुल्ल सोनारकर ने व्यक्त किया।

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संध्याकालीन शिविरों में आज प्राप्त हुई 19 शिकायतें , 10 का हुआ त्वरित निराकरण’

कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देशानुसार 26 मई से जिले की 08 नगर पालिका/परिषदों में लगातार वार्ड वार संध्याकालीन शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

आज 03 जून को सभी निकायों में जनप्रतिनिधियों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की उपस्थिति में शिविर आयोजित हुए।

शिविरों में जल से संबंधित समस्याओं की कुल 05 शिकायतें प्राप्त हुई जिसमें से 3 शिकायतों का समाधान मौके पर किया गया। सफाई से संबंधित 08 शिकायतें प्राप्त हुई जिसमें से 03 शिकायतों का त्वरित निराकरण किया गया एवं 06 अन्य शिकायतें आयुष्मान कार्ड, समग्र आईडी, स्ट्रीट लाइट से संबंधित प्राप्त हुई, जिसमें से 04 शिकायतों का मौके पर निराकरण किया गया।

शिविर के दौरान नगर पालिका जावरा में 3 शिकायत प्राप्त हुई। नगर परिषद आलोट में 03 शिकायतें प्राप्त हुई जिसमें से 1 शिकायत का निराकरण हुआ, नगर परिषद बड़ावदा में 1 शिकायत प्राप्त हुई , नगर परिषद ताल में 1 शिकायत प्राप्त हुई जिसका निराकरण किया गया, नगर परिषद नामली में 1 शिकायत प्राप्त हुई जिसका निराकरण किया गया, नगर परिषद पिपलोदा में 3 शिकायतें प्राप्त हुई जिसमें से तीनों शिकायतों का निराकरण किया गया, नगर परिषद सैलाना में 6 शिकायतें प्राप्त हुई जिसमें से 03 शिकायतों का निराकरण किया गया एवं नगर परिषद धामनोद में 1 शिकायत प्राप्त हुई जिसका निराकरण मौके पर किया गया।

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फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान के तहत आशीर्वाद नर्सिंग होम का निरीक्षण

कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के आदेशानुसार जिले में अग्नि सुरक्षा के मद्देनजर अनुविभाग स्तर पर गठित फायर सेफ्टी ऑडिट दल द्वारा संस्थानों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है।

इसी क्रम में दल द्वारा आशीर्वाद नर्सिंग होम का फायर ऑडिट टीम द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान अग्नि सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं, उपकरणों तथा आवश्यक सुरक्षा मानकों का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने संस्थान में उपलब्ध सुरक्षा संसाधनों की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए।

निरीक्षण दल में नायब तहसीलदार श्री रामचन्द्र पाण्डेय सहित दल के सदस्य उपस्थित रहे। जिला प्रशासन द्वारा जिले में फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान निरंतर जारी रहेगा, ताकि जनसुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

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आदिवासी क्षेत्र को मिली 10 करोड़ 50 लाख के विकास कार्यों की सौगात

जावरा विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत आंबा के ग्राम बामनघाटी में आयोजित ग्राम चौपाल में समस्या समाधान शिविर आदिवासी अंचल के लिए विकास की नई उम्मीद लेकर आया। क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय ने जनसंवाद के दौरान आम्बा और उम्मेदपूरा पंचायत के बामनघाटी, लाम्बाखोरा, जाम्बूडाबरा, बखतपुरा, अचलपुरा, माता की धार, गढ़ीनाल सहित 14 टोला-मजरों के ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए। साथ ही क्षेत्र के लिए करोड़ो रुपये के विकास कार्यों की घोषणाएं कर ग्रामीणों को बड़ी सौगात दी।

विधायक ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए और बरसों से लंबित मांग बामनघाटी से जाम्बूडाबरा तक डामरीकृत सड़क निर्माण की विधायक ने 7 करोड़ की लागत में ब्रिज सहित सड़क निर्माण के लिए मुख्यमंत्री को प्रस्ताव व घोषणा की जानकारी ग्रामीणों को दी। घोषणा के बारे में सुनते ही ग्रामीणों मे खुशी और उत्साह का माहौल दिखाई दिया ।

शिविर में जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा, तहसीलदार देवेंद्र कुमार दानगढ़, थाना प्रभारी रमेश कोली, जनपद पंचायत सीईओ ब्रह्मस्वरूप हंस, बीएमओ डॉ. पवन पाटीदार, एमपीईबी सुपरवाइजर राहुल अहिरवार, पीडब्ल्यूडी एसडीओ किरण जमरा, पीएचई विभाग के इरफान खान, महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी भारती डांगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, राजस्व तथा अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएं विधायक के समक्ष रखीं। विधायक डॉ. पांडेय ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है तथा अन्य क्षेत्रों की भांति ही समान रूप से आदिवासी क्षेत्रों के विकास में भी कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।

10 करोड़ 50 लाख रुपये के विकास कार्यों की घोषणाएं

शिविर में विधायक डॉ. पांडेय ने ग्राम बामनघाटी से जाम्बूडाबरा तक ब्रिज सहित डामरीकृत सड़क निर्माण के लिए मुख्यमंत्री को 7 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजने की जानकारी दी। वहीं ग्राम आंबा से दौलतपुर तक डामरीकृत सड़क निर्माण के लिए 3 करोड़ 37 लाख रुपये के प्रस्ताव की घोषणा की। बामनघाटी में सार्वजनिक चबूतरा निर्माण हेतु 50 हजार रुपये, लांबाखोरा में माताजी मंदिर के पास विद्युत ट्रांसफार्मर स्थापना, जाम्बूडाबरा प्राथमिक विद्यालय मरम्मत के लिए 50 हजार रुपये, सांस्कृतिक शेड निर्माण के लिए 5 लाख रुपये, बखतपुरा एवं माता की धार के प्राथमिक विद्यालयों में मरम्मत कार्य हेतु 25-25 हजार रुपये तथा मऊड़ीखेड़ा (उम्मेदपुरा) में शांतिवन शेड निर्माण की घोषणा की गई। साथ ही आवश्यकतानुसार पेयजल टैंकर उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया।

समस्याओं के निराकरण हेतु दिए निर्देश

विधायक डॉ. पांडेय ने बामनघाटी में नलकूप में मोटर स्थापित करने, लांबाखोरा में आंतरिक मार्ग एवं पुलिया निर्माण का प्राक्कलन तैयार करने, नवीन नलकूप खनन एवं पुराने नलकूपों की मरम्मत, ट्रांसफार्मर स्थापना, जाम्बूडाबरा में शांतिवन शेड निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने, बखतपुरा-पंथवारी मार्ग का निरीक्षण करने तथा बखतपुरा में आंगनवाड़ी के अतिरिक्त कक्ष का प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही गढ़ीनाल में नवीन डीपी स्थापना, माता की धार से गढ़ीनाल तक ग्रेवल सड़क निर्माण, भूरीघाटी में क्षतिग्रस्त विद्युत केबल सुधार, अचलपुरा में शांतिवन शेड का अपूर्ण कार्य पूर्ण कराने, आंगनवाड़ी की पेयजल व्यवस्था सुधारने, कुण्डाल में टूटे विद्युत तारों की मरम्मत तथा मऊड़ीखेड़ा (उम्मेदपुरा) में प्राथमिक विद्यालय, हेडपंप एवं नलकूप की मरम्मत के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

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समान नागरिक संहिता पर सुझाव लेने के लिए उच्च स्तरीय समिति की बैठक 4 जून को

सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में सुझाव एवं विचार प्राप्त करने के लिए राज्य शासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक 4 जून को मेडीकल कॉलेज के सभाकक्ष मे आयोजित की जाएगी। समिति में उज्जैन के प्रोफेसर डॉ. गोपाल शर्मा तथा इंदौर की शोभा पैठनकर सदस्य के रूप में शामिल हैं। समिति का गठन सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत किया गया है तथा इसका समन्वय सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा किया जा रहा है।

मेडिकल कॉलेज में 4 जून को प्रातः 11 बजे आयोजित बैठक में जिले के सांसद, विधायक, मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, शांति समिति के सदस्य, रेडक्रॉस सोसायटी के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, कानूनविद, अभिभाषक संघ के सदस्य, राजनीति विज्ञान एवं समाजशास्त्र के प्राध्यापक,मीडिया प्रतिनिधि सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक आमंत्रित रहेंगे।

बैठक में समिति के सदस्य उपस्थितजनों से समान नागरिक संहिता के संबंध में सुझाव एवं विचार प्राप्त किये जायेंगे। प्राप्त सुझाव राज्य शासन स्तर पर प्रेषित किये जायेंगे ।

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पेयजल आपूर्ति में कोई कमी न रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सूखे पेयजल स्रोतों की करायें जांच, नल जल योजनाएं बिना किसी बाधा के हो संचालित केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से राज्य शासन को मिलेंगे 5 हजार करोड़ रुपये जल स्रोतों के लिए टयूबवेल पर ही न रहें आश्रित, तालाब से जल संग्रहण और रिचार्जिंग दोनों में आसानी मार्च 2028 से पहले जल जीवन मिशन होगा कम्पलीट मध्यप्रदेश बना बोरवेल अधिनियम बनाने वाला देश का पहला राज्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नागरिकों को समुचित पेयजल आपूर्ति हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नागरिकों को पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। गर्मी के मौसम और बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था की सतत् निगरानी की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि जहां जैसी आवश्यकता हो, वहां वैसी त्वरित व्यवस्थाएं की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में जल अभाव की स्थिति बन रही है, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू कर पानी उपलब्ध कराया जाए। बैठक में पीएचई की मैदानी योजनाओं एवं पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पत्तिया उइके ने बताया कि विभाग तेजी से अपनी लक्ष्य पूर्ति की ओर बढ़ रहा है। मार्च 2028 से पहले प्रदेश में हर घर नल से जल के उद्देश्य से जल जीवन मिशन का काम पूरा कर लिया जायेगा। मिशन का 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। उज्जैन राजस्व संभाग सहित प्रदेश के 11 जिलों में जल जीवन मिशन का शत् प्रतिशत कार्य हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शत-प्रतिशत कार्य करने वाले ऐसे गांवों/ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन/सम्मानित किया जाये, जिन्होंने बेहतर तरीके से नल जल योजनाओं का संचालन/संधारण किया। मंत्री श्रीमती उइके ने बताया कि बोरवेल में गिरने से होने वाली आकस्मिक दुर्घटनाओं/मृत्यु को रोकने के लिए प्रदेश में बोरवेल अधिनियम बनाया गया है। ऐसा अधिनियम बनाने वाला मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है। उन्होंने विभागीय संरचना और गतिविधियों को अधिक बेहतर बनाने के लिए विभाग के सिविल विंग, मैकेनिकल विंग और जल निगम को एकीकृत करने का सुझाव दिया। मंत्री श्रीमती उइके बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान- 2026 में डिंडोरी और मंडला जिले में 8 हजार से अधिक एकल ग्राम नल जल योजनाओं पर काम पूरा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि इस काम को श्कर्म स्थान से जन्म स्थान की ओरश् अवधारणा से जोड़ा जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में जल आपूर्ति व्यवस्था एवं अधोसंरचनात्मक विकास के लिए केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से तत्काल समन्वय करें। केन्द्र सरकार से मध्यप्रदेश को जल जीवन मिशन अन्तर्गत लगभग 5 हजार करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त होना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल ने मध्यप्रदेश को यह आवंटन जारी करने की सहमति दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से राज्य में ऐसा मैकेनिज्म तैयार करने को कहा जिससे कि सभी नलजल योजनाएं बिना किसी बाधा के संचालित होती रहे। उन्होंने कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जल बचाने वाले और इस पुनीत कार्य में सहयोग देने वालों का राज्य एवं जिला स्तर पर सम्मान कार्यक्रम आयोजित करें। बताया गया कि विभाग द्वारा जल महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसमें प्रदेश में एकल एवं समूह नल जल योजना के संचालन एवं प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल महोत्सव कार्यक्रम को जल गंगा संर्वधन अभियान के साथ जोड़ने और जल बचाने के लिए अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। जल गंगा संर्वधन अभियान के तहत विभाग द्वारा ग्रामीण, शहरी एवं स्कूलों में स्थापित जल स्रोतों की वाटर टेस्टिंग की जा रही है। साथ ही हैंडपंपों की जांच एवं नल जल योजना के ऑपरेटर्स को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल स्रोतों के लिए पीएचई केवल टयूबवेल जैसे माध्यम पर ही आश्रित न रहे। जल स्रोत के रूप में तालाब सरोवर निर्माण से कई लाभ होंगे। इससे जल संरक्षण के साथ जल स्तर में वृद्धि होगी। क्षेत्र में वॉटर रिचार्जिंग बढ़ेगी। जल संग्रहण क्षमता बढ़ने के साथ ही नल-जल योजना के संचालन के लिए स्थायी जल संरचना भी उपलब्ध हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कार्य में म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिसर (मैपकास्ट) की विशेषज्ञ सेवाओं का भी लाभ लें। प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री मनीष सिंह ने बताया कि विभागीय स्तर पर पेयजल आपूर्ति की गहन मॉनीटरिंग की जा रही है। प्रदेश के ग्रामीण अंचलों के साथ ही नगरीय क्षेत्रों में भी पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया गया है। पेयजल आपूर्ति में आ रही समस्या की सूचना मिलते ही उसे तत्काल दूर किया जा रहा है। पेयजल से निर्माण कार्य करने वालों पर सख्ती की जा रही है। उन्होंने बताया कि म.प्र. जल निगम के समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं के संचालन एवं संधारण खर्चे को कम करने के लिए प्रदेश में सौर ऊर्जा एवं पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित की जा रही हैं। पीएचई सोलर एण्ड विंड एनर्जी का बल्क यूजर है। प्रमुख सचिव श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश में दिसम्बर 2023 से अब तक 16.50 लाख से अधिक क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन दिये गये, साथ ही 15 हजार 238 नवीन नलकूप/हैंडपंप भी स्थापित किये गये। प्रदेश के 14 हजार 200 गांवों में जल प्रदाय व्यवस्था का शत् प्रतिशत काम पूरा कर इन्हें हर घर जल घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 1 करोड़ 11 लाख से अधिक परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के करीब 75 प्रतिशत परिवारों को नल से जल के तहत कवर कर लिया गया है। म.प्र. जल निगम के प्रबंध संचालक श्री वी.एस. कोलसानी ने बताया कि उज्जैन राजस्व संभाग की एकल ग्राम नल जल योजनाओं के काम पूरे कर लिये गये है। यहां 7 लाख 9 हजार 65 परिवारों को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन दे दिए गये है। प्रदेश की 155 प्रयोगशालाओं को एनएबीएल से प्रमाणित करा लिया गया है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं की उपयोगिता के आंकलन और हितग्राहियों से शिकायतें/सुझाव प्राप्त कर उनका निराकरण करने के लिए ऑनलाइन जल दर्पण पोर्टल भी तैयार किया गया है। उन्होंने बताया गया कि विभाग में प्रचलित प्रमुख विकास योजनाओं के लिए वर्ष 2026-27 के लिए 5 हजार करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। जल जीवन मिशन का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। जल जीवन मिशन 2.0 की तैयारी की जा रही है। विभाग में रिक्त पदों की भर्ती भी तेजी से की जा रही है। विभागीय कार्यों में गुणवत्ता एवं सेवाओं में सुधार के लिए डिजिटल माध्यम से जल प्रदाय की मॉनिटरिंग, एकल नल जल योजनाओं आई.ओ.टी. सेंसर्स लगाने तथा राज्य एवं जिला स्तर पर एक कमांड एण्ड कंट्रोल सेन्टर की स्थापना का प्रस्ताव दिया है। अक्टूबर 2026 में जल उत्सव आयोजित किया जायेगा। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव (वित्त) श्री मनीष रस्तोगी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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सफलता की कहानी रतलाम के राघव चौधरी का जापान के सकूरा साइंस प्रोग्राम के लिए चयन

नवाचार से बच सकती हैं कई अस्थमा मरीजो की जाने

भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, नई दिल्ली द्वारा ’इंस्पायर अवार्ड मानक योजना 2026’ के तहत मध्यप्रदेश शासन का नेतृत्व रतलाम जिले के प्रतिभाशाली छात्र राघव चौधरी द्वारा किया जाएगा। राघव चौधरी ने अपनी अभिनव सोच और वैज्ञानिकदृष्टिकोण से एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राघव का चयन जापान के प्रतिष्ठित सकूरा साइंस प्रोग्राम के तहत जापान में सहभागिता हेतु हुआ है। यह अवसर उन्हें उनके नवाचार एडवांस इनहेलर ट्रैकिंग सिस्टम के लिए मिला है, जिसका उद्देश्य अस्थमा मरीजों को आपातकालीन स्थिति में समय पर इनहेलर उपलब्ध कराना है।

राघव ने बताया कि वर्ष 2022 में कक्षा 8वीं के दौरान उन्होने इस प्रोजेक्ट को विकसित किया था। यह स्मार्ट सिस्टम आईआर सेंसर, एलईडी इंडिकेटर, सायरन और ट्रैकिंग तकनीक से लैस है, जिसकी सहायता से मरीज अंधेरे में या कहीं छिपे हुए इनहेलर को आसानी से खोज सकते हैं। डिवाइस में मोबाइल ऐप आधारित नोटिफिकेशन सुविधा भी है, जो इनहेलर के निर्धारित रेंज से बाहर जाने पर तुरंत सूचना देती है।

राघव ने बताया कि प्रतियोगिता में जिला स्तर पर चयनित शीर्ष 10 नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर भेजा जाता है, जहां उनके उपयोग, प्रभाव और नवाचार क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है। उत्कृष्ट परियोजनाओं को राष्ट्रीय विजेता घोषित किया जाता है, जबकि कुछ को अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए चुना जाता है।

राघव 28 जून से 4 जुलाई 2026 तक जापान में आयोजित सकुरा साइंस एक्सचेंज प्रोग्राम में भाग लेंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करेगें। इस दौरान उन्हें नई वैज्ञानिक तकनीकों को समझने और अंतरराष्ट्रीय स्तर के नवाचारों से सीखने का अवसर मिलेगा।

इस उपलब्धि पर कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने राघव को शुभकामनाएं देते हुए अन्य विद्यार्थियों को भी नवाचार और शोध गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। राघव का यह नवाचार विशेष रूप से वृद्ध और गंभीर अस्थमा मरीजों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। कई बार अस्थमा अटैक के दौरान कुछ सेकंड ही महत्वपूर्ण होते हैं और ऐसे समय में इनहेलर का तुरंत मिलना जीवनरक्षक साबित हो सकता है। राघव की यह सफलता न केवल रतलाम जिले, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है और युवाओं को विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है ।

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